सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती - राष्ट्रीय एकता दिवस-'एकता का लौह पुरुष'-

Started by Atul Kaviraje, November 01, 2025, 11:40:58 AM

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Atul Kaviraje

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती - राष्ट्रीय एकता दिवस-

हिंदी कविता: 'एकता का लौह पुरुष'-

१. प्रथम चरण 🇮🇳

लेखन:
इकतीस अक्टूबर शुभ दिन है, सरदार पटेल की जयंती।
राष्ट्रीय एकता दिवस है यह, देश की यही है शक्ति।
नाडियाड की माटी से जन्मे, बने भारत के वह मान।
देश को एक किया उन्होंने, उनका है यह महान बलिदान।

हिंदी अर्थ:
३१ अक्टूबर का दिन शुभ है, आज सरदार पटेल की जयंती है।
यह राष्ट्रीय एकता दिवस है, यही देश की असली शक्ति है।
नाडियाड की धरती पर जन्मे पटेल भारत के गौरव बने।
उन्होंने देश को एकजुट किया, यह उनका महान योगदान है।

२. द्वितीय चरण 🗿

लेखन:
विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा, खड़ी है उनकी आज शान से।
'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' कहलाती, भरी है राष्ट्र की जान से।
लोहा बनकर देश को जोड़ा, दिया हर रियासत को आकार।
इतिहास ने नाम लिखा उनका, वह थे कूटनीति के सरदार।

हिंदी अर्थ:
विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा आज उनकी शान से खड़ी है।
वह 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' कहलाती है, जिसमें राष्ट्र की आत्मा भरी है।
उन्होंने लोहे की तरह देश को जोड़ा, और हर रियासत को भारत का स्वरूप दिया।
इतिहास ने उनका नाम लिखा है, वह कूटनीति के महान नेता थे।

३. तृतीय चरण 🗺�

लेखन:
पांच सौ से अधिक रियासतें, चुनौती थी बड़ी विकराल।
पटेल ने अपनी सूझ-बूझ से, बदल दिया देश का हाल।
हैदराबाद और जूनागढ़ को, मिलाया भारत की धारा में।
अखंड भारत का सपना पूरा, किया उन्होंने इस धरा में।

हिंदी अर्थ:
पाँच सौ से अधिक रियासतों को एक करना एक बड़ी और भयानक चुनौती थी।
पटेल ने अपनी समझदारी से देश की स्थिति बदल दी।
हैदराबाद और जूनागढ़ को उन्होंने भारत की मुख्यधारा में मिलाया।
उन्होंने इस धरती पर अखंड भारत का सपना पूरा किया।

४. चतुर्थ चरण 🧑�🌾

लेखन:
बारडोली की माटी ने, दी थी 'सरदार' की उपाधि।
किसानों के हित में लड़े थे, मिटा दी उनकी हर व्याधि।
कृषि और गरीब के सच्चे हितैषी, उनकी आवाज़ बने।
हर शोषक और अत्याचारी के, सामने वह सदा तने।

हिंदी अर्थ:
बारडोली की धरती ने ही उन्हें 'सरदार' की उपाधि दी थी।
वह किसानों के हित में लड़े, और उनकी हर समस्या को मिटा दिया।
वह खेती और गरीबों के सच्चे समर्थक थे, और उनकी आवाज़ बने।
हर शोषक और अत्याचारी के सामने वह हमेशा डटकर खड़े रहे।

५. पंचम चरण 🖋�

लेखन:
सिविल सेवाओं के जनक वह, 'स्टील फ्रेम' बनाया खास।
प्रशासनिक मजबूती से, किया देश को हर पल रास।
गृह मंत्री की ज़िम्मेदारी, निभाई बड़े ही जोश से।
कानून-व्यवस्था को साधा, दृढ़ता के पूरे होश से।

हिंदी अर्थ:
वह सिविल सेवाओं के जनक थे, उन्होंने 'स्टील फ्रेम' (प्रशासनिक ढाँचा) विशेष रूप से बनाया।
प्रशासनिक मजबूती से उन्होंने देश को हर पल सफल बनाया।
उन्होंने गृह मंत्री की ज़िम्मेदारी बड़े जोश से निभाई।
पूरे होश और दृढ़ता से उन्होंने कानून-व्यवस्था को संभाला।

६. षष्ठम चरण 🔗

लेखन:
एकता का पाठ सिखाया, भाईचारे का दिया संदेश।
जात-पात के बंधन तोड़े, था एक ही उनका उद्देश्य।
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का, सपना उन्होंने था देखा।
देश की सेवा के पथ पर, खींची थी एक अमिट रेखा।

हिंदी अर्थ:
उन्होंने एकता का पाठ सिखाया और भाईचारे का संदेश दिया।
उन्होंने जाति-पात के बंधन तोड़ दिए, उनका एक ही लक्ष्य था।
उन्होंने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का सपना देखा था।
देश की सेवा के मार्ग पर उन्होंने एक ऐसी रेखा खींची जो कभी मिट नहीं सकती।

७. सप्तम चरण 🙏

लेखन:
नमन है उस लौह पुरुष को, जिसके दम पर देश खड़ा।
संकल्प लें हम आज मिलकर, रहे तिरंगा सबसे बड़ा।
पटेल के आदर्शों को अपनाएं, भारत को और मजबूत करें।
राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ लें, उनके स्वप्न को हम पूरा करें।

हिंदी अर्थ:
आज हम उस लौह पुरुष को नमन करते हैं, जिसके दम पर देश खड़ा हुआ।
हम आज संकल्प लें कि तिरंगा हमेशा सबसे बड़ा रहेगा।
पटेल के आदर्शों को अपनाकर हम भारत को और मजबूत बनाएंगे।
राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ लेकर हम उनके स्वप्न को पूरा करेंगे।
हिंदी अर्थ: उस लौह पुरुष को नमन है, जिसके बल पर देश आज खड़ा है। हम सब आज मिलकर यह संकल्प लें कि हमारा तिरंगा हमेशा सबसे ऊँचा रहे। हम पटेल के आदर्शों को अपनाएं और भारत को और अधिक मजबूत बनाएं। राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ लेकर, हम उनके सपने को पूरा करें।

--अतुल परब
--दिनांक-31.10.2025-शुक्रवार.
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