"शुभ रात्रि, मंगलवार मुबारक हो"-चमक में गर्माहट ☕️🕯️

Started by Atul Kaviraje, October 28, 2025, 09:04:56 PM

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Atul Kaviraje

"शुभ रात्रि, मंगलवार मुबारक हो"

टिमटिमाती मोमबत्ती के पास एक कप गर्म चाय

चमक में गर्माहट ☕️🕯�

(टिमटिमाती मोमबत्ती के बगल में एक गर्म चाय का कप)

शीर्षक: चमक में गर्माहट ☕️🕯�

चरण १
कमरा मंद है, रात करीब है, परछाइयों को हटाता है, डर को भगाता है। 🌙
एक कोमल, छोटी लौ नाचने लगती है,
एक आरामदायक, शांत, सौम्य अवसर। 🔥

चरण २
बत्ती के बगल में, एक कप रखा है,
एक साधारण स्वाद जिसका स्वागत किया जाता है। ☕️
गहरा तरल, एक आरामदायक दृश्य,
फीकी पड़ रही रोशनी में गर्मी का एक स्रोत। 🍵

चरण ३
मोमबत्ती टिमटिमाती है, तेज़ और धीमी,
यह चाय के कप को धीरे से चमकाती है। ✨
नाचता हुआ प्रकाश, एक प्यारा दोस्त,
जब तक शांत रात खत्म न हो जाए। 🤫

चरण ४
उठती हुई भाप, एक धुंधली आह,
ऊपर तैरते तारों को दर्शाती है। 💨
चाय की मीठी महक, एक कोमल मरहम,
सभी नुकसानों से एक शांतिपूर्ण आश्रय। 😌

चरण ५
हाथ को सिरेमिक की गर्माहट,
इस भूमि में सबसे शांत खुशी। 🖐�
बाहर की दुनिया भाग-दौड़ कर सकती है,
लेकिन इस स्थान के भीतर स्थिरता का राज है। 🧘�♀️

चरण ६
एक पल कैद, जहाँ विचार स्पष्ट हैं,
हर गुजरते डर को दूर करते हुए। 🧠
घूंट से आत्मा तक गर्माहट उतरती है,
आंतरिक अस्तित्व को संपूर्ण बनाने के लिए। 💖

चरण ७
मोमबत्ती झुकती है, चाय खत्म हो गई है,
एक शांत जीत हासिल हुई है। 🏆
हम आग को संजोते हैं, हम चाय को संजोते हैं,
और ऐसी और शांति होने की आशा करते हैं। 🙏

--अतुल परब
--दिनांक-28.10.2025-मंगळवार.
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