🛡️ भीष्म पंचक व्रत समाप्त 🛡️🌕 • 🏹 • 💫 • 🌷 • 💡 • ✨ • 🕉️

Started by Atul Kaviraje, November 07, 2025, 05:00:45 PM

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Atul Kaviraje

🛡� भीष्म पंचक व्रत समाप्त 🛡�
दिनांक: 5 नवंबर 2025, बुधवार

महाभारत के महान योद्धा भीष्माचार्य की स्मृति को नमन।

(कड़वी पहली)

आज कार्तिक पूर्णिमा का दिन है,
भीष्म पंचक व्रत का भोग।
यह देवोत्थानी एकादशी से शुरू हुआ था,
ये पाँच दिन शुभ रहे हैं। 🌕

मराठी अर्थ:
आज कार्तिक पूर्णिमा का शुभ दिन है और भीष्म पंचक व्रत आज समाप्त हो रहा है।
देवोत्थानी एकादशी से शुरू होने वाले ये पाँच दिन अत्यंत शुभ रहे हैं।

(कड़वी दूसरी)

बाणों की शय्या पर, पितामह ने,
पांडवों को धर्म-मोक्ष-राह प्रदान किया।
उनकी स्मृति को विशेष नमन,
पुण्य की सुगंध, विष्णु पंचक। 🏹

मराठी अर्थ:
बाणों की शय्या (शार्पंजरी) पर लेटे हुए भीष्म पितामह ने पांडवों को धर्म, मोक्ष और जीवन पथ (राह) का ज्ञान दिया था।
आज उनकी स्मृति विशेष रूप से पूजनीय है।
चूँकि यह विष्णु पंचक काल है, इसलिए यहाँ पुण्य की सुगंध आती है।

(कड़वी तीसरी)

सरल, यह व्रत विधि,
पाप का नाश, मोक्ष का मोह।
कविता मेल खाती है, भक्ति में लीन,
यह व्रत सुंदर हो जाता है, जीवन सुंदर हो जाता है। 💫

मराठी अर्थ:
इस व्रत की विधि अत्यंत सरल और सीधी है।
यह व्रत पापों का नाश और मोक्ष प्रदान करता है।
भक्ति में लीन होकर की गई यह पूजा जीवन को सुंदर बनाती है।

(कड़वी चौथी)

पंचगव्य का महत्व है,
आत्मा और मन शुद्ध हो जाते हैं।
कमल, बेल, सुगंध और पुष्प,
हरि के चरणों में अर्पित करने से सभी दोष दूर हो जाते हैं। 🌷

मराठी अर्थ:
इस व्रत में पंचगव्य (गाय का दूध, दही, घी, गोमूत्र, गोबर) का बहुत महत्व है,
जिससे आत्मा और मन शुद्ध होते हैं।
श्री हरि के चरणों में कमल, बेल, गंध और अन्य पुष्प अर्पित किए जाते हैं,
जिससे सभी कष्ट दूर होते हैं।

(कड़वी पंचमी)

भीष्माचार्य की निष्ठा महान थी,
श्रीकृष्ण ने उनका सम्मान किया।
उन्होंने धर्म और नीति का ज्ञान दिया,
उनकी अमर वाणी से संसार प्रकाशित हुआ। 💡

मराठी अर्थ:
भीष्माचार्य की निष्ठा (विश्वास) बहुत महान थी,
और इसीलिए भगवान कृष्ण ने उनकी महिमा की।
उन्होंने धर्म और नीति का ज्ञान दिया,
उनकी अविनाशी वाणी से सारा संसार प्रकाशित हुआ।

(कड़वी षष्ठी)

यह व्रत चार चातुर्मासों तक किया जाता है,
व्रत का फल विशेष होता है।
देवता जाग गए, तुलसी का विवाह हो गया,
शुभ हो गया, अब अग्नि नहीं है। ✨

मराठी अर्थ:
इस भीष्म पंचक व्रत का पालन करने से चारों चातुर्मास व्रतों का विशेष फल प्राप्त होता है।
देवता जाग गए हैं और तुलसी विवाह संपन्न हो गया है।
अतः सर्वत्र शुभ हो गया है
और कोई दुःख शेष नहीं है।

(कड़वे साठवे)

एक सुस्वादु अंत, आज मधुर है,
भक्ति पथ में कोई विराम नहीं है।
यदि यह ऋतु पुनः आए,
तब तक हम भक्ति की लय बनाए रखेंगे। 🕉�

मराठी अर्थ:
यह व्रत आज आनंद के साथ समाप्त हुआ।
भक्ति पथ की कोई तुलना नहीं है।
यह ऋतु (त्योहारों का मौसम) पुनः आएगा,
तब तक हम अपनी भक्ति की लय बनाए रखेंगे।

🌟 इमोजी सारांश (इमोजी सारांश) 🌟
🌕 (पूर्णिमा/व्रत समाप्ति) • 🏹 (भीष्म पितामह) • 💫 (मोक्ष) • 🌷 (पंचगव्य/अर्पण) • 💡 (ज्ञान/सम्मान) • ✨ (जागरूकता/मांगल्य) • 🕉� (निरंतर भक्ति)

भीष्माचार्य को प्रणाम! धर्म, नीति और भक्ति का जयघोष हो! 🙏

--अतुल परब
--दिनांक-05.11.2025-बुधवार.
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