🌼 गजानन महाराज मठ आरती-कविता-1- 🌼🙏 👑 ✨ 🏡 🧘‍♀️ 🌟 📚 💖 🍚 🌍 👣 💡 🌊

Started by Atul Kaviraje, November 13, 2025, 11:50:32 AM

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Atul Kaviraje

श्री गजानन महाराज और सत्य मठ का महत्व-
श्री गजानन महाराज के मठ का महत्व-
(The Importance of the Monastery of Shree Gajanan Maharaj)
Importance of Shri Gajanan Maharaj and his monastery-

🌼 गजानन महाराज मठ आरती-कविता 🌼

1. प्रथम पद्य

गजानन महाराज, अनंत क्रोटी ब्रह्मनायक।
शेगावी प्रकट हुए, मानव रूप धारण किए।
भक्तों के कैवारी, स्थूल कार्य प्रदान करते हैं।
उनके चरणों में झुकें, यही वास्तविक आवश्यकता है।

प्रत्येक पंक्ति का मराठी अर्थ:

गजानन महाराज, अनंत क्रोटी ब्रह्मनायक।
(अर्थ: अनंत ब्रह्मांडों के स्वामी, श्री गजानन महाराज।)

शेगावी प्रकट हुए, मानव रूप धारण किए।
(अर्थ: शेगाँव में मानव रूप धारण करके प्रकट हुए।)

भक्तों के कैवारी, स्थूल कार्य प्रदान करते हैं।
(अर्थ: वे भक्तों के रक्षक हैं, उनके सभी कार्य/इच्छाएँ पूरी करते हैं।)

उनके चरणों में झुकें, यही वास्तविक आवश्यकता है।
(अर्थ: उनके चरणों में नमन, यही सच्ची आवश्यकता/इच्छा है।)

संक्षिप्त अर्थ:
गजानन महाराज एक ब्रह्मांडीय नायक हैं और उन्होंने शेगाँव में मानव रूप धारण किया था।
वे भक्तों की रक्षा करते हैं और उनकी मनोकामनाएँ पूरी करते हैं।
भक्त की सच्ची आवश्यकता उनके चरणों में लीन होना है।

2. दूसरा श्लोक

मराठी कविता:

मठ का स्थान पार्थिव वैकुंठ के समान है।
यहीं शांति प्राप्त होती है, सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
जिन्होंने महाराजाधिराज का प्रत्यक्ष अनुभव किया है।
उनका जीवन सत्कर्मों से परिपूर्ण था।

प्रत्येक पंक्ति का मराठी अर्थ:

मठ का स्थान पार्थिव वैकुंठ के समान है।
(अर्थ: मठ का स्थान पृथ्वी पर वैकुंठ के समान है।)

यहीं शांति प्राप्त होती है, सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
(अर्थ: यहाँ शांति प्राप्त होती है, और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।)

जिन्होंने महाराज का प्रत्यक्ष अनुभव किया है।

उनका जीवन पुण्य कर्मों से समृद्ध हो गया।

संक्षिप्त अर्थ:
महाराज का मठ पृथ्वी पर वैकुंठ है।
यहाँ शांति प्राप्त होती है और सभी कष्टों का नाश होता है।
जिन्होंने महाराज का अनुभव किया है, उनका जीवन पुण्य कर्मों से समृद्ध हो गया।

3. तीसरा श्लोक

मराठी कविता:

मठ ही गुरुपीठ है, यह ज्ञान का सागर है।
जहाँ भक्तों को अमूल्य पुण्य मिलता है।
सेवा, भक्ति, समर्पण, यही सच्ची श्रद्धा है।
अज्ञान दूर होता है, मोक्ष का आधार मिलता है।

प्रत्येक पंक्ति का अर्थ:

मठ ही गुरु का आसन है, ज्ञान का सागर है।

अर्थ: मठ ही गुरु का आसन है, ज्ञान का सागर है।

जहाँ भक्तों को अमूल्य सदाचार प्राप्त होता है।

सेवा, भक्ति और समर्पण - यही सच्ची श्रद्धा है।

जब अज्ञान दूर हो जाता है, मोक्ष का आधार प्राप्त होता है।

संक्षिप्त अर्थ:

मठ गुरु का आसन है, ज्ञान का सागर है।
यहाँ भक्तों को पुण्य और मुक्ति का मार्ग मिलता है।
सेवा, भक्ति और समर्पण ही सच्ची श्रद्धा है।

4. चौथा श्लोक

मराठी कविता:

अन्नदान निरंतर है, कभी रुकता नहीं।
लाखों आत्माएँ प्रतिदिन पहले तृप्त होती हैं।
मठ का यह थोरवी, संसार को प्रकाशित करेगा।
मानवता का पालन-पोषण करने वाला, पुणे का यह मंदिर सिद्धि है।

प्रत्येक पंक्ति का मराठी अर्थ:

अन्नदान निरंतर है, कभी रुकता नहीं।
(अर्थ: अन्नदान प्रतिदिन जारी रहता है, कभी नहीं रुकता।)

लाखों आत्माएँ प्रतिदिन पहले तृप्त होती हैं।
(अर्थ: लाखों आत्माएँ प्रतिदिन तृप्त और तृप्त होती हैं।)

मठ का यह थोरवी, संसार को प्रकाशित करेगा।
(अर्थ: इस मठ की महानता विश्व भर में फैलेगी।)

मानवता को पोषित करने वाला, पुणे का यह मंदिर सिद्धि है।
(अर्थ: यह पुण्य मंदिर मानवता और आध्यात्मिक सफलता की रक्षा करता है।)

संक्षिप्त अर्थ:
मठ निरंतर शुद्धि प्राप्त करता है।
लाखों लोग तृप्त होते हैं।
यह मानवता का संरक्षण करने वाला एक पवित्र स्थान है, जिसकी ख्याति पूरे विश्व में फैलती है।

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--अतुल परब
--दिनांक-13.11.2025-गुरुवार.
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