"जैसे लोहा लोहे को तेज़ करता है"🧲🤝💡⚔️✨💪🧠❤️

Started by Atul Kaviraje, November 14, 2025, 02:00:09 PM

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Atul Kaviraje

जैसे लोहा लोहे को तेज़ करता है,
वैसे ही दोस्त दोस्त को तेज़ करता है।

✍️ एक लंबी अंग्रेज़ी कविता: "जैसे लोहा लोहे को तेज़ करता है"

1. कहावत का मूल सत्य (पहिला कडवा)
जैसे लोहा लोहे को तेज़ करता है, एक दृढ़, सहायक उपकरण,
वैसे ही दो आत्माएँ ज्ञान की पाठशाला में मिलती हैं।
एक मैत्रीपूर्ण बंधन, एक मज़बूत और ईमानदार बंधन,
आपकी आँखों में छिपे सत्य को प्रतिबिम्बित करता है।

अर्थ: जिस प्रकार धातु का एक टुकड़ा दूसरे को परिष्कृत करता है, उसी प्रकार एक अच्छी दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जहाँ दो लोग एक-दूसरे को समझदार बनने और अपने बारे में सच्चाई देखने में मदद करते हैं।

2. पारस्परिक शक्ति की शक्ति (दूसरा कडवा)
एकाकी घिसाव से धार कुंद हो जाती है,
उसे दूसरे के घर्षण की ज़रूरत होती है, कठोर और दुर्लभ।
धार को तेज़ करने के लिए, सतह को चमकदार बनाने के लिए,
एक पारस्परिक बल, बेहतर प्रकाश प्रदान करता है।

अर्थ: यदि कोई व्यक्ति हमेशा अकेला रहता है, तो वह अपनी तीक्ष्णता या शक्ति खो देता है। एक दोस्त व्यक्ति के चरित्र को बेहतर और अधिक सक्षम बनाने के लिए आवश्यक चुनौती और सहारा (घर्षण) प्रदान करता है।

3. चुनौती और निखार (तिसरा कडवा)
एक शब्द का घर्षण, जो दयालु और सच्चा दोनों हो,
गलतियों को निखार सकता है और एक नया दृष्टिकोण ला सकता है।
वे कोमलता से प्रश्न करते हैं, आपके दावों को चुनौती देते हैं,
और आपको एक मूर्खतापूर्ण खेल से ऊपर उठने में मदद करते हैं।

अर्थ: दोस्त हमें बेहतर बनाने में मदद करने के लिए ईमानदार, कभी-कभी आलोचनात्मक, शब्दों का प्रयोग करते हैं। वे हमारी गलतियों और धारणाओं को चुनौती देते हैं, हमें बेहतर निर्णयों की ओर मार्गदर्शन करते हैं।

4. ज्ञान और अंतर्दृष्टि साझा करना (चौथा कडवा)
जब एक के अंदर गहराई से शक्ति और ज्ञान होता है,
तो दूसरा सीखता है, और उसके पास छिपने के लिए कोई जगह नहीं बचती।
आत्मा उज्ज्वल होती है, मन घुलने-मिलने लगते हैं,
अपने आप का एक बेहतर संस्करण, मेरे दोस्त।

अर्थ: एक सच्ची दोस्ती में, दोस्त अपनी ताकत और ज्ञान साझा करते हैं। ज्ञान का यह आदान-प्रदान दोनों व्यक्तियों को अधिक बुद्धिमान और अधिक परिपूर्ण बनाता है।

5. परीक्षा के समय सहारा (पाचवा कदवा)
परीक्षा की आग में, जब साये रेंगने लगते हैं,
वफादार दोस्त अपना पवित्र वादा निभाते हैं।
वे आपके साथ खड़े होते हैं, अपनी शक्ति अर्पित करते हैं,
आपके छिपे हुए गुणों को प्रकाश में लाने के लिए।

अर्थ: कठिन समय (परीक्षा की आग) का सामना करते समय, एक वफादार दोस्त आपका साथ देता है और आपको मज़बूत बनाता है, आपके सर्वोत्तम गुणों को प्रकट करने और चुनौती पर विजय पाने में आपकी मदद करता है।

6. तीक्ष्ण परिणाम (सहवा कदवा)
कठोर किनारे धीरे-धीरे फीके पड़ जाते हैं,
जैसे-जैसे दिन-ब-दिन, आत्मा अपना रास्ता खोजती जाती है।
जितना अधिक केंद्रित उद्देश्य, उतनी ही स्पष्ट दृष्टि,
रात के विरुद्ध खड़े होने के लिए एक मजबूत आत्मा।

अर्थ: "तीक्ष्ण" होने की प्रक्रिया व्यक्तिगत दोषों (कठोर किनारों) को दूर करती है, जिसके परिणामस्वरूप एक आत्मा स्पष्ट लक्ष्यों और अधिक आंतरिक शक्ति के साथ बनती है।

7. मित्रता का आशीर्वाद (सातवा कदवा)
इसलिए अपनी मित्रता सोच-समझकर चुनें,
जो आपको ऊपर उठाएँ, किसी को पीछे न छोड़ें।
यह सच है कि लोहा लोहे को तेज़ करता है,
और एक योग्य मित्र आपको हमेशा मज़बूत बनाएगा।

अर्थ: यह श्लोक एक अंतिम सलाह है: ऐसे मित्र चुनें जो आपको बेहतर बनने के लिए प्रोत्साहित करें, क्योंकि उनका प्रभाव आपके निरंतर व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक है।

✨ इमोजी सारांश (इमोजी सारांश)
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--अतुल परब
--दिनांक-14.11.2025-शुक्रवार.
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