"शुभ दोपहर, शुभ गुरुवार मुबारक हो"-शाम की ज्वलंत चित्रकला 🌄🔥

Started by Atul Kaviraje, October 30, 2025, 11:34:06 PM

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Atul Kaviraje

"शुभ दोपहर, शुभ गुरुवार मुबारक हो"

एक रंगीन सूर्यास्त बनने लगा है

शाम की ज्वलंत पेंटिंग 🌄🔥

(बनना शुरू होता एक रंगीन सूर्यास्त)

शीर्षक: शाम की ज्वलंत चित्रकला 🌄🔥

चरण १
व्यस्त दिन फीका पड़ने लगता है,
एक शांत वादा अब किया जाता है। 🌅
पश्चिमी आकाश, एक विशाल कैनवास,
एक अंतिम चमत्कार करीब है पास। 🖼�

चरण २
सूरज स्थिर सुन्दरता से नीचे उतरता है,
और अपने निशान पर एक लाली छोड़ता है। 💖
बादल आग पकड़ते हैं, नरम और गहरे,
जैसे थका हुआ संसार सोने लगता है, सुनहरे। 😴

चरण ३
सबसे पहले, गुलाबी और नारंगी रंग,
एक मधुर, गर्म और प्यारा दृश्य। 🧡
फिर बैंगनी रंग फैलने लगते हैं,
सिर के ऊपर एक शाही कंबल। 💜

चरण ४
बिखरा हुआ प्रकाश, एक सुनहरी चादर,
हर रंग को शुद्ध और मीठा बनाता है। ✨
आग के लाल से कोमल गुलाब तक,
आसमान अपनी जीवंत सुंदरता दिखाता है अब। ❤️

चरण ५
इमारतें शानदार किरण को पकड़ती हैं,
दिन की समाप्ति को चिह्नित करती हैं। 🏢
परछाइयाँ लंबी होती हैं, ठंडी और विशाल,
एक पल जिसे हम चाहते हैं कि रहे खुशहाल। ⏳

चरण ६
कोई ब्रश या रंग कभी दावा नहीं कर सकता,
इस रंग, प्रकाश और लौ से मेल खाने का। 🎨
प्रकृति द्वारा खींची गई एक कलाकृति,
शाम और भोर के बीच की एक कृति। 🌍

चरण ७
आखिरी उज्जवल चिंगारी फीकी पड़ने लगती है,
एक शांतिपूर्ण स्मृति बन जाती है। 🙏
हम अंधेरे को रंग को गले लगाते हुए देखते हैं,
और ताज़े, नए सूर्योदय का इंतजार करते हैं। 🌙

--अतुल परब
--दिनांक-30.10.2025-गुरुवार.
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