🙏 श्री ज्ञानेश्वर मौली संजीवन समाधि समारोह 🚩🚩 🛕 🙏 📚 🕊️ 🚶 🎶 ✨

Started by Atul Kaviraje, November 18, 2025, 03:16:39 PM

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Atul Kaviraje

श्री ज्ञानेश्वर माऊली संजीवन समाधी सोहळा-आळंदी-

🙏 श्री ज्ञानेश्वर मौली संजीवन समाधि समारोह 🚩

17 नवंबर, 2025, सोमवार के पावन दिन, संत श्रेष्ठ श्री ज्ञानेश्वर मौली (कार्तिक वद्य त्रयोदशी) के संजीवन समाधि समारोह का अवसर है। इस भक्तिमय एवं आध्यात्मिक समारोह की महिमा का वर्णन करने वाली एक कविता प्रस्तुत है।

मौली की आलंदी और ज्ञानज्योति

1.
कल, सत्रह नवंबर, सोमवार का मंगल वार,
आज आलंदी भक्ति की बाढ़ से भर गई है।
मौली का समाधि समारोह विशेष है,
कार्तिक वद्य त्रयोदशी, ज्ञान की यह सुगंध।

अर्थ:
कल, 17 नवंबर, सोमवार, एक पावन दिन है। आज आलंदी नगरी में भक्ति की एक बड़ी लहर (बाढ़) उमड़ी है। कार्तिक वद्य त्रयोदशी पर ज्ञान की सुगंध बिखेरने वाले संत ज्ञानेश्वर मौली की संजीवन समाधि का यह विशेष समारोह है।

2.
एक महान सभा, ज्ञानी, सभी संत आए हैं,
वारकरों का प्रेम आज यहाँ एकत्रित हुआ है।
वारी में दिंड्या अब शांत हो गए हैं,
मौली के दर्शन के लिए मन व्याकुल हो गया है।

अर्थ:
सभी वारकर संतों के नाम का जाप करते हुए एकत्रित हुए हैं। वारकरों का प्रेम और भक्ति आज आलंदी में एकत्रित हुई है। वारी में दिंड्या अब समाधि समारोह के लिए स्थिर हो गए हैं, लेकिन मन मौली के दर्शन के लिए व्याकुल और व्याकुल हो गया है।

3.
ज्ञानदेव ने हरिपथ का मार्ग सुगम बनाया,
शास्त्रों की अधिष्ठात्री ज्ञानेश्वरी ने संसार को उपहार दिए।
उन्होंने अमरता का अनुभव दिया, दर्शन महान है,
उपहार का उपहार देकर, उन्होंने दुःख के झूठ को दूर किया।

अर्थ:
संत ज्ञानेश्वर ने हरि नाम (हरिपथ) का सरल जप सिखाया। उन्होंने संसार को 'ज्ञानेश्वरी' नामक महान ग्रंथ दिया। उन्होंने संसार को 'अमृतानुभव' नामक महान दर्शन दिया और पस्यादान के माध्यम से संसार के दुखों और बुराइयों का निवारण किया।

4.
हाथ में हथौड़ा, मुख में विट्ठल का नाम,
समाधि मंदिर पर, नित्य एक नया पुष्प खिलता रहता है।
कीर्तन-प्रवंचना से रात्रि जागृत रहती है,
मौलि के दर्शन के लिए मन आतुर रहता है।

अर्थ:
वारकरों के हाथ में हथौड़ा और मुख में विट्ठल (गजर) का नाम होता है। समाधि मंदिर पर नित्य एक नया उत्साह (पुष्प) खिलता रहता है। कीर्तन और प्रवचन से रात्रि जागृत रहती है। प्रत्येक भक्त का मन मौलि के दर्शन के लिए आतुर रहता है।

5.
इंद्रायणी नदी का आज विशेष महत्व है।
इसमें पवित्र स्नान करने से भवसागर पार हो जाता है।
वृंदावन की तुलसी की सुगंध सुखद होती है।
यह अनुष्ठान मन का सम्मान बढ़ाता है।

अर्थ:
आलंदी स्थित इंद्रायणी नदी का आज विशेष महत्व है। इस नदी में पवित्र स्नान करने से जीवन में दुखों (जीवनसागर) की यात्रा पार हो जाती है। तुलसी के वृंदावन की सुगंध सर्वत्र फैल जाती है। यह अनुष्ठान मन का सम्मान और भक्ति बढ़ाता है।

6.
उन्होंने बाईस वर्ष की आयु में जीवित समाधि ली।
उन्होंने ज्ञान की ज्योति प्रज्वलित की, जो आज भी प्रज्वलित है।
उन्होंने शरीर को अमर बनाया, संसार के लिए ज्ञान दिया।
मौली के विचारों से, हम सम्मान प्राप्त करें।

अर्थ:
संत ज्ञानेश्वर ने मात्र 22 वर्ष की आयु में जीवित समाधि ली। उन्होंने जो ज्ञान की ज्योति प्रज्वलित की, वह आज भी प्रज्वलित है। उन्होंने अपने शरीर को संसार के लिए अमर बना दिया। आइए, मौली के विचारों का अनुसरण करें और जीवन में सम्मान प्राप्त करें।

7.
इस समारोह का अर्थ, भक्ति और विचार,
जीवन में मौली के उच्चारण के साथ निहित होना चाहिए।
ज्ञानोबा मौली तुकाराम, आज, जयघोष के साथ,
जीवन खुशियों के नए रंग से भर जाए।

अर्थ:
इस पर्व का वास्तविक अर्थ भक्ति और उच्च विचार हैं। हमें मौली द्वारा बताई गई बातों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। 'ज्ञानोबा मौली तुकाराम' के जयघोष के साथ आज हमारा जीवन खुशियों के नए रंग से भर जाए।

⭐ सारांश / इमोजी सारांश इमोजी ⭐

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(भगवा ध्वज/वारी, मंदिर/समाधि, नमस्कार/भक्ति, पुस्तक/ज्ञानेश्वरी, शांति/माउली, वारकरी, ताल/जाप, ज्ञानज्योत)

--अतुल परब
--दिनांक-17.11.2025-सोमवार.
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