🙏 वृश्चिक संक्रांति: भक्ति का सूर्योदय ☀️☀️ 🙏 🕉️ 💧 🍊 🧣 ✨ 😊

Started by Atul Kaviraje, November 18, 2025, 12:01:18 PM

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Atul Kaviraje

वृश्चिक संक्रांती-

🙏 वृश्चिक संक्रांति: भक्ति का सूर्योदय ☀️

आज, 16 नवंबर 2025, रविवार के पावन दिन, सूर्य देव तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं। वृश्चिक संक्रांति के इस पावन अवसर पर, मैं एक भक्तिमय, सुंदर और अर्थपूर्ण मराठी कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ।

वृश्चिक संक्रांति उत्सव

1.
आज, 16 नवंबर, रविवार, एक विशेष दिन है,
सूर्य देव राशि परिवर्तन कर रहे हैं, अपनी साँसों को राशि में समेटे हुए हैं।
तुला से वृश्चिक राशि में, संक्रांति का समय आ गया है,
अपने साथ भक्ति की मधुर लय लेकर।

अर्थ:
आज, 16 नवंबर, रविवार, एक विशेष दिन है, क्योंकि आज सूर्य अपनी राशि परिवर्तन कर रहे हैं। सूर्य तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं, यह संक्रांति का समय है, जो हमारे लिए भक्ति के सुंदर क्षण लेकर आ रहा है।

2.
भास्कर उदय हो चुके हैं, उनके तेज से, एक नया,
पवित्र स्नान शुरू होना चाहिए।
सभी भक्त नदी के तट पर एकत्रित हुए हैं,
सूर्यदेव को जल अर्पित कर रहे हैं।

अर्थ:
नया उज्ज्वल सूर्य उदय हो चुका है, इसलिए अब पवित्र स्नान शुरू होना चाहिए। सभी भक्त नदी के तट पर एकत्रित हुए हैं और सूर्यदेव को जल अर्पित कर रहे हैं।

3.
इस दिन दान का बहुत महत्व है,
तिल, गुड़, वस्त्र बाँटें, मिथ्यात्व दूर होगा।
गरीबों की मदद करना, यही सच्चा धर्म है,
सूर्यदेव की कृपा से मिथ्यात्व दूर होगा।

अर्थ:
इस संक्रांति के दिन दान का बहुत महत्व है। तिल, गुड़ और वस्त्र दान करने से अनिष्ट दूर होते हैं। गरीबों की मदद करना ही सच्चा धर्म है और सूर्यदेव की कृपा से मन का दुःख दूर होता है।

4.
प्रातःकाल सूर्य मंत्र का जाप करने से आपको स्वतः ही स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि प्राप्त होगी। एक मन से सूर्य की आराधना करें, नकारात्मकता दूर होगी और मन शुद्ध होगा। भावार्थ: प्रातःकाल सूर्य मंत्र का जाप करने से आपको स्वतः ही स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि प्राप्त होगी। पूर्ण एकाग्रता (एक मन) से सूर्य के प्रकाश की आराधना करें, जिससे नकारात्मकता दूर होगी और मन शुद्ध होगा। 5. वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल के कारण शक्ति और ऊर्जा में वृद्धि होगी। इस अवधि में आत्मचिंतन का अवसर मिलेगा, इस शांतिपूर्ण वातावरण में स्वयं को जानें। भावार्थ: वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है। अतः इस अवधि में शक्ति और ऊर्जा का अनुभव बढ़ेगा। यह संक्रांति आत्म-परीक्षण (आत्मचिंतन) का अवसर लेकर आती है, हमें शांतिपूर्ण वातावरण में स्वयं को जानना चाहिए। 6. परेशानियों से बचें, साहस के साथ आगे बढ़ें,
सत्य के मार्ग पर चलें, अपना काम शीघ्रता से करें।
जीवन के हर पल का जश्न मनाएँ,
मन में खुशियों का दीप जलाएँ।

अर्थ:
कष्टों को दूर करो और साहस के साथ आगे बढ़ो। सत्य के मार्ग पर चलो और अपना काम शीघ्रता से करो। जीवन के हर पल को आनंद के साथ मनाओ और मन में खुशी का दीप जलाओ।

7.
आइए आज भक्ति भाव से सूर्य का स्तुतिगान करें।
हमारे जीवन में शांति का वास हो और सभी पर प्रेम की वर्षा हो।
आइए वृश्चिक संक्रांति का आशीर्वाद लें।
आइए हम अपना जीवन सुख और संतोष के साथ जिएं।

अर्थ:
आइए आज भक्ति भाव से सूर्य का स्तुतिगान करें। हमारे जीवन में शांति का वास हो और सभी पर प्रेम की वर्षा हो। हम सभी वृश्चिक संक्रांति का आशीर्वाद लेकर अपना जीवन सुख और संतोष के साथ जिएं।

⭐ सारांश / इमोजी सार (सारांश इमोजी) ⭐

☀️ 🙏 🕉� 💧 🍊 🧣 ✨ 😊
(सूर्य, नमस्कार/भक्ति, ओंकार/आध्यात्मिकता, जल/स्नान, दान, वस्त्र/उदासी, तेज, आनंद/संतुष्टि)

--अतुल परब
--दिनांक-16.11.2025-रविवार.
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