🙏 संत हरिहर बाबा प्रकट दिवस 🙏 🌺 🌺

Started by Atul Kaviraje, November 02, 2025, 11:37:34 AM

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Atul Kaviraje

🙏 संत हरिहर बाबा प्रकट दिवस 🙏

🌺 पद १ 🌺
पंढरी की इस धरती पर, साधकों का मेला,
विठुराया के चरणों में, जुड़ता भक्ति का सोहला।
आज शुभ दिन प्रकट हुए, संत हरिहर बाबा,
ज्ञान-भक्ति की दी सौगात, जग में फैली शोभा।

अर्थ:
पंढरपुर की पवित्र भूमि पर साधू-संतों का समूह जमा हुआ है।
विठ्ठल के चरणों में भक्ति का उत्सव जुड़ा है।
आज शुभ दिन पर संत हरिहर बाबा प्रकट हुए।
उन्होंने ज्ञान और भक्ति की विरासत दी, जिससे संसार में सुंदरता फैल गई।

🌟 पद २ 🌟
सत्य-धर्म की ध्वजा को, हाथों में लेकर चले,
नाम-जप के जयकारे में, विठ्ठल में ही मिले।
जीवन उनका था, एक सुंदर-सा अभंग,
देह की परवाह न की, जोड़ा पांडुरंग।

अर्थ:
सत्य और धर्म की ध्वजा हाथ में लेकर उन्होंने यात्रा की।
नाम-जप के जयघोष में वे विठ्ठल में एक हो गए।
उनका जीवन एक सुंदर अभंग (भक्तिगीत) के समान था।
शरीर की चिंता किए बिना उन्होंने पांडुरंग से नाता जोड़ा।

🌿 पद ३ 🌿
सत्य, प्रेम और शांति, यही उनका संदेश,
मन के द्वेष-ईर्ष्या को, उन्होंने किया क्लेश।
गरीब-असहायों के लिए, खड़े रहे वह हरदम,
उनकी कृपा से सध गए, भक्ति के यह नियम।

अर्थ:
सत्य, प्रेम और शांति ही उनका मुख्य संदेश था।
उन्होंने मन के द्वेष और ईर्ष्या रूपी दुखों को दूर किया।
गरीब और असहाय लोगों के लिए वे हमेशा खड़े रहे।
उनकी कृपा से ही भक्ति के नियमों का पालन करना सरल हुआ।

🔔 पद ४ 🔔
ताल-मृदंग की ध्वनि, गूँजे चंद्रभागा तट,
वारी के इस रास्ते पर, उनकी याद मनपट।
ज्ञानोबा-तुकोबा के, विचारों के वो वारिस,
हरि नाम के रंग में, रंगे वह दिन-रात।

अर्थ:
ताल और मृदंग की ध्वनि चंद्रभागा नदी के किनारे गूंज रही है।
वारी के मार्ग पर उनकी याद हृदय में है।
वे संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम के विचारों के उत्तराधिकारी हैं।
वे दिन-रात हरि के नाम-जप के रंग में रंगे रहे।

💰 पद ५ 💰
ज्ञान-वैराग्य की मूरत, सादा उनका जीवन,
भक्तों की पुकार पर, सदा उनका धावन।
मठ-मंदिर खड़े किए, धर्म को दिया साथ,
असंख्य जीवों को जोड़ा, दिया उनके हाथ में हाथ।

अर्थ:
वे ज्ञान और वैराग्य की मूर्ति थे, उनका जीवन सरल था।
भक्तों की पुकार सुनकर वे हमेशा मदद के लिए दौड़ते थे।
उन्होंने मठ और मंदिर बनवाए, धर्म का समर्थन किया।
उन्होंने अनगिनत लोगों को ईश्वर से जोड़ा और उन्हें सहारा दिया।

🙏 पद ६ 🙏
आज उनका स्मरण, दे हमें नई ऊर्जा,
संकट पर जीत पाने की, मिलेगी सच्ची स्फूर्ति।
उनके विचारों का बीज, बोएँ अपने मन में,
इंसानियत का धर्म पालें, रहें सदा आनंद में।

अर्थ:
आज उनका स्मरण करने से हमें नई शक्ति मिलेगी।
संकटों पर विजय प्राप्त करने की सच्ची प्रेरणा मिलेगी।
उनके विचारों का बीज हम अपने मन में बोएँ।
मानवता के धर्म का पालन करें और हमेशा आनंद में रहें।

😇 पद ७ 😇
धन्य पंढरपुर की भूमि, जहाँ संत जन्म लिए,
हरि-हर एक ही जानो, दुनिया को यही दिए।
सद्गुरु की कृपा से, जीवन होगा सुंदर,
वारी का वह सुख अपार, मिले हर नर-नारी को।

अर्थ:
वह पंढरपुर की धरती धन्य है, जहाँ ऐसे संतों ने जन्म लिया।
उन्होंने दुनिया को बताया कि विठ्ठल (हरि) और शंकर (हर) एक ही हैं।
सद्गुरु की कृपा से जीवन सुंदर होगा।
वारी का वह अमूल्य सुख हर स्त्री-पुरुष को मिलेगा।

--अतुल परब
--दिनांक-01.11.2025-शनिवार.
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