अक्षय नवमी (आंवला नवमी) - अनंत पुण्य का पर्व-'आंवला नवमी का वरदान'-

Started by Atul Kaviraje, November 01, 2025, 11:38:21 AM

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Atul Kaviraje

अक्षय नवमी (आंवला नवमी) - अनंत पुण्य का पर्व-

हिंदी कविता: 'आंवला नवमी का वरदान'-

१. प्रथम चरण 🌳

लेखन:
कार्तिक मास की नवमी आई, शुभ दिन है यह बड़ा महान।
आंवला वृक्ष पूजने का, मिला है सबको दिव्य विधान।
जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु, शाखों में शिव करते वास।
इस वृक्ष की छाया में, बसती सुख-समृद्धि की आस।

हिंदी अर्थ:
कार्तिक महीने की नवमी तिथि आ गई है, यह दिन बहुत शुभ और महान है।
आंवले के वृक्ष की पूजा करने का दिव्य विधान सबको मिला है।
वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा, तने में विष्णु और शाखाओं में शिव निवास करते हैं।
इस वृक्ष की छाया में ही सुख और समृद्धि की आशा बसती है।

२. द्वितीय चरण 🕉�

लेखन:
लक्ष्मी-नारायण का वास, इसी पावन दिन होता है।
दान-पुण्य जो सच्चे मन से, अक्षय फल वो बोता है।
स्वर्ण, वस्त्र, अन्न का दान, कर लो आज उदार मन से।
कभी न होगा क्षय पुण्य का, भर जाएगी झोली धन से।

हिंदी अर्थ:
माता लक्ष्मी और भगवान नारायण इसी पवित्र दिन में निवास करते हैं।
जो सच्चे मन से दान-पुण्य करता है, वह कभी न खत्म होने वाला (अक्षय) फल प्राप्त करता है।
सोना, वस्त्र और अन्न का दान आज उदार मन से कर लो।
इस पुण्य का कभी नाश नहीं होगा और तुम्हारी झोली धन से भर जाएगी।

३. तृतीय चरण 💖

लेखन:
महिलाएं करती व्रत पूजन, माँगे अखंड सौभाग्य का दान।
संतान सुख और पति की आयु, बढ़ा दो हे प्रभु बलवान।
आंवले के नीचे जब भोजन, सब मिलकर खाते हैं।
हर एक कण में अमृत जैसा, प्रेम और भक्ति पाते हैं।

हिंदी अर्थ:
महिलाएं व्रत और पूजा करती हैं, और अखंड सौभाग्य का दान मांगती हैं।
हे बलवान प्रभु, हमारी संतान का सुख और पति की आयु बढ़ा दो।
जब सब मिलकर आंवले के पेड़ के नीचे भोजन करते हैं,
तो हर कण में अमृत जैसा प्रेम और भक्ति प्राप्त करते हैं।

४. चतुर्थ चरण 📜

लेखन:
सतयुग का आरंभ हुआ था, कथाएं कहती हैं गुणगान।
वैश्य कन्या को मिला था मुक्ति, नवमी का यह दिव्य विधान।
पापों का होता है शमन, मन होता है शुद्ध पवित्र।
ईश्वर की कृपा बरसती, सुंदर बनता है सबका चित्र।

हिंदी अर्थ:
कथाएं गुणगान करती हैं कि इसी दिन सतयुग का आरंभ हुआ था।
इस नवमी के दिव्य विधान से वैश्य कन्या को मुक्ति मिली थी।
पापों का नाश होता है और मन शुद्ध तथा पवित्र बनता है।
ईश्वर की कृपा बरसती है, और सबका जीवन सुंदर बनता है।

५. पंचम चरण ✨

लेखन:
रवि योग का सुंदर संयोग, वृद्धि योग का शुभ समय।
लक्ष्मी पूजा का अद्भुत पल, शिव की कृपा हर क्षण मिले।
घर में आए सुख और शांति, रोग-दोष सब दूर भगाओ।
जीवन हो मंगलमय सबका, नवमी का आशीष पाओ।

हिंदी अर्थ:
रवि योग का सुंदर संयोग है, और वृद्धि योग का शुभ समय है।
लक्ष्मी पूजा का यह अद्भुत पल है, और हर क्षण शिव की कृपा मिलती है।
घर में सुख और शांति आए, सारे रोग और दोष दूर भाग जाएं।
सबका जीवन मंगलमय हो, नवमी का आशीर्वाद प्राप्त करो।

६. षष्ठम चरण 🌿

लेखन:
आंवला फल अमृत जैसा, रोगों का कर दे संहार।
खाकर इसे निरोगी बनो, पाओ जीवन का सच्चा सार।
वृक्षों का संरक्षण करना, धर्म हमारा ये कहता है।
आंवला नवमी का पर्व हमें, प्रकृति से जुड़ना सिखाता है।

हिंदी अर्थ:
आंवला फल अमृत के समान है, जो रोगों का नाश कर देता है।
इसे खाकर निरोगी बनो, और जीवन का सच्चा सार प्राप्त करो।
वृक्षों का संरक्षण करना हमारा धर्म है, ऐसा यह पर्व कहता है।
आंवला नवमी का पर्व हमें प्रकृति के साथ जुड़ना सिखाता है।

७. सप्तम चरण 🙏

लेखन:
वृंदावन की परिक्रमा भी, कृष्ण ने पूरी की थी आज।
भक्ति भाव से पूजा कर लो, सारे सँवरे बिगड़े काज।
अक्षय नवमी का वरदान, हर पल साथ हमारे हो।
जय लक्ष्मी-नारायण बोलो, जीवन सफल तुम्हारा हो।

हिंदी अर्थ:
भगवान कृष्ण ने भी आज ही के दिन वृंदावन की परिक्रमा पूरी की थी।
भक्ति भाव से पूजा कर लो, तुम्हारे सारे बिगड़े हुए काम सँवर जाएंगे।
अक्षय नवमी का वरदान हर पल हमारे साथ हो।
जय लक्ष्मी-नारायण बोलो, तुम्हारा जीवन सफल हो।

--अतुल परब
--दिनांक-31.10.2025-शुक्रवार.
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