🙏 श्री ज्ञानेश्वर मौली की जन्मभूमि में कार्तिक कला यात्रा 🏞️🏞️ 🚩 🥣 🚶 🎶 🙏

Started by Atul Kaviraje, November 18, 2025, 03:17:28 PM

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Atul Kaviraje

कार्तिक काला यात्रा-आपेगाव, तालुका-पैठण-

🙏 श्री ज्ञानेश्वर मौली की जन्मभूमि में कार्तिक कला यात्रा 🏞�

17 नवंबर 2025, सोमवार के शुभ दिन, संत ज्ञानेश्वर मौली की जन्मभूमि पैठण तालुका के आपेगांव में कार्तिक कला यात्रा मनाई जा रही है। इस भक्ति उत्सव का वर्णन करती एक कविता प्रस्तुत है।

आपेगांव की कार्तिक कला यात्रा

1.
कल, 17 नवंबर, सोमवार के शुभ दिन,
आपेगांव यात्रा के इस महाप्रलय से भर गया।
कार्तिक मास का समय, समाधि के बाद,
मौली की जन्मभूमि का संपूर्ण उत्सव है।

अर्थ:
कल, 17 नवंबर, सोमवार का शुभ दिन है। आपेगांव गाँव में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी है। यह उत्सव कार्तिक मास में ज्ञानेश्वर मौली की संजीव समाधि के बाद मनाया जाता है। यह उत्सव मौली की संजीव समाधि के बाद मनाया जाता है। यह मौली की जन्मभूमि का उत्सव है।

2.
गोदावरी नदी के तट पर बसा आपेगांव,
यहाँ संतों ने पवित्र ज्ञान प्राप्त किया था।
आइए आज हम सब इस तीर्थयात्रा की महिमा का गुणगान करें,
आइए उस भूमि को नमन करें जिसने हमें संत दिए।

अर्थ:
आपेगांव गोदावरी नदी के तट पर बसा एक पवित्र स्थान है। यहीं पर संत ज्ञानेश्वर ने ज्ञान प्राप्त किया था। आज आइए हम इस तीर्थयात्रा की महिमा का गुणगान करें। आइए उस भूमि को आदरपूर्वक नमन करें जिसने हमें महान संत दिए।

3.
कार्तिक काल का अर्थ है आनंद का अंत,
गोपालका तैयार करने से यह समाचार मधुर हो जाता है।
सभी में आठवें ज्ञानोबा मौली का स्मरण,
भक्ति का अनुभव, यही यात्रा का खजाना है।

अर्थ:
कार्तिक काल यात्रा का अर्थ है आनंद और मधुरता का अंत। गोपालका तैयार करके इस उत्सव को मधुर बनाया जाता है। संत ज्ञानेश्वर की स्मृति आज सभी के मन में है। इस तीर्थस्थल में भक्ति का अनुभव होता है, यही असली खजाना है।

4.
गोदावरी के तट पर ज्ञानदेव का मंदिर,
भक्त देवी के दर्शन के लिए नाम-जप करते हैं।
तुलसी और पुष्प, देवी की ओर प्रवाहित होते हैं,
उनके दर्शन से मन को शांति मिलती है।

अर्थ:
गोदावरी नदी के तट पर संत ज्ञानेश्वर का मंदिर है। भक्त देवी के दर्शन के लिए उनका नाम-जप करते हैं। भक्त देवी को तुलसी और पुष्प अर्पित करते हैं। उनके दर्शन से मन को शांति और संतुष्टि मिलती है।

5.
काला का अर्थ है एकता, समानता की भावना,
जाति-धर्म को भूलकर गाँव एक साथ आता है।
हाथ में मिट्टी के बर्तन से दही लेकर,
प्रसाद की मिठास, सभी ध्यान से बाँटते हैं।

अर्थ:
काला उत्सव का अर्थ है एकता और समानता की भावना। सभी लोग जाति-धर्म को भूलकर एक साथ आते हैं। इसे मिट्टी के बर्तन (काला) में दही और पोहा मिलाकर तैयार किया जाता है। यह मधुर प्रसाद सभी को मिलता है।

6.
परिक्रमा पथ पर, दिंड्याओं की दिंड्याएँ,
विठु नाम की चिन्ता, भूमि की भक्ति का मार्ग।
पैठण और आपेगांव, यह रिश्ते का बंधन,
संस्कृति की यह विरासत, इसका मधुर अनुभव करें।

अर्थ:
मंदिर के चारों ओर परिक्रमा पथ पर दिंड्याओं में बड़ा उत्साह है। सभी विट्ठल का नाम जपते हुए भक्ति के मार्ग पर चल रहे हैं। पैठण और आपेगांव के बीच यह रिश्ते का बंधन। आइए, तीर्थयात्रा में संस्कृति की इस मधुर विरासत का अनुभव करें।

7.
आपेगांव नंदो, देवी की कृपा,
यह सभी के जीवन में हो,
यह एक छाप हो।
कार्तिक काल यात्रा, आइए हम स्मरण करें,
आइए हम अपने जीवन को ज्ञान और भक्ति से समृद्ध बनाएँ।

अर्थ:
आपेगांव के इस पवित्र स्थान पर देवी की कृपा बनी रहे। वह कृपा सभी के जीवन में होनी चाहिए (छाप का अर्थ है छाप)। आइए, कार्तिक काल यात्रा को सदैव स्मरण रखें और ज्ञान व भक्ति के मार्ग से अपने जीवन को सुखमय बनाएँ।

⭐ सारांश / इमोजी सारांश (सारांश इमोजी) ⭐

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(गोदावरी/नदी, भगवा ध्वज/यात्रा, दही-काला, दिंडी/वारकारी, नामजप, नमस्कार/भक्ति, ज्ञानेश्वरी, कृपा)

--अतुल परब
--दिनांक-17.11.2025-सोमवार.
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