🙏 दत्त कृपा सभी भेदभाव मिटा देती है! 🙏

Started by Atul Kaviraje, November 13, 2025, 11:53:32 AM

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Atul Kaviraje

श्री गुरु देव दत्त एवं समाज जातिवाद निवारण-
श्री गुरु देव दत्त और समाज में जातिगत भेदभाव का उन्मूलन-
(Shri Guru Dev Datta and the Eradication of Caste Discrimination)
Shri Guru Dev Dutt and prevention of casteism in society-

🙏 दत्त कृपा सभी भेदभाव मिटा देती है! 🙏

श्री गुरुदत्त और जातिभेद का उन्मूलन

🌼 दत्त समता स्तवन (दत्त समता स्तवन) 🌼

1. 💖 दत्त का नाम स्मरण करना चाहिए

मराठी कविता:

दत्त का नाम स्मरण करना चाहिए, मन को प्रेम से भर दो,
जातिभेद न हो, भक्ति एक ही है, यह जान लो।
दत्त अवधूत, सारे भेद मिटा दो,
मानवता का सूत्र, सबको जोड़ दो।

अर्थ:
दत्त महाराज का नाम स्मरण करना चाहिए और मन को प्रेम से भर दो।
जान लो कि ईश्वर में कोई जातिभेद नहीं है, केवल भक्ति ही महत्वपूर्ण है।
दत्त अवधूत सभी भेदभावों को नष्ट कर देते हैं
और सभी को मानवता के एक सूत्र से जोड़ते हैं।

2. 🤝 एक दर्शन

मराठी कविता:

गुरुचरित्र में एक कहानी है, समानता की कहानी,
कोई ऊँच-नीच नहीं, दत्त कृपा का महत्व।
हमें सबमें एक ही ईश्वर को देखना चाहिए,
वही दत्त हैं, जो हमें अच्छी सलाह देते हैं।

अर्थ:
गुरुचरित्र में समानता की महत्वपूर्ण कहानी कही गई है।
दत्त महाराज की कृपा से ऊँच-नीच का कोई भेदभाव नहीं है।
हमें सबमें एक ही ईश्वर को देखना चाहिए;
वही दत्त रूप में हमारा मार्गदर्शन करते हैं।

3. ☀️ ज्ञान का प्रकाश

मराठी कविता:

अज्ञान और भेदभाव अंधकार के जाल के समान हैं,
दत्त ज्ञान का प्रकाश हैं, इन्हें दूर भगाओ।
जाति अभिमान, व्यर्थ अहंकार,
सद्गुरु सिखाते हैं, समानता का नारा।

अर्थ:
अज्ञान और भेदभाव अंधकार के जाल के समान हैं।
श्री गुरुदत्त का ज्ञान का प्रकाश उस अंधकार को दूर भगाता है।
जाति अभिमान व्यर्थ अहंकार है।
सद्गुरु हमें समानता का संदेश देते हैं।

4. 💧 जल और मिट्टी

मराठी कविता:

जैसे जल मिट्टी में समाया हुआ है,
वैसे ही सभी मनुष्य एक ईश्वर के स्वरूप हैं।
सबका रक्त लाल है, साँस एक है,
भेदभाव भूल जाओ, दत्ता मौलि कहते हैं।

अर्थ:
जैसे जल और मिट्टी एक हैं,
वैसे ही सभी मनुष्य एक ईश्वर के स्वरूप हैं।
सबका रक्त एक ही रंग का है और साँस भी एक है।
इसलिए दत्ता मौलि कहते हैं - सभी भेद भूल जाओ।

5. 🕊� मन से शुद्ध रहो

मराठी कविता:

मन शुद्ध रखो, प्रेम का स्थान हो,
जातिवाद का नाश हो, यही गुरु का आशीर्वाद है।
चाहे कोई पराया हो, चाहे कोई दूर हो,
सबको स्वीकार करो, दत्ता दिगंबर!

अर्थ:
मन को सदैव स्वच्छ और पवित्र रखें,
और उसमें केवल प्रेम को स्थान दें।
जातिवाद का नाश हो, यही गुरुदेव दत्त का आशीर्वाद है।
कोई पराया न हो, सबको एक समझें - यही दत्त का सिद्धांत है।

6. 🔔 सेवा ही धर्म है

मराठी कविता:

दत्त भक्तों को समता का व्रत लेना चाहिए,
जाति-भेद देखे बिना लोगों की सेवा करें।
कर्म अच्छे हों, वाणी मधुर हो,
जीवन के संघर्षों से सभी बाधाओं को दूर करें।

अर्थ:
दत्त भक्तों को समता का व्रत लेना चाहिए।
लोगों की सेवा करते समय, जाति-भेद नहीं देखना चाहिए।
कर्म अच्छे हों, वाणी मधुर हो,
और जीवन के सभी संघर्षों को दूर करें।

7. ✨ दत्ता चरणि लिन

मराठी कविता:

आइए दत्त के चरणों में समर्पण करें, यह व्रत लें,
यह समाज जाति-भेद से मुक्त हो।
गुरु की कृपा सदैव बनी रहे, यही एक आशा है,
तब शांति आएगी, दत्त भगवान की विशेष कृपा!

अर्थ:
आइए हम दत्त महाराज के चरणों में समर्पण करें और यह प्रतिज्ञा लें —
हमारा समाज जातिगत भेदभाव से मुक्त हो।
गुरुदेव की कृपा सदैव हम पर बनी रहे, यही मेरी कामना है।
तब भगवान दत्त की विशेष कृपा से शांति मिलेगी।

इमोजी सारांश
🙏 | दत्ता | कृपा से | मिटाएँ | भेद! | 💖 | दत्ता | नाम | जपना चाहिए | हृदय | प्रेम | भरें | , | जाति | - | पथ | नहीं | , | भक्ति | एक | जानें | . | दत्ता | अवधूत | , | भेद | सब | तोड़ें | , | मानवता का धागा | , | जोड़ी | सब | . | 🤝 | गुरुचरित्र में | गाथा | , | समानता की कहानी | , ��| ऊँचा | - | नीचा | नहीं | , | दत्ता | कृपा का महत्व | . | सभी में | देखना चाहिए | , | एक | ईश्वर | , | वह | दत्ता | रूप में | , | अच्छी सलाह | देते हैं | . | ☀️ | अज्ञान | और | मतभेद | , | अंधकार | का | जाल | , | दत्ता | ज्ञान | की | ज्वाला | , | उसे | भाग जाना चाहिए | . | जाति | अभिमान | , | व्यर्थ | अहंकार | , | सद्गुरु | सिखाते हैं | , | समानता | का | नारा | . | 💧 | जैसे | पानी | पाया जाता है | , | मिट्टी | में | एक | रूप | , | वैसे | सभी | मनुष्य | , | एक | ईश्वर | का | रूप | है | . | सभी | का | रक्त | लाल | है | , | सांस | एक | प्रवाह | है | , | भेदभाव | भूल जाओ | , | दत्ता | मौली | कहते हैं | . | 🕊� | रखो | मन शुद्ध हो, प्रेम का स्थान हो, जातिवाद नष्ट हो, यह गुरु का आशीर्वाद है। कोई भी अजनबी न रहे, कोई भी दूर न रहे, सबको स्वीकार करे, दत्त दिगंबर! 🔔 दत्त भक्त समानता का व्रत लें, लोगों की सेवा करें, जाति को देखे बिना। कर्म अच्छे होने चाहिए, वाणी मधुर होनी चाहिए, जीवन के संघर्षों से सारी गंदगी मिटा दें। ✨ दत्ता आइए हम प्रभु के चरणों में समर्पण करें, इस ध्यान को अपनाएं, जाति भेदभाव से मुक्त करें। गुरु की कृपा हो। सदैव | बनी रहे | , | यह | एक | आशा | , | तब | शांति | दी | जाएगी , | दत्ता | भगवान | की | विशेष | !

--अतुल परब
--दिनांक-13.11.2025-गुरुवार.
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