🙏 बिरसा मुंडा जयंती - धरती आबा को याद करते हुए 🏹🏹 🌳 👑 🔥 🇮🇳 🙏 👨‍👩‍👧‍

Started by Atul Kaviraje, November 16, 2025, 11:45:53 AM

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Atul Kaviraje

बिरसा मुंडा जयंती-

🙏 बिरसा मुंडा जयंती - धरती आबा को याद करते हुए 🏹 (भक्ति और वीरता से परिपूर्ण मराठी कविता)

बिरसा मुंडा की जयंती हर साल 15 नवंबर को मनाई जाती है। सुंदर, सरल, रसीली और तुकांत कविताएँ जो उनकी वीरता, बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को श्रद्धांजलि देती हैं।

⭐ 1. पहली कड़वी कविता

पंद्रह नवंबर, एक पवित्र दिन,
आज धरती के रत्न का जन्म हुआ।
आदिवासियों के महानायक,
जनता के सहायक, बिरसा मुंडा।

अर्थ: 15 नवंबर एक पवित्र दिन है, क्योंकि इसी दिन देश के एक अनमोल व्यक्ति (रत्न) का जन्म हुआ था। वे आदिवासी समुदाय के एक महान नेता और जन-जन के सहायक थे।

⭐ 2. दूसरी कड़वी कविता

उन्होंने उलगुलान क्रांति का मंत्र दिया,
शोषण के विरुद्ध तकनीक का प्रयोग किया।
जंगल, ज़मीन, अधिकारों के लिए संघर्ष,
गुलामी की जंजीरों को तोड़ना।

अर्थ: उन्होंने ब्रिटिश शासन और जमींदारों के शोषण के विरुद्ध 'उलगुलान' (महाविद्रोह) का नारा दिया। उन्होंने जंगल, ज़मीन और आदिवासियों के प्राकृतिक अधिकारों के लिए संघर्ष किया और गुलामी की जंजीरों को तोड़ा।

⭐ 3. तीसरा कटु

उन्होंने कभी अंग्रेजों के आगे घुटने नहीं टेके,
वे अंत तक लड़ते रहे।
उन्होंने न्याय और धर्म का पालन किया,
उन्होंने स्वराज्य की अपील की।

अर्थ: उन्होंने कभी ब्रिटिश शासन के आगे घुटने नहीं टेके और अंत तक लड़ते रहे। उन्होंने हमेशा न्याय और धर्म की रक्षा की और लोगों को एकजुट किया ताकि देश को अपना राज्य (स्वराज्य) मिल सके।

⭐ 4. चौथा कटु

उन्हें 'धरती आबा' कहा जाता था,
उनका बलिदान, महान गौरव।
उन्होंने लोगों के लिए बहुत कष्ट सहे,
उन्होंने क्रांति की चिंगारी भड़काई।

अर्थ: उन्हें 'धरती आबा' (पृथ्वी के पिता) के नाम से जाना जाता था। उन्होंने जो बलिदान दिया वह राष्ट्र के लिए बहुत गौरव की बात है। उन्होंने आम जनता के लिए बहुत कष्ट सहे और स्वतंत्रता संग्राम की आग जलाई।

⭐ 5. पाँचवाँ कड़वा

उन्होंने सम्मान से जीना सिखाया,
शोषितों को नई आवाज़ दी।
एकता का मंत्र, प्रेम की भावना,
उन्होंने पुरानी रीति-रिवाजों को जीवनदान दिया।

अर्थ: उन्होंने सिखाया कि सभी को स्वाभिमान से जीना चाहिए। उन्होंने शोषितों और कमज़ोरों को एक नई आशा और आवाज़ दी। उन्होंने एकता और प्रेम का संदेश दिया और समाज की पुरानी रीति-रिवाजों का समर्थन किया।

⭐ 6. छठा कड़वा

उन्होंने बाँस और तीरों के सहारे
अन्याय पर प्रहार किया।
वे क्रांति के प्रतीक बन गए,
कई लोगों ने उनकी विरासत को संजोया।

अर्थ: उन्होंने बाँस की लाठियों और तीरों (हथियारों) का उपयोग करके अन्याय पर प्रहार किया। वे क्रांति के एक महान प्रतीक बन गए और कई लोग आज भी उनके संघर्ष की विरासत को गर्व के साथ संजोए हुए हैं।

⭐ 7. सातवाँ कड़वा

आज हम उन वीर पुरुषों को नमन करते हैं,
आइए उनका पवित्र नाम लें।
आइए हम सब उनके बताए मार्ग पर चलें,
आइए अपने प्यारे वतन का जयकारा लगाएँ।

अर्थ: आज हम इस वीर पुरुष (बिरसा मुंडा) को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं और उनका पावन नाम लेते हैं। आइए हम सब उनके दिखाए मार्ग पर चलें और 'हमारा देश विजयी हो' का जयघोष करें।

प्रतीक/चित्र

🏹 (तीर/धनुष): आदिवासियों का पारंपरिक हथियार और संघर्ष का प्रतीक।

🌳 (वृक्ष): जंगल, ज़मीन और प्रकृति की सुरक्षा का प्रतीक।

👑 (मुकुट): 'धरती आबा' और नेतृत्व का प्रतीक।

🔥 (अग्नि): 'उलगुलान' और क्रांति की ज्वाला का प्रतीक।

🇮🇳 (ध्वज): स्वतंत्रता और देशभक्ति का प्रतीक।

🙏 (हाथ जोड़कर): सम्मान और बलिदान को नमन।

👨�👩�👧�👦 (लोग): आदिवासी समाज और लोगों का प्रतीक।

इमोजी सारांश
🏹 🌳 👑 🔥 🇮🇳 🙏 👨�👩�👧�👦

--अतुल परब
--दिनांक-15.11.2025-शनिवार.
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