"शुभ रात्रि,रविवार मुबारक हो"-अलाव का गर्म आलिंगन 🔥🛋️ ❄️🤫😌🔥🪵🧡💃✨👃🧘‍♀️

Started by Atul Kaviraje, November 02, 2025, 11:30:30 PM

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Atul Kaviraje

"शुभ रात्रि,रविवार मुबारक हो"

एक आरामदायक लिविंग रूम में एक गर्म, जगमगाती चिमनी

चूल्हे का गर्म आलिंगन 🔥🛋�

(एक आरामदायक बैठक में एक गर्म, चमकती चिमनी)

शीर्षक: अलाव का गर्म आलिंगन 🔥🛋�

❄️🤫😌🔥🪵🧡💃✨👃🧘�♀️💖🫂🙏🛌

चरण १

खिड़की का काँच अँधेरा और ठंडा है,
जैसे बाहर की कहानियाँ अनकही हैं। ❄️
लेकिन अंदर, जहाँ परछाइयाँ खत्म होती हैं,
कमरा कोमल शांति से भरा है। 🤫

चरण २

फर्नीचर नरम और गहरा है,
जहाँ थके हुए मन सो सकते हैं। 😌
और दीवार में, एक जलता हुआ दिल,
कला का एक चमकता उत्कृष्ट काम। 🔥

चरण ३

लकड़ियाँ ढेर हैं, एक स्थिर टीला,
चारों ओर चटकने वाले आराम के साथ। 🪵
नारंगी चमक, एक मधुर धारा,
एक गर्मी जो किसी भी सपने को टक्कर देती है। 🧡

चरण ४

परछाइयाँ दीवार पर नाचती हैं,
जैसे लपटें तेज होती हैं और फिर छोटी होती हैं। 💃
प्रकाश पॉलिश की हुई लकड़ी पर झलकता है,
एक भावना जो गहराई से समझी जाती है। ✨

चरण ५

धुएँ की सुगंध, एक लकड़ी का मसाला,
साधारण पलों को अच्छा बनाता है। 👃
मन शांत है, शरीर धीमा है,
आग को धीरे से चमकते हुए देखने के लिए। 🧘�♀️

चरण ६

उन बातों के लिए एक जगह जो बहुत गहरी चलती हैं,
और वादे जो दिल रखेंगे। 💖
गर्मी आलिंगन करती है, नरम और चौड़ी,
जहाँ सभी थके हुए विचार छिप सकते हैं। 🫂

चरण ७

आखिरी उज्जवल चिंगारी फीकी पड़ने लगती है,
एक शांतिपूर्ण स्मृति बनाई जाती है। 🙏
हम आग पर अपनी आँखें बंद करते हैं,
और वह गर्माहट पाते हैं जिसकी हमें इच्छा है। 🛌

--अतुल परब
--दिनांक-02.11.2025-रविवार.
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