📚 छात्रों में अनुशासन का ह्रास 📉📚 ⏳ 📵 👂 🙏 📏 💡 🌱

Started by Atul Kaviraje, November 18, 2025, 12:05:41 PM

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Atul Kaviraje

विद्यार्थियों में अनुशासन की गिरती स्थिति-

📚 छात्रों में अनुशासन का ह्रास 📉

छात्रों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों का ह्रास आजकल एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा है। इसी विषय पर आधारित एक सुंदर और सार्थक मराठी कविता प्रस्तुत है जो छात्रों को अनुशासन के महत्व का बोध कराती है।

भटकता रास्ता और अनुशासन की कीमत

1.
आजकल स्कूलों में एक अलग ही नज़ारा देखने को मिलता है,
हाथ में किताबें तो हैं, पर मन भूला हुआ है।
शिक्षा अच्छी है, बुद्धि भी प्रखर है,
पर अनुशासन का महत्व, मानो कहीं दूर चला गया है।

अर्थ:
आजकल स्कूलों में एक अलग ही नज़ारा देखने को मिलता है। छात्रों के हाथ में किताबें तो हैं, पर उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता। शिक्षा अच्छी है, बुद्धि भी प्रखर है, पर ऐसा लगता है कि अनुशासन का महत्व कहीं दूर चला गया है।

2.
समय की मर्यादा टूट गई है, वाणी रूखी हो गई है,
बड़ों का सम्मान, कुछ भी नहीं बचा है।
तकनीक की दुनिया में, उनका मन उलझा हुआ है,
उन्हें सीमाओं का कोई बोध नहीं है, वे सब कुछ भूल गए हैं।

अर्थ:
समय की पाबंदी का पालन नहीं हो रहा है, वाणी रूखी हो गई है। बड़ों के प्रति आदर की भावना कम हो गई है। उनका मन पूरी तरह से तकनीक की दुनिया (जैसे मोबाइल, इंटरनेट) में डूबा हुआ है। इस वजह से, उन्हें अपनी सीमाओं का एहसास नहीं है और वे सब कुछ भूल गए हैं।

3.
कक्षा में अराजकता है, शांति भंग है,
पढ़ाई से ज़्यादा, दूसरे विषयों का रंग।
एकाग्रता नहीं, ध्यान भटकता है,
अनुशासन की नींव कमजोर है, भविष्य की चिंता है।

अर्थ:
कक्षा में हमेशा अराजकता रहती है, इसलिए शांति नहीं टिकती। पढ़ाई से ज़्यादा ध्यान दूसरी चीज़ों (जैसे मौज-मस्ती, मनोरंजन) पर दिया जाता है। एकाग्रता की कमी के कारण, ध्यान लगातार भटकता रहता है। अगर अनुशासन की नींव कमजोर है, तो भविष्य की चिंता होती है।

4.
विद्यालय में सीखे गए संस्कार घर पर नहीं भूलने चाहिए,
बड़ों का आदर कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
शिष्ट व्यवहार ही जीवन का सार है,
अनुशासन ही जीवन को सच्चा और महान सहारा देता है।

अर्थ:
विद्यार्थियों को विद्यालय में सीखे गए अच्छे संस्कार घर आकर नहीं भूलना चाहिए। उन्हें घर के बड़ों का आदर करना कभी नहीं छोड़ना चाहिए। विनम्रता से व्यवहार करना ही जीवन का मूल सिद्धांत है। क्योंकि अनुशासन ही जीवन का सच्चा और मजबूत आधार है।

5.
शिक्षकों को एक बड़ी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए,
उन्हें बच्चों को प्यार से समझाना चाहिए और उनकी शरारतों को दूर करना चाहिए।
माता-पिता को भी घर में अनुशासन की बारी देनी चाहिए,
उन्हें संस्कारों के बीज बोने चाहिए, उन्हें अच्छी तरह से बोना चाहिए।

अर्थ:
ऐसी स्थिति में शिक्षकों को एक बड़ी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्हें बच्चों की बुरी आदतों को प्यार और समझाकर दूर करना चाहिए। माता-पिता को भी घर में अनुशासन का माहौल बनाना चाहिए और बच्चों में अच्छे संस्कारों के बीज बोने चाहिए।

6.
समय पर उठो, समय पर स्कूल जाओ,
अपना होमवर्क पूरा करो और सब कुछ हासिल करो।
कड़ी मेहनत और नियम तुम्हें बड़ी सफलता दिलाएँगे।
अनुशासन प्रतिबद्धता है, सिर्फ़ एक बड़ा झूठ नहीं।

अर्थ:
छात्रों को समय पर उठना चाहिए और समय पर स्कूल जाना चाहिए। तुम्हें अपना होमवर्क पूरा करना चाहिए और ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। कड़ी मेहनत और नियमों का पालन करने से बड़ी सफलता मिलेगी। अनुशासन का अर्थ है ज़िम्मेदारी लेना (प्रतिबद्धता), यह सिर्फ़ दिखावा नहीं है।

7.
आइए एक बार फिर से आचरण और विचारों को स्थापित करें।
अनुशासन को पनपने दें, कल का भविष्य महान होगा।
छात्र जीवन में अनुशासन की आदत डालें।
जीवन में सम्मान मिलेगा, सफलता की शुरुआत होगी।

अर्थ:
एक बार फिर से, आइए हम विद्यार्थियों में अच्छे आचरण और विचारों को स्थापित करें। अनुशासन के कारण कल का भविष्य महान होगा। अगर तुम विद्यार्थी जीवन में अनुशासन की आदत डालोगे, तो तुम्हें जीवन में बहुत सम्मान मिलेगा और सफलता की शुरुआत होगी।

⭐ सारांश / इमोजी सारांश इमोजी ⭐

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(पुस्तक/शिक्षा, समय/विलंब, मोबाइल/प्रौद्योगिकी, सुनना/आज्ञाकारिता, सम्मान, अनुशासन/नियम, ज्ञान/भविष्य, संस्कृति/संस्कार)

--अतुल परब
--दिनांक-16.11.2025-रविवार.
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