कृष्णमय गोकुल: हरि के नाम का महिमा 💖✨

Started by Atul Kaviraje, November 01, 2025, 03:01:21 PM

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Atul Kaviraje

कृष्णमय गोकुल: हरि के नाम का महिमा 💖✨

पहला पद:
"कृष्ण, कृष्ण, कान्हा, कान्हा," 🗣�
सारा गोकुल "कृष्णमय" हो गया। 🏡
"हरि" के प्रेम की नहीं है उपमा, 🥰
जपने लगे, "हरि" के नाम को। 🙏
अर्थ: "कृष्ण, कृष्ण, कान्हा, कान्हा," इस नामोच्चारण से सारा गोकुल कृष्णमय हो गया है। हरि (श्रीकृष्ण) के प्रेम की कोई उपमा नहीं है, सभी हरि के नाम का जाप करने लगे हैं।

दूसरा पद:
बचपन की लीलाएँ, मन को मोहती हैं, 👶✨
दही-दूध की चोरी, शरारतें करती हैं। 🍯😜
फिर भी सबको, वही प्यारे लगते हैं, 😊
उनके अस्तित्व से, जीवन में खिंचाव। 💞
अर्थ: कृष्ण के बचपन की लीलाएँ मन को मोह लेती हैं। वह दही-दूध की चोरी करते हैं और शरारतें करते हैं। फिर भी वह सबको प्यारे लगते हैं, उनके अस्तित्व से ही जीवन में एक खिंचाव (आकर्षण) आता है।

तीसरा पद:
बाँसुरी की ध्वनि, कानों में गूंजती है, 🎶👂
हर जीव में, कृष्ण दिखते हैं। 👀
यमुना का जल, वह भी पवित्र हो गया, 💧🙏
जहाँ कान्हा हैं, वहीं प्रेम आया है। 💖
अर्थ: बाँसुरी की मधुर ध्वनि कानों में गूंजती है। हर जीव में कृष्ण दिखाई देते हैं। यमुना नदी का जल भी पवित्र हो गया है, जहाँ कान्हा हैं, वहीं प्रेम आ गया है।

चौथा पद:
सखा-गोपियों का, वही सहारा, 👯�♀️🛡�
दुःख दूर करें, आनंद अपार। 😄
उनकी एक भेंट से, मन शांत हो, 🧘
संसार की चिंता, सारी दूर जाए। 🌬�
अर्थ: मित्रों और गोपियों का वही सहारा हैं। वह उनके दुःख दूर करते हैं और अपार आनंद देते हैं। उनकी एक भेंट से मन शांत हो जाता है और संसार की सारी चिंता दूर हो जाती है।

पांचवां पद:
राधा के हृदय में, वही एक राजा, 👑💖
उनके बिना उसे, दूजा ना भाए। 💔
प्रेम के धागे से, रिश्ते जोड़े, ✨
कृष्णमय हो गई, गोकुल की माटी। 🏡
अर्थ: राधा के हृदय में वही एक राजा हैं। उनके बिना उसे कोई दूसरा नहीं भाता। प्रेम के धागे से उन्होंने रिश्ते जोड़े हैं, और गोकुल की मिट्टी कृष्णमय हो गई है।

छठा पद:
नाम लेते मुख से, पाप हरे, 🗣�🚫
जन्मांतर के फेरे, दुःख मिटे। 💫
सत्य-चिदानंद, वही परमात्मा, 🙏
विश्व का आधार, वही आत्मा। 🌍
अर्थ: मुख से उनका नाम लेते ही पाप दूर होते हैं और जन्म-मृत्यु के फेरे तथा दुःख समाप्त होते हैं। वही सत्य, चित् (ज्ञान) और आनंद स्वरूप परमात्मा हैं। वही विश्व का आधार और आत्मा हैं।

सातवां पद:
कृष्ण भक्ति का, यही है महिमा, 📈🌟
जीवन सुखी करे, आत्मा को सदगति दे। 😊
अखंड नामस्मरण, यही अमृत, 🍯
हरि की कृपा से, हो जीवन पूर्ण। ✨
अर्थ: कृष्ण भक्ति का यही सच्चा महिमा है, जिससे जीवन सुखी होता है और आत्मा को सदैव आनंद प्राप्त होता है। अखंड नामस्मरण ही अमृत है। हरि की कृपा से जीवन पूर्ण होता है।

--अतुल परब
--दिनांक-31.10.2025-शुक्रवार.
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