कूष्मांडा/आवळा नवमी: आरोग्य आणि सृष्टीच्या ऊर्जेचा सण-'आरोग्य की नवमी'

Started by Atul Kaviraje, October 31, 2025, 11:31:32 AM

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Atul Kaviraje

कूष्मांडा/आवळा नवमी: आरोग्य आणि सृष्टीच्या ऊर्जेचा सण-

हिंदी कविता: 'आरोग्य की नवमी'

१. प्रथम चरण 🌟

लेखन:
कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी, लेकर अक्षय फल आई।
माँ कूष्मांडा की शक्ति से, सृष्टि ने शोभा पाई।
मंद मुस्कान से जन्मा ब्रह्मांड, जग को राह दिखाई।
वृक्ष आंवला पूजो आज, जहाँ देवों की परछाई।

हिंदी अर्थ:
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी का दिन, जो कभी न समाप्त होने वाला फल लेकर आया है।
माँ कूष्मांडा की शक्ति से ही इस सृष्टि को सुंदरता मिली है।
उनकी हल्की-सी मुस्कान से ही ब्रह्मांड का जन्म हुआ।
आज आंवला वृक्ष की पूजा करो, जहाँ सभी देवी-देवताओं का वास है।

२. द्वितीय चरण 🐯

लेखन:
अष्टभुजा माँ सिंह पर बैठी, हाथों में अमृत कलश।
तेज से उनके सूर्य चमकता, हर लेती जग का क्लेश।
साधक को देतीं बुद्धि और बल, मिटातीं हर अंदेश।
इनकी कृपा से ही जीवन में, आता है नया परिवेश।

हिंदी अर्थ:
आठ भुजाओं वाली माँ दुर्गा सिंह पर विराजमान हैं, उनके हाथों में अमृत से भरा कलश है।
उनके तेज से ही सूर्य चमकता है, और वे संसार के सभी दुखों को हर लेती हैं।
वे भक्तों को बुद्धि और शक्ति देती हैं और हर चिंता को दूर करती हैं।
इनकी कृपा से ही जीवन में नया और सुंदर माहौल आता है।

३. तृतीय चरण 🌳

लेखन:
आंवला वृक्ष के नीचे आज, लगती है खुशियों की हाट।
पूजा करके परिक्रमा करते, खुलते हैं किस्मत के पाट।
भगवान विष्णु का वास है इसमें, मिलती है सीधी राह।
आरोग्य का वरदान मिले, दूर हों सारे संकट-बाठ।

हिंदी अर्थ:
आज आंवला वृक्ष के नीचे खुशियों का मेला लगा है।
पूजा करके परिक्रमा करने से भाग्य के द्वार खुल जाते हैं।
इस वृक्ष में भगवान विष्णु निवास करते हैं, जिससे जीवन में सही रास्ता मिलता है।
हमें स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिले और सभी संकट दूर हों।

४. चतुर्थ चरण 🎁

लेखन:
अक्षय पुण्य कमाओ प्यारे, दान का कर लो संकल्प।
अन्न और वस्त्रों का दान करो, फल पाओगे अतुल्य।
पाप-ताप सब दूर हो जाएँ, न रहे मन में कोई म्लान।
यह नवमी देती है हमको, शाश्वत जीवन का ज्ञान।

हिंदी अर्थ:
हे प्रिय, कभी न खत्म होने वाला पुण्य कमाओ, दान करने का संकल्प लो।
अनाज और कपड़ों का दान करो, जिसका फल तुम्हें अद्वितीय मिलेगा।
सारे पाप और दुख दूर हो जाएँ, और मन में कोई उदासी न रहे।
यह नवमी हमें शाश्वत (हमेशा रहने वाले) जीवन के ज्ञान का पाठ पढ़ाती है।

५. पंचम चरण ☀️

लेखन:
तेज तुम्हारा जगत को पाले, सूर्य को शक्ति देती हो।
अंधकार के भय से हमको, हर पल मुक्ति देती हो।
कूष्मांडा माँ नाम तुम्हारा, सब कष्टों को हरती हो।
रचना करके ब्रह्मांड की, तुम ही पालन करती हो।

हिंदी अर्थ:
हे माँ! तुम्हारा तेज पूरे संसार का पालन करता है, तुम सूर्य को भी शक्ति देती हो।
हमें अंधकार के भय से हर पल मुक्ति देती हो।
हे कूष्मांडा माँ, तुम्हारा नाम ही सारे दुखों को हरने वाला है।
ब्रह्मांड की रचना करके, तुम ही इसका पालन-पोषण भी करती हो।

६. षष्ठम चरण 🌱

लेखन:
खाओ आंवला, पूजा करके, रोग-दोष सब हों दूर।
जीवन में आए सुख-समृद्धि, मिट जाए हर कसूर।
प्रकृति की पूजा का अवसर है, मन में भरा है नूर।
सच्चे हृदय से माँ को पूजो, सारे अरमान हों पूरे।

हिंदी अर्थ:
पूजा करने के बाद आंवला खाओ, ताकि सभी रोग और दोष दूर हो जाएँ।
जीवन में सुख-समृद्धि आए और हर गलती माफ हो जाए।
यह प्रकृति की पूजा का अवसर है, जिससे मन में तेज भर जाता है।
सच्चे दिल से माँ की पूजा करो, तुम्हारे सारे सपने पूरे होंगे।

७. सप्तम चरण 🙏

लेखन:
वृक्ष लगाओ, जल से सींचो, यही है नवमी का सार।
अच्छे कर्म ही जीवन में, करते हैं सबका उद्धार।
अक्षय फल की महिमा गाओ, करो माँ का जयकार।
कूष्मांडा माँ की जय बोलो, सफल हो जाए संसार।

हिंदी अर्थ:
पेड़ लगाओ और उन्हें पानी से सींचो, यही इस नवमी का मुख्य संदेश है।
अच्छे कर्म ही जीवन में सबका भला करते हैं।
अक्षय फल की महिमा का गुणगान करो, और माँ की जय-जयकार करो।
माँ कूष्मांडा की जय बोलो, जिससे यह संसार सफल हो जाए।

--अतुल परब
--दिनांक-30.10.2025-गुरुवार.
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