💫 महालया समन्ति - पितृऋण चुकाने का दिन 🕊️🕊️ 💧 🍚 ✨ 🙏 🌿 ☀️

Started by Atul Kaviraje, November 16, 2025, 11:44:11 AM

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Atul Kaviraje

महालय समाप्ती-

महालया (पितृ पखवाड़े का अंत) 15 नवंबर 2025 (शनिवार) को नहीं मनाया जाएगा। महालया आमतौर पर सितंबर/अक्टूबर में पितृ पक्ष में समाप्त होता है।

'महालया समन्ति' विषय पर एक सुंदर, सरल, रसीली और तुकांत कविता, जो दिवंगत पूर्वजों के प्रति स्मरण और श्रद्धा व्यक्त करती है।

💫 महालया समन्ति - पितृऋण चुकाने का दिन 🕊� (भक्ति से भरी मराठी कविता)

⭐ 1. पहली मधुर-कटु कविता

पंद्रह दिन की अवधि समाप्त हो गई है,
पितृ पंधरवड़ा आज समाप्त हो गया है।
दिवंगत आत्माओं को शांति मिले,
यह आशीर्वाद सदैव बना रहे।

अर्थ: पंद्रह दिन की पितृ पक्ष की अवधि आज समाप्त हो गई है। हमारे दिवंगत पूर्वजों की आत्माओं को शांति मिले और उनका आशीर्वाद सदैव हम पर बना रहे।

⭐ 2. दूसरा कड़वा-मीठा

आज अमावस्या है, दिन का अंतिम दिन,
श्रद्धा का कार्य निष्काम हो।
पितरों के नाम स्मरण करें और ध्यान करें,
उनकी कृपा से आपको संतुष्टि मिले।

अर्थ: आज महालया के अंत की अमावस्या है, इस दिन बिना किसी फल (निष्काम) की कामना के, श्रद्धापूर्वक कर्म करना चाहिए। पितरों और उनके नाम का स्मरण करें, क्योंकि उनके आशीर्वाद से ही जीवन में शांति और संतुष्टि मिलती है।

⭐ 3. तीसरा कड़वा

तिल और दूध का भोग,
ब्राह्मणों को भोजन,पूजा।
कौओं को ग्रास देने की प्रथा,
मन में पितरों का निरंतर स्मरण करें।

अर्थ: इस दिन पितरों को तिल और दूध का भोग लगाया जाता है,
और ब्राह्मणों को भोजन कराकर उनकी पूजा की जाती है। कौओं को ग्रास देने की पारंपरिक प्रथा का पालन किया जाता है, जिससे पितरों का सदैव स्मरण होता है।

⭐ 4. चौथा कड़वा

उन्होंने जो कुछ भी किया है, उसे नहीं भूलना चाहिए,
उनके संस्कारों को संजोकर रखना चाहिए।
त्याग और प्रेम की शिक्षाएँ,
यही उनका सच्चा जीवन है।

अर्थ: हमें अपने पूर्वजों ने हमारे लिए जो कुछ किया है, उसे कभी नहीं भूलना चाहिए। हमें उनके अच्छे मूल्यों और शिक्षाओं को हमेशा अपने मन में रखना चाहिए। उन्होंने जो त्याग और प्रेम दिया, वही उनके जीवन की असली पहचान है।

⭐ 5. पाँचवाँ कदवे

पितृभूमि की यात्रा सुगम हो,
उन्हें ईश्वर का घर मिले।
वे अगली पीढ़ी को राह दिखाएँ,
वे सुखपूर्वक जाएँ।

अर्थ: हमारे पूर्वजों की पितृभूमि की यात्रा सुगम हो,
उन्हें ईश्वर के चरणों में स्थान मिले। वे अगली पीढ़ी को सही दिशा दिखाएँ और वे सुखपूर्वक विश्राम करें।

⭐ 6. छठा कदवे

अलविदा कहने से दुःख दूर हो जाएगा,
अब खुशियों की बाढ़ आ जाएगी।
देवी शक्ति का पर्व आरंभ,
नए गुरु का लाभ सभी को मिले।

अर्थ: पितरों को विदा करने से मन का दुःख दूर हो जाता है, क्योंकि अब उनकी शांति से जीवन में सुख के दिन आएंगे। इसके तुरंत बाद देवी शक्ति का पर्व (नवरात्रि/शारदीय नवरात्रि) आरंभ होता है। सभी को नई ऊर्जा और ज्ञान (गुरु) की प्राप्ति हो।

⭐ 7. सातवाँ मधुर-कटु

पितरों को कोटि-कोटि नमन,
आइए हम अपने कार्य श्रद्धापूर्वक पूर्ण करें।
परिवार पर दृष्टि रखें,
महालया के समापन का यह अनुष्ठान नया है।

अर्थ: सभी पितरों को नम्रतापूर्वक कोटि-कोटि नमन। हम अपने सभी कार्य श्रद्धापूर्वक पूर्ण करेंगे। वे सदैव हमारे परिवार पर अपनी दृष्टि बनाए रखें। इस प्रकार महालया के समापन का यह पवित्र अनुष्ठान पूर्ण होता है।

प्रतीक/चित्र

🕊� (कबूतर): मन की शांति और मुक्ति का प्रतीक।

💧 (जल की बूँद): तर्पण (जल अर्पण) का प्रतीक।

🍚 (चावल/भोजन): श्राद्ध और भोजनदान का प्रतीक।

✨ (चमक): पूर्वजों की आत्माओं की दीप्ति का प्रतीक।

🙏 (हाथ मिलाना): आस्था और सम्मान का प्रतीक।

🌿 (तुलसा/दर्भ): धार्मिक अनुष्ठानों में पवित्र पौधा।

☀️ (सूर्य): साक्षी और सत्य का प्रतीक।

इमोजी सारांश
🕊� 💧 🍚 ✨ 🙏 🌿 ☀️

--अतुल परब
--दिनांक-15.11.2025-शनिवार.
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