🪷 शाक-गोपद्म व्रत की समाप्ति 🐄

Started by Atul Kaviraje, November 03, 2025, 11:47:53 AM

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Atul Kaviraje

शीर्षक: 🪷 शाक-गोपद्म व्रत की समाप्ति 🐄

🐄 पद १ 🐄
चार मास चला, शाक-गोपद्म व्रत,
आज विसर्जन दिन, आनंदित हुआ चित्त।
गौमाता के चरणों की, रोज पूजा की,
सौभाग्यवती को आज, पुण्य प्राप्ति हुई।

💠 अर्थ: चार महीने यह शाक (सब्जी त्याग) और गोपद्म व्रत (गाय के पदचिन्हों की पूजा) चला।
आज विसर्जन के दिन मन बहुत आनंदित हुआ है।
रोज गाय के चरणों की पूजा की।
सौभाग्यवती स्त्री को आज इस व्रत से बड़ा पुण्य मिला है।

🪷 पद २ 🪷
आँगन में निकाली, गोपद्म छत्तीस,
हल्दी-कुमकुम अक्षत से, पूजी नित्य।
धन-धान्य, समृद्धि का, वर मिले खास,
पति की लंबी आयु की, पूर्ण हो आस।

💠 अर्थ: आँगन में रोज छत्तीस गोपद्म (गाय के पदचिन्हों के आकार) निकाले गए।
हल्दी, कुमकुम और अक्षत से उनकी रोज पूजा की गई।
इस व्रत से धन, धान्य और समृद्धि का विशेष आशीर्वाद मिलता है।
पति की लंबी आयु की इच्छा पूरी होती है।

🌿 पद ३ 🌿
सब्जी-फल का त्याग, किया चार मास,
ईश्वरीय कृपा से दूर, हुआ उपवास का त्रास।
आज विष्णु जागृत, चातुर्मास खत्म,
उद्यापन का उत्सव, भक्तिरस में मग्न।

💠 अर्थ: चार महीने सब्जी खाना छोड़ा (शाक त्याग)।
भगवान की कृपा से उपवास और कष्ट दूर हुआ।
आज भगवान विष्णु योगनिद्रा से जाग गए हैं, चातुर्मास समाप्त हो गया है।
व्रत की समाप्ति (उद्यापन) का यह उत्सव भक्तिरस में डूबा हुआ है।

💰 पद ४ 💰
गोपद्म उठाकर, दिया गाय को दान,
वस्त्र, आभूषण और, दक्षिणा का मान।
व्रत की पूर्ति से, मन हुआ शांत,
ईश्वर की कृपा से, जीवन हुआ अनंत।

💠 अर्थ: व्रत में निकाले गए गोपद्मों को पोंछकर, गाय को दान दिया जाता है।
वस्त्र, आभूषण और दक्षिणा देकर ब्राह्मणों का सम्मान किया जाता है।
व्रत की पूर्ति से मन शांत हो गया है।
भगवान की कृपा से जीवन समृद्ध हो गया है।

💡 पद ५ 💡
वैवाहिक जीवन में, मिठास भर गई,
इस व्रत से परिवार को, आसरा मिली।
नकारात्मकता गई, सकारात्मकता आई,
भगवान ने आज भक्तों की, इच्छा पूरी की।

💠 अर्थ: इस व्रत से वैवाहिक जीवन में मिठास भर गई है।
इस व्रत ने परिवार को सहारा दिया।
नकारात्मक विचार दूर हुए और सकारात्मकता आई।
भगवान ने आज भक्तों की इच्छा पूरी की है।

🍚 पद ६ 🍚
गाय का महत्व कितना, व्रत से यह जाना,
गोपद्म के रूप में, देव घर में आना।
जिन्होंने पाला यह व्रत, उनको आशीर्वाद,
सुखी, समृद्ध जीवन हो, यही संवाद।

💠 अर्थ: गाय का महत्व कितना है, यह इस व्रत से समझा।
गोपद्म के रूप में भगवान स्वयं घर आए।
जिनोंने यह व्रत पाला उन्हें आशीर्वाद मिले।
उनका जीवन सुखी और समृद्ध हो।

🙏 पद ७ 🙏
आज शुभ दिन, देवों का जागना,
शाक-गोपद्म व्रत की, समाप्ति करना।
इस पुण्य से, मिले मोक्ष-सुख,
ईश्वर का नाम सदा, रहे मुखो-मुख।

💠 अर्थ: आज का दिन बहुत शुभ है, क्योंकि देवता जाग गए हैं।
आज शाक-गोपद्म व्रत की समाप्ति हो रही है।
इस पुण्य से मोक्ष और सुख प्राप्त होता है।
ईश्वर का नाम हमेशा मुख पर बना रहे।

--अतुल परब
--दिनांक-02.11.2025-रविवार.
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