कबीर दास- गुरु गोविन्द दोनों खड़े, काके लागूं पाँय-‘मार्गदर्शक गुरु’🙇‍♂️🥇

Started by Atul Kaviraje, November 03, 2025, 10:57:00 AM

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Atul Kaviraje

कबीर दास जी के दोहे-

गुरु गोविन्द दोनों खड़े, काके लागूं पाँय।
बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दियो बताय॥४॥

🌟 संत कबीर – गुरु गोविंद (गुरु महिमा) 🌟
मूल दोहा :

गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पाइए।
बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद देओ बताए॥४॥

संक्षिप्त अर्थ :

गुरु और वास्तविक भगवान (गोविंद) के सामने खड़े होने पर,
पहले किसके चरणों को झुकना चाहिए?
मैं खुद को उस गुरु को समर्पित करता हूं,
क्योंकि उन्होंने मुझे भगवान का रास्ता दिखाया।

🌹  कविता (भक्ति भाव पूर्ण) – 'मार्गदर्शक गुरु'

पद १ : दुविधा और प्रश्न (The Dilemma and the Question)

गुरु और गोविंद, दोनों सामने खड़े हैं,
(मेरे गुरु और भगवान (गोविंद), दोनों एक ही समय में मेरे सामने मौजूद हैं,)
भगवान और ज्ञान, आज यहां एक साथ आए हैं।
(भगवान (परम सत्य) और गुरु (ज्ञान देने वाले) आज एक साथ आए हैं।)

चाचा लगुन पांव, मेरे मन में सवाल है,
(मैं पहले किसके चरण स्पर्श करूं और पूजा करूं, यह सवाल मेरे मन में आता है,)
भक्ति के इस रिश्ते में, किसका स्थान पहले आता है।
(भक्ति और सम्मान के इस रिश्ते में किसे पहला स्थान दिया जाना चाहिए।)

श्लोक २ : भगवान और गुरु का स्थान (The Place of God and Guru)

भगवान महान हैं, वे सृष्टि के रचयिता हैं,
(भगवान बहुत महान हैं, वे इस संपूर्ण संसार के रचयिता हैं,)
सर्वशक्तिमान हैं, वे भाग्य के दाता हैं।
(वे सर्वशक्तिमान हैं और हम सभी को सुख और दुःख के दाता हैं।)

परी गुरु मुझे ज्ञान देते हैं, अज्ञानता को दूर करते हैं,
(लेकिन गुरु मुझे ज्ञान देते हैं और मेरे मन में अंधकार को दूर करते हैं,)
सबसे बड़ा कौन है, मैं इसी विचार में उलझा हुआ हूँ।
(मैं इस विचार में लीन हूं कि इन दोनों में कौन बड़ा है।)

कड़वे ३ : गुरु समर्पण (Dedication to the Guru)

बलिहारी गुरु आपको मैं प्रणाम करता हूं,
(मैं अपने गुरु को समर्पित करता हूं और उन्हें पहले प्रणाम करता हूं,)
मैं यह सिर उनके पवित्र चरणों में रखूंगा।
(मैं अपना सिर उनके पवित्र चरणों में रखूंगा।)

🙏 आप पहले हैं, यह मेरा सत्य है,
(मेरा पहला सम्मान और प्रणाम आपको है, यह मेरा अंतिम सत्य है,)
आप एक देवता होने के बावजूद भी मुख्य हैं।
(भगवान के सामने खड़े होने पर भी, मैं आपको सर्वोच्च मानता हूं।)

कड़वे ४ : गुरु की सर्वोच्चता का निर्णायक कारण (The Decisive Reason for Guru's Supremacy)

गोविंद देव बताए, यही मुख्य कारण है,
(गोविंद अर्थात भगवान की प्राप्ति कैसे होती है, आपने स्वयं मुझे बताया है, गुरु को सर्वोच्च मानने का यही मुख्य कारण है,)
आपने मुझे भगवान का मार्ग दिखाया, इसलिए मैं धन्य हो गया,
इसलिए मैं पवित्र हो गया।

🔍 अंधकार पथ पर आप ही आधार हैं,
(मेरे अज्ञान के अंधकार पथ पर आप ही मेरा आधार हैं,)
आप ईश्वर-स्वरूप का सार हैं।
(आप ही हैं जिन्होंने ईश्वर के वास्तविक स्वरूप और उसकी पहचान से परिचित कराया।)

कड़वे ५ : गुरु ज्ञान का दीपक है (Guru is the Lamp of Knowledge)

ज्ञान की ज्योति, गुरु ने जलाई,
(गुरु ने मेरे मन में ज्ञान की ज्योति जलाई,)
💡 अज्ञान की रात भाग गई।
(इसलिए, मेरे मन में अज्ञान की रात भाग गई।)

भगवान घास में हैं, आपने मुझे सिखाया,
(भगवान हर जगह हैं, आपने इस सच्चाई को मेरे दिल पर अंकित कर दिया मन,)
इसलिए मैंने पहला कदम उठाया, मैंने आपको अर्पित किया।
(इसीलिए मैंने आपको प्रणाम का पहला कदम अर्पित किया।)

कड़वे ६ : ईश्वर और कड़ी (God and the Link)

ईश्वर मेरा नाम है भवसागर के पार, गुरु मेरा नाम है,
(ईश्वर अनंत अंतरिक्ष के सागर की तरह हैं और गुरु मेरा नाम है जो मुझे उससे पार ले जाता है,)
उनके प्रेम ने मुझे मेरी मंजिल तक पहुँचाया है।
(उनके निस्वार्थ प्रेम के कारण, मैं अपने अंतिम लक्ष्य तक पहुँचता हूँ।)

यदि नाविक न होता, तो भवसागर डूब जाता,
(यदि नाविक (गुरु) न होते, तो मैं इस भवसागर में डूब जाता,)
🚩 गुरु का आशीर्वाद, बिना शब्दों के विस्तृत होता है।
(गुरु द्वारा किए गए आशीर्वाद को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, वे अमूल्य हैं।)

कड़वे ७ : भक्ति समर्पण (Devotional Surrender)

गुरु के बिना मुक्ति नहीं है, इस सत्य को जानो,
(गुरु के मार्गदर्शन के बिना मोक्ष या परम शांति प्राप्त नहीं होती, यह परम सत्य है,)
भक्ति का मार्ग, केवल वही लाया।
(केवल वही सच्ची भक्ति का मार्ग लाया संसार।)

🌹 गोविंद गुरु का आदर करो,
(जब भगवान स्वयं कृपा करते हैं, तो वे गुरु का आदर करते हैं,)
कबीर कहते हैं, गुरु की महानता अपार।
(संत कबीर कहते हैं, गुरु का महत्व शब्दों से परे और असीम है।)

💠 इमोजी सारांश (Emoji Summary)
श्लोक अंश   शब्द अर्थ   भावार्थ (महत्व)   Emoji सार

गुरु गोविंद दोनों खड़े हैं   गुरु और भगवान एक ही समय में खड़े हैं   निर्णय लेने की स्थिति   🧍🧍
काके लागूं पांव   हम किसके चरणों की पूजा करें?   सम्मान का क्रम निर्धारित करना   ❓👣
बलिहारी गुरु आपनो   गुरु को समर्पित है   पहले गुरु को नमन   🙇�♂️🥇
गोविंद देओ बताए   गुरु ने भगवान का मार्ग दिखाया   गुरु अंतिम माध्यम है   ➡️ GOD

✨ समाप्त ✨
"गुरु वह प्रकाश हैं, जो अंधकार से हमें ईश्वर तक पहुँचाते हैं।" 🙏

--अतुल परब
--दिनांक-02.11.2025-रविवार.           
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