🙏जय 🚩श्रीकृष्ण 👑 📜 तीसरा अध्याय: कर्म योग - श्लोक 6-पाखंडी संयम-🚩👑

Started by Atul Kaviraje, November 12, 2025, 09:41:17 AM

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Atul Kaviraje

तीसरा अध्यायः कर्मयोग-श्रीमद्भगवदगीता-

कर्मेन्द्रियाणि संयम्य य आस्ते मनसा स्मरन्।
इन्द्रियार्थान्विमूढात्मा मिथ्याचारः स उच्यते।।6।।

🙏जय 🚩श्रीकृष्ण 👑
📜 तीसरा अध्याय: कर्म योग - श्लोक 6 पर आधारित एक लंबी कविता

श्लोक:
कर्मेन्द्रियाणि समत्यम्य य अस्ते मनसा स्मरण।
इन्द्रियार्थानविमुद्धात्मा मिथ्याचारः स उच्यते। 6.

कविता: पाखंडी संयम (7 कदवी)

पोस्ट: मराठी अर्थ

I. कर्मेन्द्रिय - बाहरी कार्य अंग (हाथ, पैर, वाणी)।
द्वितीय. समत्यम्य - बलपूर्वक रोकना, रोकना।
तृतीय. मनसा स्मरण - मन से चिंतन करना, स्मरण करना।
चतुर्थ. इंद्रियर्थन - इंद्रियों की वस्तुएं (देखना, स्वाद, गंध, स्पर्श, ध्वनि)।
वी. विमुधात्मा - मूर्ख, भ्रमित बुद्धि वाला व्यक्ति।
VI. पाखंड:- आडंबरपूर्ण, दिखावटी आचरण।
VII. शुच्यते - उसे कहा जाता है, उसे कहा जाता है।

1. 🎭 बाह्य 🚪 त्याग

कर्मेन्द्रियाँ 🖐� चरणों 🦶 से ढकी हुई हैं,
एकांत ⛰️ में जाने वाला मौन 🤫 कायम है;
शरीर 🧍�♂️ से वह शांत 🧘 बैठता है, मानो योगी 🧘�♂️ मणि हो,
परन्तु मन 💖 की गहराइयों में वह आडंबर 🤥 छिपाए रहता है।

2. 🧠 विषयों 🍎 का चिंतन

आँखों 👁� के सामने भले ही कोई सुंदर रूप न हो,
फिर भी मन 🧠 में विचारों 🔥 की सुगंध बहती रहती है;
जीभ भले ही उसका स्वाद न ले,
स्वाद का पाश,
विषयों को स्मरण रखने वाला विचारशील कुआँ।

3. 😟 मन का छल 💖

बाहर से 🚪 वह त्याग का वेश धारण करता है,
जनता को शांति का सत्य 🕊� दिखाने के लिए;
परन्तु मन में विषयों के प्रति आसक्ति नहीं होती,
ऐसी मूर्ख आत्मा स्वयं को छलती है।

4. मौन व्यर्थ है।

मत बोलो, मौन संयमित है,
परन्तु मन में प्रशंसा की इच्छा प्रबल है;
अपने हाथों से कर्म मत करो, केवल अपने विचारों को दबाओ,
उन्हें दबाने से संसार का बल नहीं टूटता।

5. पाखंड की परिभाषा

जो केवल ऊपरी तौर पर इंद्रियों को शांत करता है,
परन्तु भीतर प्रेमपूर्वक विषयों का चिंतन करता है;
गीता उसे पाखंडी, झूठा कहती है,
अपने मार्ग पर, वह उन्नति नहीं करता, केवल पतन ही करता है।

6. 💡 सच्चा मार्ग 🛣�

कर्म 🎯 करना 🔨चाहिए, पर आसक्ति 🔗से बचना 🗑�चाहिए,
विषयों 🌟में वैराग्य भाव उत्पन्न होना चाहिए;
बाह्य और आन्तरिक 💖दोनों ही शुद्ध 🧼होने चाहिए,
वही सच्चा योगी 🧘�♂️ है, जिसकी साधना 🛐फल 🏆देती है।

7. 👑 भगवान की 🔱 सलाह

इसलिए कृष्ण 👑 ने यह अमूल्य 💎 सलाह 🗣� दी,
जीवन से पाखंड 🎭 के अंश 🌍 मिटा दो;
मन पर नियंत्रण 🧠 🎛�, शुद्ध 🤍 आचरण विशेष ✨ है,
सच्चे कर्म योग 🧘�♂️ से मोक्ष 🗝� 🏞� की प्राप्ति होती है।

🖼� इमोजी सारांश (इमोजी सारांश)

जो व्यक्ति इंद्रियों 🖐� के साथ जबरदस्ती 🧱
और 🙅�♂️
और 🧘�♂️
और 🍎
मन 🧠 में 💭
को याद रखता है
उसे 👤
मूर्ख 😵�💫
आत्मा (मूर्ख)
झूठा 🎭
(पाखंडी) कहा जाता है।

✨ अंत ✨
🙏 जय श्री कृष्ण 🚩👑

--अतुल परब
--दिनांक-12.11.2025-बुधवार.
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