🌿 श्री स्वामी समर्थ और 'सत्संग' का महत्व! 🌿-2-

Started by Atul Kaviraje, November 13, 2025, 11:56:30 AM

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Atul Kaviraje

श्री स्वामी समर्थ और उनके द्वारा 'सत्संग' का महत्व-
(श्री स्वामी समर्थ के अनुसार 'सत्संग' का महत्व)
(The Importance of 'Satsang' According to Shri Swami Samarth)
Importance of Shri Swami Samarth and his 'Satsang'-

🌿 श्री स्वामी समर्थ और 'सत्संग' का महत्व! 🌿

श्री स्वामी समर्थ और 'सत्संग' का महत्व

🌼 स्वामी समर्थ — सत्संग और प्रवचन 🌼

5. 🤝 संगति जीवन बदल देती है

मराठी कविता:

प्रभु के भक्तों की सरल और सीधी वाणी,
वही जीवन के कार्य की सच्ची संगति है।
बुरी संगति का तुरंत त्याग कर देना चाहिए,
सत्संग से शुद्ध मार्ग का प्रकाश मिलता है।

अर्थ:
प्रभु के भक्तों की वाणी सरल और सीधी होती है,
वही हमारे जीवन की सच्ची संगति है।
बुरी संगति का त्याग कर देना चाहिए।
सत्संग से हमें शुद्ध और अच्छे मार्ग का प्रकाश मिलता है।

6. 🔔 श्रवण और ध्यान

मराठी कविता:

सत्संग का अर्थ है स्वामी के वचनों को सुनना,
उन पर विश्वास करना और उनका ध्यान करना।
दूसरों को भी बताएँ, यह भक्ति का खजाना है,
ताकि लोग सत्संग में शामिल हो सकें, हे प्रभु।

अर्थ:
सत्संग का अर्थ है स्वामी के उपदेशों (वचनों) को सुनना।
उन पर विश्वास करना और उनका ध्यान करना।
दूसरों को भी बताएँ, यह भक्ति का खजाना है,
ताकि लोग सत्संग में शामिल हो सकें।

7. 💫 स्वामी के चरणों में

मराठी कविता:

आओ सब चलें, सत्संग पाएँ,
स्वामी की कृपा से, अपने जीवन को धन्य बनाएँ।
'श्री स्वामी समर्थ!' इस नाम का जाप करें,
इस सत्संग से आपको शांति की सुगंध मिले!

अर्थ:
आओ सब मिलकर चलें और सत्संग पाएँ।
आइए स्वामी की कृपा से अपने जीवन को धन्य बनाएँ।
आइए 'श्री स्वामी समर्थ!' का जाप करें। यह नाम स्मरणीय है।
इसी सत्संग से हमें शांति का आशीर्वाद मिलता है।

इमोजी सारांश
🌿 | श्री | स्वामी | समर्थ | और | ' | सत्संग | ' | महत्व | ! | 🙏 | स्वामी के | उपदेश | 💡 | ज्ञान | प्रकाश | 💖 | मन | पवित्रता | 🌊 | नदी | प्रवाह | 🤝 | संगति | परिवर्तन | जीवन | 🔔 | सुनना | और | ध्यान | 💫 | स्वामी के चरणों में | स्वामी | समर्थ | आए | अक्कलकोट के राजा | भक्ति का मार्ग | आसान | सीधा | ताज़ा | नाम का महत्व | और | सत्संग की मिठास | इनके साथ | दो | मतलब | जीवन चला जाता है | जोड़ी | सत्संग | मतलब | ज्ञान | अंधकार से | प्रकाश | स्वामी की कृपा से | विचार | विशेष रूप से | बुराई | बुद्धि | भाग जाती है | जब | संत | बोलता है | सत्य | और | धर्म | गहराई से | जड़ित | हृदय में | एक | का | जो | लाभ | उठाता है | सत्संग से | उसका | मन | शुद्ध | इच्छाएं | और | विकार | बन जाते हैं | तुरंत | भाग जाते हैं | शुद्ध | आचरण | यह | सत्संग | देता है | ' | मत करो | डरो | ' | ऐसा | स्वामी | विश्वास | देता है | जैसे | एक | बूंद | पानी | नदी में | मिल जाती है | वैसे | जीवन | सत्संग में | परमार्थ में | कील | अकेलापन | नहीं | मिलता | साथ | अच्छा | स्वामी के | भजन | बन जाता है | जीवन का | रंग | सरल | सीधी | वाणी | स्वामी के | भक्तों | की | वह | सच्ची | संगत | जीवन | का | काम | बुरी | संगत | त्याग | करनी | चाहिए | तुरंत | सत्संग | के | माध्यम | से | प्राप्त | होता है | शुद्ध | मार्ग | प्रकाश | सत्संग | जिसे | स्वामी के | वचनों | को | विश्वास | के | साथ | सुनना | चाहिए | और | उन | पर | ध्यान | करना | चाहिए | और | दूसरों | को | बताना | चाहिए | कि | इस | भक्ति | स्थान | के | लोगों | को | मिलना | चाहिए | सत्संग | में | हे भगवान | चलो | सब | सत्संग | में | चलें | हम | प्राप्त करें | प्रभु | की | कृपा | से | जीवन | धन्य | हो | ' | श्री | स्वामी | समर्थ | ! | ' | इस | सत्संग | के | नाम | का | जप | करें | और | शांति | की | ध्वनि | प्राप्त करें | !

--अतुल परब
--दिनांक-13.11.2025-गुरुवार.
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