यशोदा कहती है, हे "गोपी"-🧑‍🍼😠👶😊🗣️🥛🤔😄🤫💖

Started by Atul Kaviraje, November 17, 2025, 08:18:12 PM

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Atul Kaviraje

यशोदा कहती है, हे "गोपी"-

१. यशोदा कहती है, हे "गोपी",
तेरा ग्वाला ही झूठ बोलता है.
"कान्हा" मेरा कितना मासूम है,
देख, उसका चेहरा ही बताता है.

अर्थ: यशोदा गोपी से कहती है, "अरे गोपी, तेरा ग्वाला (यानी तू खुद) ही झूठ बोल रही है। मेरा कान्हा कितना मासूम है, देख ना, उसका चेहरा ही बता रहा है।" 🧑�🍼😠👶😊

२. गोपियाँ आईं, शिकायत लेकर,
"दही, दूध, माखन, वो चुराकर खाता है."
यशोदा का मन, तब भर आया,
"मेरा कान्हा, ऐसे नहीं करता है."

अर्थ: गोपिकाएँ शिकायत लेकर आईं और बोलीं, "वह (कान्हा) दही, दूध, माखन चुराकर खाता है।" तब यशोदा का मन भर आया (उसे बुरा लगा) और उसने कहा, "मेरा कान्हा ऐसा नहीं करता है।" 🗣�🥛🤔

३. कान्हा हँसा, मीठी हँसी हँसा,
मन के विचारों को, उसने छिपाया.
मिट्टी के कण, होठों पर न थे,
माँ के प्रेम में, वो लीन हो बैठा.

अर्थ: कान्हा मीठी हँसी हँसा, उसने अपने मन के विचार छिपा लिए। उसके होठों पर मिट्टी के कण नहीं थे, वह माँ के प्रेम में लीन होकर बैठ गया था। 😄🤫💖

४. यशोदा को विश्वास, अपने पुत्र पर,
नंदकिशोर के, मासूम रूप पर.
जग सारा बोले, फिर भी वो न डरे,
माँ का प्रेम, वो होता ही है ऐसा प्यारा.

अर्थ: यशोदा को अपने बेटे पर, नंदकिशोर के मासूम रूप पर पूरा विश्वास था। दुनिया कुछ भी बोले, फिर भी वह डरी नहीं, क्योंकि माँ का प्रेम ऐसा ही अनोखा होता है। 🛡�👩�🍼

५. आँखें भरकर देखा, उसके मुख को,
"बचपन की शरारतें," मन में याद आई.
ममता भरी नज़रों से, उसने उसे देखा,
दोष किसी का नहीं, ऐसे ही उसने माना.

अर्थ: उसने आँखें भरकर उसके चेहरे को देखा और बचपन की शरारतें उसे याद आईं। ममता भरी नज़रों से उसने उसे देखा और माना कि दोष किसी का नहीं है। 👀💭❤️

६. गोपियाँ चली गईं, निरुत्तर होकर,
यशोदा के प्रेम का, दर्शन लेकर.
कैसे देंगे सज़ा, उस निष्पाप बच्चे को,
जहाँ माँ का प्रेम, है उसका आधार उसको.

अर्थ: गोपियाँ निरुत्तर होकर चली गईं, यशोदा के प्रेम का दर्शन पाकर। उस निष्पाप बच्चे को सज़ा कैसे देंगी, जहाँ माँ का प्रेम ही उसका आधार है। 🚶�♀️💖👶

७. कान्हा की लीला, बड़ी निराली,
माँ के प्रेम की, वो सच्ची पुजारी.
बालक का रूप, भगवान का था,
यशोदा की भक्ति में, वो लीन था.

अर्थ: कान्हा की लीला बहुत अनोखी है, और वह माँ के प्रेम का सच्चा पुजारी है। बालक का वह रूप भगवान का था, जो यशोदा की भक्ति में लीन था। 🌟🙏

--अतुल परब
--दिनांक-17.11.2025-सोमवार.
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