श्रीमती इंदिरा गांधी स्मृति दिवस -'भारत की लौह महिला'-

Started by Atul Kaviraje, November 01, 2025, 11:40:11 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

श्रीमती इंदिरा गांधी स्मृति दिवस - ३१ अक्टूबर, २०२५ (शुक्रवार)-

हिंदी कविता: 'भारत की लौह महिला'-

१. प्रथम चरण 🇮🇳

लेखन:
इकतीस अक्टूबर का दिन है, इतिहास में नाम अमर।
इंदिरा गांधी की यादों का, छाया है आज यह शहर।
भारत की पहली महिला, प्रधानमंत्री का था गौरव।
दृढ़ता और साहस की मूरत, शक्ति का अद्भुत था प्रभाव।

हिंदी अर्थ:
आज ३१ अक्टूबर का दिन है, जो इतिहास में अमर है।
आज इंदिरा गांधी की यादों का माहौल छाया हुआ है।
वह भारत की पहली महिला थीं, जिन्हें प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त हुआ।
वे दृढ़ता और साहस की मूरत थीं, जिनका प्रभाव अद्भुत शक्ति वाला था।

२. द्वितीय चरण 🐅

लेखन:
नेहरू की पुत्री थीं वह, पर अपनी राह स्वयं बनाई।
'लौह महिला' के नाम से, विश्व भर में पहचान पाई।
युद्ध भूमि में शत्रु को, दी उन्होंने करारी मात।
बांग्लादेश का जन्म कराया, बदल दिया भारत का साथ।

हिंदी अर्थ:
वे नेहरू जी की बेटी थीं, लेकिन उन्होंने अपना रास्ता खुद बनाया।
'लौह महिला' के नाम से उन्होंने पूरी दुनिया में पहचान बनाई।
युद्ध के मैदान में उन्होंने दुश्मन को करारी शिकस्त दी।
बांग्लादेश का निर्माण कराया और भारत की दिशा बदल दी।

३. तृतीय चरण 💰

लेखन:
बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर, बदल दी देश की तस्वीर।
'गरीबी हटाओ' का नारा दिया, हर गरीब के बने वह मीर।
प्रिवी पर्स को किया समाप्त, लाईं सामाजिक समता।
भारत को आत्मनिर्भर बनाया, थी उनकी अद्भुत क्षमता।

हिंदी अर्थ:
बैंकों का राष्ट्रीयकरण करके उन्होंने देश की तस्वीर बदल दी।
उन्होंने 'गरीबी हटाओ' का नारा दिया और हर गरीब की मददगार बनीं।
उन्होंने प्रिवी पर्स को समाप्त किया और सामाजिक समानता लाईं।
भारत को आत्मनिर्भर बनाया, यह उनकी अद्भुत क्षमता थी।

४. चतुर्थ चरण ⚛️

लेखन:
पोखरण में परमाणु शक्ति, दुनिया को दिखाई अपनी शान।
हरित क्रांति से देश को दिया, अनाज का अनुपम वरदान।
विज्ञान और विकास की, हर राह पर रखा था ध्यान।
विश्व मंच पर भारत को, दिलवाया उन्होंने सम्मान।

हिंदी अर्थ:
उन्होंने पोखरण में परमाणु शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को अपनी शान दिखाई।
हरित क्रांति के माध्यम से देश को अनाज का अनुपम वरदान दिया।
विज्ञान और विकास के हर रास्ते पर उन्होंने ध्यान दिया।
विश्व मंच पर उन्होंने भारत को सम्मान दिलाया।

५. पंचम चरण ⚔️

लेखन:
राजनीति थी एक रणभूमि, झेले थे कई तूफ़ान।
आपातकाल का निर्णय भी, रहा बड़ा एक इम्तिहान।
संकट के हर दौर में, नहीं छोड़ा था कभी धैर्य।
राष्ट्र की एकता के लिए, किया उन्होंने हर तरह का कार्य।

हिंदी अर्थ:
राजनीति उनके लिए एक रणभूमि थी, जहाँ उन्होंने कई तूफानों का सामना किया।
आपातकाल का निर्णय भी उनके लिए एक बड़ी परीक्षा थी।
संकट के हर दौर में उन्होंने कभी धैर्य नहीं छोड़ा।
राष्ट्र की एकता के लिए उन्होंने हर संभव कार्य किया।

६. षष्ठम चरण 🌸

लेखन:
सुरक्षा के लिए दिया बलिदान, देश को किया अर्पित प्राण।
'शक्ति स्थल' पर आज भी, होता है उनका गुणगान।
एकता की दीवार बनीं, आतंकवाद से ली थी टक्कर।
भारत की अखंडता पर, न दिया कोई भी अवसर।

हिंदी अर्थ:
उन्होंने सुरक्षा के लिए अपना बलिदान दिया, देश के लिए अपने प्राण समर्पित कर दिए।
'शक्ति स्थल' पर आज भी उनका गुणगान किया जाता है।
वे एकता की दीवार बनीं, और उन्होंने आतंकवाद से मुकाबला किया।
भारत की अखंडता पर उन्होंने कोई समझौता नहीं किया।

७. सप्तम चरण 🙏

लेखन:
नमन करें आज उस शक्ति को, जिसने भारत को दिया नया बल।
उनके आदर्शों पर चलकर, दूर करें हर बुराई का छल।
इंदिरा गांधी की स्मृति में, हम सब लें यह संकल्प।
देश की सेवा ही परम धर्म है, यही है जीवन का विकल्प।

हिंदी अर्थ:
आज हम उस शक्ति को नमन करते हैं, जिसने भारत को नई शक्ति दी।
उनके आदर्शों पर चलकर हम हर बुराई के छल को दूर करें।
इंदिरा गांधी की स्मृति में, हम सब यह संकल्प लेते हैं कि देश की सेवा ही हमारा परम धर्म है।
यही जीवन का एकमात्र विकल्प है।

--अतुल परब
--दिनांक-31.10.2025-शुक्रवार.
===========================================