॥ भक्ति रस महाभोजन ॥ 💖🙏🍽️✨ 👑💎🧘‍♂️ 🌊🌍🤝 🤲💖🌟 ♾️😋🔄 🌸✨🌙 🚩📜🔔

Started by Atul Kaviraje, December 10, 2025, 10:47:34 PM

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Atul Kaviraje

संत तुकाराम महाराज अभंग गाथा-
अभंग क्र.१०
देवाच्या प्रसादें करा रे भोजन । व्हाल कोण कोण अधिकारी ते ॥१॥

ब्रम्हादिकांसि हें दुर्लभ उच्छिष्ट । नका मानूं वीट ब्रम्हरसीं ॥ध्रु.॥

अवघियां पुरतें वोसंडलें पात्र । अधिकार सर्वत्र आहे येथें ॥२॥

इच्छादानी येथें वळला समर्थ । अवघेंचि आर्त पुरवितो ॥३॥

सरे येथें ऐसें नाहीं कदाकाळीं । पुढती वाटे कवळीं घ्यावें ऐसें ॥४॥

तुका म्हणे पाक लक्षुमीच्या हातें । कामारीसांगातें निरुपम ॥५॥

🪔 कविता - ॥ भक्ति रस महाभोजन ॥ 💖

कड़वे 1 - खाने का न्योता 🙏

भगवान का खाना खाओ,
नाम का यह ग्रास दिल से लो।
जो खाना खाएगा, वह धन्य होगा,
जो इसका हकदार होगा, उसे लोग स्वीकार करेंगे।
(मतलब: भगवान की कृपा से भक्ति का यह खाना खाओ। जो ऐसा करेंगे, वे ब्रह्मा की खुशी के हकदार होंगे।)
इमोजिस: [🙏🍽�✨]

कड़वे 2 - ब्रह्म रस का सम्मान 👑

यह ब्रह्मा के लिए एक दुर्लभ उपहार है,
महान देवताओं के लिए भी नहीं।
यह ब्रह्म रस मीठा है, इसे घिनौना मत समझो,
संत की कृपा का लाभ उठाओ, हमेशा करो। (मतलब: ब्रह्मा जैसों के लिए भी यह प्रसाद पाना मुश्किल है। इस ब्रह्मा रस से बोर मत होना।)
EMOJIS: [👑💎🧘�♂️]

कड़वे 3 - वातार वोसंदल 🌊

वातार वोसंदल आनंद का पात्र है,
यहाँ किसी के लिए कोई कमी नहीं है।
सबकाफ़ी है, यही भक्ति का सार है,
यहाँ हर जगह हक़ है, कोई भेदभाव नहीं।
(मतलब: भक्ति का भंडार भरा पड़ा है, सबके लिए काफ़ी है। यहाँ सबका बराबर हक़ है।)
EMOJIS: [🌊🌍🤝]

कड़वे 4 - इच्छादानी समर्थ 🤲

इच्छादानी समर्थ इधर मुड़े,
परमात्मा भक्त की चाहत पूरी करते हैं। जो भी पापी चाहता है, वह तुरंत देता है,
अनाथों का स्वामी, दयालु और कृपालु।
(मतलब: इच्छा पूरी करने वाले भगवान इधर मुड़े हैं। वह भक्तों की सभी इच्छाएँ पूरी करते हैं।)
EMOJIS: [🤲💖🌟]

कड़वा 5 - अक्षय गोदी ♾️

यहाँ ऐसा नहीं है,
यह भक्ति भी मीठी है, रोज़ कवाली लो।
जब घास खाते हो, तो मिठास बहुत होती है,
अगली बार जब कवाली लो, तो सार लो।
(मतलब: यह भक्ति रस कभी खत्म नहीं होता। इसे बार-बार लेने का मन करता है।)
EMOJIS: [♾️😋🔄]

कड़वा 6 - लक्ष्मी के हाथ की मिठास 🌸

आप कहते हैं कि लक्ष्मी के हाथों की पवित्रता,
यह प्रसाद बेहद पवित्र है। कामारिसंगतेन (कृष्ण) ने इसे पवित्र बनाया,
इसकी बेमिसाल मिठास, क्या किसी चीज़ का डर नहीं है।
(मतलब: तुकाराम महाराज कहते हैं, यह प्रसाद लक्ष्मी के हाथों का है और यह श्री कृष्ण के साथ बना है, इसलिए यह बेमिसाल है।)
इमोजिस: [🌸✨🌙]

कड़वा 7 - सारांश 🚩

तो भक्तों, यह खाना खाओ,
नमस्मेरण का सार, मन को बचाओ।
इस भक्ति रस से, जीवन सार्थक है,
तुका कहना खुशी का काम है। (अर्थ: इसलिए भक्तों, यह भोजन खाओ। नमस्कार करो। भक्ति से जीवन सफल होता है।)
इमोजी: [🚩📜🔔]

इमोजी सारांश (इमोजी का सारांश)

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--अतुल परब
--दिनांक-05.12.2025-शुक्रवार.
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