👑 महाराजा यशवंतराव होलकर पुण्यदिन:-🌸 कविता: 'यशवंत की गर्जना' 🌸

Started by Atul Kaviraje, October 29, 2025, 10:53:10 AM

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Atul Kaviraje

👑 महाराजा यशवंतराव होलकर पुण्यदिन: 'भारत का नेपोलियन' और ब्रिटिश भय का प्रतीक ⚔️

'एकमात्र शासक जिसके साथ अंग्रेज हर हाल में बिना शर्त समझौता करने को तैयार थे।'

🌸 हिंदी कविता: 'यशवंत की गर्जना' 🌸

चरण   कविता (4 पंक्तियाँ)   हिंदी अर्थ

01   28 अक्टूबर का दिन है, आज, (🗓�)
यशवंतराव का अमर हुआ ताज। (👑)
भानपुरा की माटी रोई, (😥)
जिसकी शक्ति कभी न खोई। (⚔️)   आज 28 अक्टूबर का दिन है, जब महाराजा यशवंतराव का नाम अमर हो गया। भानपुरा की धरती आज शोकाकुल है, जहाँ एक ऐसी शक्ति का अंत हुआ जो कभी पराजित नहीं हुई थी।

02   भारत का नेपोलियन कहलाए, (🦁)
अंग्रेजों को नींद न आए। (🇬🇧)
18 बार रण में हराया, (🎯)
सबको शौर्य का पाठ पढ़ाया। (🌟)   उन्हें 'भारत का नेपोलियन' कहा गया, जिनके भय से अंग्रेज चैन से सो न सके। उन्होंने 18 बार युद्ध के मैदान में दुश्मनों को हराया, और सबको वीरता का पाठ सिखाया।

03   मराठा एकता का लिया स्वप्न, (🤝)
पर अपनों ने तोड़ा वह प्रण। (💔)
सिंधिया और पेशवा से लड़े, (💥)
संकट में भी वो खड़े। (🇮🇳)   उन्होंने मराठा सरदारों की एकता का सपना देखा था, पर उनके ही लोगों ने वह संकल्प तोड़ दिया। सिंधिया और पेशवा से भी युद्ध किया, पर संकट में भी वे डटे रहे।

04   हडपसर में दीवाली थी, (🎊)
विजय की वहाँ लाली थी। (🚩)
पेशवा और सिंधिया को मारा, (💪)
यश की पताका फैलाया सारा। (🏆)   हडपसर के युद्ध में दीवाली का त्योहार था, वहाँ जीत की खुशी छाई थी। पेशवा और सिंधिया की सेना को पराजित किया, और अपने यश की पताका सब जगह फैलाई।

05   ज्ञान की थी उनके पास ज्योति, (📚)
सैन्य बल में भी थे मोती। (💎)
फारसी, मराठी सब जाने, (📝)
शासक ऐसे दुर्लभ माने। (💡)   उनके पास ज्ञान की भी ज्योति थी, और वे सैन्य बल में भी अनमोल थे। वे फारसी, मराठी जैसी भाषाओं में निपुण थे — ऐसे शासक दुर्लभ मिलते हैं।

06   लगातार परिश्रम किया दिन-रात, (🚧)
छोड़ा नहीं स्वदेश का साथ। (🕊�)
थक कर भी न माने हार, (😥)
किया जीवन देश पर वार। (💖)   उन्होंने दिन-रात लगातार परिश्रम किया, और अपने देश का साथ नहीं छोड़ा। थकने के बाद भी हार नहीं मानी, और अपना जीवन राष्ट्र पर बलिदान कर दिया।

07   आज है उनका पुण्यस्मरण, (🕰�)
कोटि-कोटि मेरा नमन। (🙇)
उनका साहस हमें जगाए, (🔥)
राष्ट्रप्रेम की राह दिखाए। (🛣�)   आज उनका पुण्यस्मरण दिवस है, उन्हें मेरा कोटि-कोटि नमन है। उनका साहस हमें प्रेरित करे, और राष्ट्रप्रेम के मार्ग पर चलने की दिशा दिखाए।

--अतुल परब
--दिनांक-28.10.2025-मंगळवार.
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