🙏🔱 शिव की जय हो, जिनके पीछे देवताओं ने विजय प्राप्त की:🔱🙏🔱 🙏 🐍 🌙 🛡️ 👑

Started by Atul Kaviraje, November 18, 2025, 11:22:51 AM

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Atul Kaviraje

शिव की जय हो, जिनके पीछे देवताओं ने विजय प्राप्त की-
(The Glory of Shiva, After Whom Gods Were Conquered)

🙏🔱 शिव की जय हो, जिनके पीछे देवताओं ने विजय प्राप्त की:🔱🙏

🙏 शिव की महिमा: जिसके बाद देवताओं की विजय हुई 🔱

यह कविता भगवान शिव की अपार महिमा पर आधारित है।
जब देवताओं और दानवों में संघर्ष हुआ और देवता संकट में थे,
तो शिव ने अपनी शक्ति और उदारता से उन्हें कैसे बचाया
और उन्हें विजय दिलाई, इसका वर्णन इसमें किया गया है।

1. देवों और असुरों का युद्ध

मराठी कविता:
देवताओं और दानवों में भयंकर युद्ध छिड़ गया।
हार से देवता स्तब्ध रह गए।
अनेक विपत्तियाँ आईं, सभी भयभीत हो गए।
जीतना मुश्किल हो गया, अब उन्हें कौन बचाएगा?

अर्थ:
देवताओं और दानवों के बीच भयंकर युद्ध शुरू हो गया।
हार के कारण देवता बहुत शांत और निराश हो गए।
उन पर अनेक विपत्तियाँ आईं और वे सभी भयभीत हो गए।
अब जीतना मुश्किल हो गया, उन्हें कौन बचाएगा?

2. नीलकंठ, विष-निवारक

मराठी कविता:
जब समुद्र मंथन हुआ, तो भयंकर विष निकला।
सारा जीवन समाप्त हो गया, कितना खाली हो गया।
तब शंकर दौड़े, उसे ग्रहण किया, और ग्रहण कर लिया।
उसे अपने कंठ में धारण करके, वे अटल नीलकंठ बन गए।

अर्थ:
जब समुद्र मंथन हुआ, तो भयंकर विष निकला,
तब समस्त जीवन के नष्ट होने का भय उत्पन्न हो गया।
तब शंकर (शिव) दौड़े और विष पी गए।
उन्होंने उसे अपने कंठ में धारण कर लिया और अटल नीलकंठ बन गए।

3. त्रिपुरासुर का वध

मराठी कविता:
जब त्रिपुरासुर ने तीनों लोकों में उत्पात मचाया।
तीनों लोक उससे भर गए।
देवताओं का सिंहासन छिन गया।
शिव ने एक ही बाण से तीनों जल प्रलय को भस्म कर दिया।

अर्थ:
जब त्रिपुरासुर ने तीनों लोकों में भयंकर उत्पात मचाया,
तब उसका भय तीनों लोकों में फैल गया था।
देवताओं का राज्य (सिंहासन) उनसे छीन लिया गया था।
तब शिव ने एक ही बाण से उनकी तीनों नगरियों (तीन नगरों) को भस्म कर दिया।

4. अंधकासुर और काम का दहन

मराठी कविता:
शिव ने अंधकासुर का अभिमान चूर-चूर कर दिया।
रुद्र के क्रोध के आगे सब कुछ चूर-चूर हो गया।

उन्होंने देवताओं के लिए ऐसा किया, यहाँ तक कि मदन भी जल गया।
शिव ने धैर्य का आदर्श प्रस्तुत किया।

अर्थ:
शिव ने अंधकासुर का अहंकार तोड़ा।
रुद्र (शिव के क्रोधित रूप) के क्रोध के आगे सब कुछ टूट गया।
उन्होंने देवताओं का कार्य सिद्ध करने के लिए कामदेव/मदन को भस्म कर दिया।
शिव ने संसार को संयम का आदर्श दिखाया।

5. देवताओं के रक्षक

मराठी कविता:
जब भी देवताओं पर कोई बड़ा संकट आया।
शिव ने स्वयं उस संकट को अपने निकट ले लिया।
त्रिशूलधारी शंकर, महान रक्षक।
देवताओं को साहस दिया, उनका सम्मान अर्जित किया।

अर्थ:
जब भी देवताओं पर कोई बड़ा संकट आया,
शिव ने स्वयं उस संकट को अपने निकट ले लिया।
त्रिशूलधारी शंकर महान रक्षक हैं।
उन्होंने देवताओं को साहस दिया और उनका सम्मान अर्जित किया।

6. विजय और शांति

मराठी कविता:
शिव की कृपा से देवताओं ने विजय प्राप्त की।
अन्याय पर धर्म का यह उत्थान।

तीनों लोकों में फिर से शांति छा गई।
देवताओं ने त्रिलोक के स्वामी को प्रणाम किया।

अर्थ:
शिव की कृपा से देवताओं ने विजय प्राप्त की।
अन्याय पर धर्म का उत्थान।
तीनों लोकों में फिर से शांति छा गई।
सभी देवताओं ने त्रिलोक के स्वामी को प्रणाम किया।

7. भक्तों का सहयोग

मराठी कविता:
आपने ही देवताओं की समस्याओं का समाधान किया। हे भगवान, आप ही भक्तों के लिए मोक्ष हैं।
आपके चरणों की भक्ति ही जीवन का सार है।
भोलेनाथ की कृपा ही सबसे बड़ा सहारा है।

अर्थ:
आपने देवताओं के कष्ट दूर किए हैं।
भक्तों के लिए आप ही रक्षक हैं।
आपके चरणों में भक्ति रखना ही जीवन का सार है।
भोलेनाथ की कृपा ही सबसे बड़ा सहारा है।

🖼� प्रतीक और सारांश

आकृति प्रतीक/चिह्न
महिमा 👑 (मुकुट)
सुरक्षा 🛡� (ढाल)
बलिदान (विषप्रशन) 💙 (नीला हृदय - नीलकंठ)
विजय 🏆 (ट्रॉफी)

✨ इमोजी सारांश
🔱 🙏 🐍 🌙 🛡� 👑 🏆 💙
(शिव की महिमा, जिनके पीछे देवताओं पर विजय प्राप्त हुई)

--अतुल परब
--दिनांक-17.11.2025-सोमवार.
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