"शुभ रात्रि,शनिवार मुबारक हो"-तारों भरी आलिंगन 🌟🤝 🌙✨💖🤝🌌🤫🌿❤️🧘‍♀️🖐️🌍😴

Started by Atul Kaviraje, November 01, 2025, 11:41:40 PM

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Atul Kaviraje

"शुभ रात्रि,शनिवार मुबारक हो"

(तारों से भरे आकाश के नीचे हाथ पकड़े हुए एक जोड़ा)

शीर्षक: तारों भरी आलिंगन 🌟🤝

🌙✨💖🤝🌌🤫🌿❤️🧘�♀️🖐�🌍😴🌅🏡

चरण १

रात साफ़ है, हवा विशाल है,
जल्दबाजी वाला दिन बहुत पहले बीत चुका है। 🌙
उनके ऊपर मखमली अंधेरा फैला है,
छोटी, शांत, चमकती चिंगारी के साथ। ✨

चरण २

एक जोड़ा शांत सुन्दरता में खड़ा है,
हर चेहरे पर तारों की रोशनी का प्रतिबिंब है। 💖
उनके हाथ जुड़े हैं, एक साधारण श्रृंखला,
अब सांसारिक दर्द से सुरक्षित। 🤝

चरण ३

आकाशगंगा, एक चाँदी की धारा,
जागते हुए सपने से एक नज़ारा। 🌌
वे ऊपर देखते हैं, जहाँ प्रकाश पुराना है,
एक कहानी जो चुपचाप अनकही है। 🤫

चरण ४

तारे हरे खेतों पर नीचे देखते हैं,
इस छोटे और शांत दृश्य पर। 🌿
दो दिल तालमेल में, उनकी आत्माएँ मिलती हैं,
एक प्रेम जो कोई सांसारिक अंत नहीं जानता। ❤️

चरण ५

शांति भंग करने के लिए शब्दों की ज़रूरत नहीं,
जैसे चिंताएँ और तनाव समाप्त होते हैं। 🧘�♀️
कोमल दबाव, नाजुक स्पर्श, बातचीत करता है,
और बहुत कुछ कहता है। 🖐�

चरण ६

वे ऊपर के संसारों का वज़न महसूस करते हैं,
पर फिर भी हल्का है, वह प्रेम का वज़न। 🌍
अंधेरे और गहराई से जुड़े हुए,
जबकि व्यस्त दिन की दुनिया सोती है। 😴

चरण ७

दिन के टूटने तक साथ रहने का शांत वादा, किया जाता है। 🌅
विशाल और तारों वाले गुंबद के नीचे,
वे अपना उत्तम, प्रेमपूर्ण घर पाते हैं। 🏡

--अतुल परब
--दिनांक-01.11.2025-शनिवार.
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