रासलीला: कान्हा का गरबा और गोपियों का आनंद 💃🕺

Started by Atul Kaviraje, October 30, 2025, 04:48:58 PM

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Atul Kaviraje

रासलीला: कान्हा का गरबा और गोपियों का आनंद 💃🕺

पहला पद:
गरबा खेल रहे हैं लीला से "गोपाल", 💃
गोपियों के साथ रम रहे हैं "कृष्ण" के खेल। ✨
धूप ढल गई, रात फैल गई, 🌙
देखते ही थम गया यहीं पर समय। ⏳
अर्थ: गोपाल (श्रीकृष्ण) लीलापूर्वक गरबा खेल रहे हैं। गोपियों के साथ कृष्ण का खेल खूब रंग जमा रहा है। सूरज ढल गया है और रात फैल गई है, इस दृश्य को देखने के लिए समय भी यहीं पर थम गया है।

दूसरा पद:
कान्हा के हाथों में, मुरली की ध्वनि, 🎶
हर स्वर में, प्रेम का स्वाद। 💖
मनमोहक रूप से, सबको लुभाया, 🥰
गोपियों के मन में, आनंद हुआ दुगना। 😄
अर्थ: कान्हा के हाथों में मुरली की मधुर ध्वनि है। हर स्वर में प्रेम का मीठा स्वाद है। अपने मनमोहक रूप से उन्होंने सबको मोहित कर लिया है, जिससे गोपियों के मन में आनंद दोगुना हो गया है।

तीसरा पद:
यमुना तट पर, वृंदावन में, 🌳
रास-रंग की, वो दिव्य कांति। ✨
गोल घूमती, गोपियां चारों ओर, 👯�♀️
कान्हा नाचते, उनके संग। 🕺
अर्थ: यमुना नदी के किनारे, वृंदावन में, रासलीला की वह दिव्य शोभा दिखाई दे रही है। गोपियां कृष्ण के चारों ओर गोल घूम रही हैं और कान्हा उनके साथ नाच रहे हैं।

चौथा पद:
थकी ना कोई, ना आए ऊब, 🤸�♀️
रात का खेल, चले वो अनोखा। 🌙
दिन निकल आए, फिर भी ना रुके, ☀️
प्रेम के बंधन में, सब ही रम गए। 💞
अर्थ: कोई थकता नहीं, किसी को ऊब नहीं आती। रात का वह खेल निराला ही चलता रहता है। दिन निकल आता है फिर भी वह नहीं रुकता; प्रेम के इस बंधन में सभी रम गए हैं।

पांचवां पद:
प्यार भरा स्पर्श, आलिंगन में ले, 🤗
हर गोपी को, आनंद दे। 😊
राधा की आँखों में, कान्हा ही दिखे, 👀
उसके प्रेम में, वो तल्लीन रहे। 😍
अर्थ: कृष्ण प्रेम से स्पर्श करते हैं, गले लगाते हैं और हर गोपी को आनंद देते हैं। राधा की आँखों में सिर्फ कान्हा ही दिखता है, वह उसके प्रेम में पूरी तरह से लीन रहती है।

छठा पद:
इन लीलाओं से, भक्ति बढ़े, 📈
जीवन में शांति, संतोष मिले। 🕊�
कृष्ण-भजन से, मन शांत हो, 🧘
संसार का तनाव, दूर भाग जाए। 🌬�
अर्थ: इन लीलाओं से भक्ति बढ़ती है और जीवन में शांति व संतोष मिलता है। कृष्ण-भजन से मन शांत होता है और संसार का तनाव दूर भाग जाता है।

सातवां पद:
युगों-युगों की यह, अमिट गाथा, 📖
भक्तों के हृदय में, मीठी अमृत। 🍯
तुम्हारे दर्शन से, जीवन पावन, ✨
कान्हा, तुम ही हमारे, प्यारे सावन। 🙏
अर्थ: यह युगों-युगों की कभी न समाप्त होने वाली मीठी कहानी है, जो भक्तों के हृदय में मीठे अमृत जैसी है। तुम्हारे दर्शन से हमारा जीवन पवित्र हो जाता है। हे कान्हा, तुम ही हमारे प्यारे (सुखदायक) सावन हो (सावन का महीना जैसे आनंद देता है)।

--अतुल परब
--दिनांक-29.10.2025-बुधवार.
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