⚖️ शनिदेव: कर्म के अधिष्ठाता और न्याय के देवता 🌑⚖️🌑📜🙏⏳💡✨💪🏆🤝💰🧘😌🕊️📖👨

Started by Atul Kaviraje, November 16, 2025, 11:06:07 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

शनिदेव के कर्म का महत्व और उसका प्रभाव-
(The Importance of Shani Dev's Karma and Its Effect)
Importance and effect of Shani Dev's karmaphala-

⚖️ शनिदेव: कर्म के अधिष्ठाता और न्याय के देवता 🌑

⚖️ कर्मफल दाता शनिदेव: महत्व एवं प्रभाव 🌑

दीर्घ मराठी कविता (7 कड़वी)
1. पहला कड़वे (न्याय और नियम)

शनिदेव न्याय के अवतार हैं, नियमों का पालन करते हैं,
कर्मदाता हैं, संसार का पालन करते हैं।
प्रत्येक जीव को, वे निश्चित रूप से फल देते हैं,
सत्य और धर्म, जो स्थिर और संचित रहता है। 🙏

अर्थ (संक्षिप्त अर्थ)

शनिदेव न्याय के अवतार हैं और नियमों का पालन करते हैं।
वे संसार के प्रत्येक जीव के कर्मों का फल देते हैं।
वे प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार निश्चित रूप से फल देते हैं।
सत्य और धर्म का पालन ही उनकी कृपा का कारण है।

2. दूसरा कड़वे (साढ़े साती और परीक्षाएँ)

जब साढ़े साती आती है, तो जीवन स्थिर हो जाता है,
जो परीक्षा देते हैं, वे गंभीर हो जाते हैं।
मुश्किल वक़्त में बुद्धि अलग तरह से मिलती है, 💡
सुनहरे भविष्य की बात अलग है। ✨

संक्षिप्त अर्थ

जब साढ़ेसाती शुरू होती है, तो जीवन की गति थोड़ी धीमी हो जाती है।
ये व्यक्ति की कड़ी परीक्षा लेने आती हैं।
इस दौरान, ये व्यक्ति को सही और अलग बुद्धि प्रदान करती हैं।
उज्ज्वल भविष्य के लिए यह संकट ज़रूरी है।

3. तीसरा कड़वा (कड़ी मेहनत और आलस्य)

आलसी मत बनो, कड़ी मेहनत करो, 💪
शनि उन्हें प्रिय हैं, कड़ी मेहनत के लिए तैयार रहो।
ईमानदारी, काम, उनके नियम हैं,
वे केवल उन्हीं को पसंद करते हैं जो ईमानदारी से काम करते हैं। 🏆

संक्षिप्त अर्थ

वे कहते हैं कि आलसी मत बनो, कड़ी मेहनत करो।
शनि को मेहनती लोग पसंद हैं।
ईमानदारी और काम उनके नियम हैं।
वे केवल उन्हीं को पसंद करते हैं जो ईमानदारी से काम करते हैं।

4. चौथा कड़वा (दान और सेवा)

गरीबों और ज़रूरतमंदों की सेवा करना एक महान कर्म माना जाता है, 🤝
गरीबों को दान देने से पुण्य मिलता है।
मज़दूर और मेहनतकश, ये अपनी ही पीठ हैं,
जो इनकी सेवा करते हैं, उन्हें मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। 💰

अर्थ (संक्षिप्त अर्थ)

गरीबों और कमज़ोरों की सेवा करना एक महान कर्म है।
गरीबों को दान देने से पुण्य मिलता है।
शनिदेव हमेशा मेहनती और मेहनती लोगों के साथ रहते हैं।
उनकी सेवा करने वालों के कष्ट नष्ट हो जाते हैं।

5. पाँचवाँ कड़वा (वैराग्य और धैर्य)

सुख-दुःख का मोह धीरे-धीरे कम होता जाता है, 🧘
तब जीवन में वैराग्य का भाव आता है।
शनिदेव मन को धैर्य सिखाते हैं, 😌
संसार का मोह, स्वतः ही उसे तोड़ देता है। 🕊�

अर्थ (संक्षिप्त अर्थ)

भौतिक सुख-दुःख का मोह कम होता जाता है।
जीवन में वैराग्य का भाव आता है।
शनिदेव मन को धैर्य सिखाते हैं।
इससे संसार के मोह-बंधन टूट जाते हैं।

6. छठा कड़वा (धर्म और सत्य)

धर्म और सत्य का साथ कभी न छोड़ें, 📖
झूठ, छल का साथ कभी न दें।
पिता की भक्ति, गुरु की भक्ति, श्रेष्ठ कर्म सत्य हैं, 👨�👩�👧�👦
शनिदेव प्रिय हैं, आचरण उत्तम है। 🔔

अर्थ (संक्षिप्त अर्थ)

धर्म और सत्य का मार्ग न छोड़ें।
छल, झूठ से बचें।
माता-पिता और गुरु की भक्ति श्रेष्ठ कर्म हैं।
ऐसा अच्छा आचरण शनिदेव को प्रिय है।

7. सातवाँ कड़वा (हनुमान और शुभ फल)

प्रतिदिन हनुमान का नाम जपें, 🚩
शनिदेव शांत हुए, प्रेम आया।
कड़ी मेहनत के बाद फल बहुत मीठा होता है,
अंत में शनिदेव जयकार करते हैं। 🎉

अर्थ (संक्षिप्त अर्थ)

प्रतिदिन हनुमान जी का नाम जपें।
इससे शनिदेव शांत हो जाते हैं और प्रेम से कार्य करते हैं।
कड़ी मेहनत के बाद मिलने वाला फल बहुत मीठा होता है।
अंत में, शनिदेव मेहनती भक्त की प्रशंसा करते हैं।

💫 इमोजी सारांश (इमोजी सारांश) 💫

⚖️🌑📜🙏⏳💡✨💪🏆🤝💰🧘😌🕊�📖👨�👩�👧�👦�

--अतुल परब
--दिनांक-15.11.2025-शनिवार.
===========================================