॥ शुद्ध भावना का महत्व ॥ 💖😞🚫🎭😠 💡💎💖💧 🤢🏺☠️🚫 🙅‍♂️🐍👤⚖️ 🙏✨🚮🔔 📜📿🧘

Started by Atul Kaviraje, December 10, 2025, 10:50:25 PM

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Atul Kaviraje

संत तुकाराम महाराज अभंग गाथा-
अभंग क्र.११
अवगुणांचे हातीं । आहे अवघीच फजीती ॥१॥

नाहीं पात्रासवें चाड । प्रमाण तें फिकें गोड ॥ध्रु.॥

विष तांब्या वाटी । भरली लावूं नये होटीं ॥२॥

तुका म्हणे भाव । शुद्ध बरा सोंग वाव ॥३॥

🌟 कविता - ॥ शुद्ध भावना का महत्व ॥ 💖

कड़वा 1 - बुराइयों का नतीजा 😞

जिनके दिल में बुराइयां होती हैं,
उन्हें अपने रास्ते में कभी सम्मान नहीं मिलता।
लालच, गुस्सा, जलन से भरा मन,
सिर्फ उनके हाथ में शर्म का भाव होता है।

मतलब: जिनके दिल में बुराइयां होती हैं, उन्हें सम्मान नहीं मिलता, उनके हिस्से में सिर्फ बेइज्जती आती है।)
इमोजी: [😞🚫🎭😠]

कड़वा 2 - चरित्र का महत्व 💡

हमें बाहरी चरित्र की परवाह नहीं है,
हमें उसकी समझदारी की ज़रूरत नहीं है,
हमें उसकी गवाही की ज़रूरत नहीं है।
अंदर की चीज़ों की कीमत ज़्यादा होती है,
वे जितनी फीकी पड़ती हैं, उतनी ही मीठी होती जाती हैं, यही भक्ति की गांठ है।
(मतलब: इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि बाहर का बर्तन कितना सुंदर है। अंदर का खाना भले ही सादा हो, वह मीठा होना चाहिए, यही मायने रखता है।)
EMOJIS: [💡💎💖💧]

कड़वा 3 - ज़हर का उदाहरण 🤢

इसे सोने और तांबे के सुंदर कटोरे में रखो,
भले ही यह ज़हर हो, इसे अपने मुँह में न डालना बेहतर है।
भले ही तांबे का कटोरा ज़हर से भरा हो,
इसे अपने होठों पर मत लगाओ, यही समझदारी की बात है। (मतलब: ज़हर भले ही एक सुंदर कटोरे में भरा हो, लेकिन उसे अपने होठों पर मत लगाओ। यही समझदारी है।)
EMOJIS: [🤢🏺☠️🚫]

कड़वे 4 - दिखावे को धिक्कार है 🙅�♂️

बाहरी दिखावा, भेस, सब दिखावा है,
अंदर लालच है, जलन है, बाहर भक्ति है।
ऐसा पाखंड भगवान को पसंद नहीं है,
सिर्फ़ प्यारे पर ही भगवान कृपा करते हैं।

(मतलब: बाहरी दिखावा दिखावा है। भगवान सिर्फ़ पवित्र भावनाओं पर ही मेहरबान होते हैं।)
EMOJIS: [🙅�♂️🐍👤⚖️]

कड़वे 5 - पवित्र भावनाओं को अपनाना 🙏

तो आप कहते हैं, अपनी भावनाओं को पवित्र रखो,
यही अच्छा है, यही भगवान को मशहूर है।
दिल में वफ़ादारी, वो सच्ची होनी चाहिए,
बाकी सब दिखावा है, वरना कोई मतलब नहीं।
(मतलब: तुकाराम महाराज कहते हैं, पवित्र भावनाएँ रखना अच्छा है। वरना दिखावा बेकार है।)

EMOJIS: [🙏✨🚮🔔]

कड़वे 6 - सीधा, सरल मतलब 📜

अपने गुणों को महान रखो, अपनी बुराइयों को मत मानो,
इसके लिए, तुमने मुझे शिक्षाओं का ज्ञान दिया है।
शरीर की सुंदरता एक क्षणभंगुर रूप है,
भावनाओं के बिना कोई गति नहीं है, यह सत्य है। (मतलब: अच्छाई बनाए रखो, बुराई मत करो। शरीर की सुंदरता कुछ समय के लिए होती है। बिना भावना के कोई हलचल नहीं होती, यह सच है।)
इमोजी: [📜📿🧘�♂️💫]

कड़वे 7 - निष्कर्ष 🚩

यह ग्यारहवां अभंग है, भावना का संदेश,
हमेशा शुद्ध भावना बनाए रखो, खुद को छिपाओ मत।
जान लो कि जो दिल से शुद्ध हैं वे साधक हैं,
तुकाराम महाराज के चरणों का आदर करो।
(मतलब: यह 11वें अभंग का संदेश है। जो दिल से साफ हैं, वही सच्चे साधक हैं।)
इमोजी: [🚩💖👑]

इमोजी समरी (इमोजी का सारांश)

😞🚫🎭😠 💡💎💖💧 🤢🏺☠️🚫 🙅�♂️🐍👤⚖️ 🙏✨🚮🔔 📜📿🧘�♂️💫 🚩💖👑

--अतुल परब
--दिनांक-06.12.2025-शनिवार.
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