शीर्षक: खामोशी और पवित्र क्षमा 🤫🕊️

Started by Atul Kaviraje, November 03, 2025, 06:02:56 PM

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Atul Kaviraje

     "चुप रहने से बडा कोई जवाब नहीं
          और माफ कर देने से बडी कोई सजा नहीं..."

शीर्षक: खामोशी और पवित्र क्षमा 🤫🕊�

चरण १
जब शब्द तेज़ हों, और गुस्सा बढ़ जाए,
और क्रोध परेशान आँखों पर बादल छा जाए, 😠
सबसे बड़ा जवाब, गहरा और सच्चा,
वह खामोशी है जो आप में टिकी रहती है। 🤫

चरण २
चुप रहने से अधिक कोई बात मजबूत नहीं,
आंतरिक शांति बनाए रखने का चुनाव। 🧘�♀️
कोमल शांति के साथ तूफान का सामना करना,
सभी नुकसानों के खिलाफ सर्वोच्च ढाल है। 🛡�

चरण ३
खामोशी एक पुराना ज्ञान बोलती है,
बताए जाने वाली एक मजबूत कहानी। 📜
यह एक ऐसी शक्ति दिखाती है जो टूटती नहीं,
एक रास्ता जो परेशान मन को अपनाना चाहिए। 💪

चरण ४
फिर भी, यदि किसी सजा की आवश्यकता है,
उन गलतियों के लिए जो किसी ने आपके साथ की, 💔
आपको इससे बड़ा न्याय नहीं मिल सकता,
जो मन की क्षमा है। 🕊�

चरण ५
सबको माफ़ कर देना और इसे जाने देना,
आप एक गहरा समाधान खोजना चाहते हैं। 🩹
आप स्वयं को दर्दनाक जंजीर से मुक्त करते हैं,
और सभी बाकी बचे दर्द पर विजय प्राप्त करते हैं। 🔗

चरण ६
क्योंकि बदला आत्मा को आराम देता है,
लेकिन दया सबसे मजबूत परीक्षा है। 💖
नुकसान पहुँचाने वाले को सामना करने के लिए छोड़ दिया जाता है,
आपकी आवश्यक कृपा की अनुपस्थिति का। 🥺

चरण ७
शब्दों को रोको, हाथ बढ़ाओ,
जीवन के सर्वोच्च नियम यही आज्ञा देते हैं। 🙏
खामोशी जवाब देती है, क्षमा मुक्त करती है,
आंतरिक आराम का सबसे सच्चा मार्ग। ✨

--अतुल परब
--दिनांक-02.11.2025-रविवार.
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