कर्मबंधन से मुक्ति-1📜🙏👑⚖️✨💫 2🔗🔄🕊️💖🤲😭 3🌊🚢 ⚓️✨❤️🫂 4🐘🐜 ✅🌌🙏💯 5🛡️

Started by Atul Kaviraje, December 10, 2025, 10:56:47 PM

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Atul Kaviraje

संत तुकाराम महाराज अभंग गाथा-
अभंग क्र.१३
धर्माची तूं मूर्ती । पाप पुण्य तुझे हातीं ॥१॥

मज सोडवीं दातारा । कर्मापासूनि दुस्तरा ॥ध्रु.॥

करिसी अंगीकार । तरी काय माझा भार ॥२॥

जिवींच्या जीवना । तुका म्हणे नारायणा ॥३॥

कविता: संत तुकाराम महाराज का अभंग नंबर 13

टाइटल: कर्मबंधन से मुक्ति

1. (श्लोक 1) कड़वा:

संत तुकोबा की गाई हुई ज्ञानियों की कहानी,
अभंग की आवाज़ ने, भक्ति का रास्ता बनाया।
'तुम धर्म की मूरत हो', तुम न्याय के सहारे हो,
पाप और पुण्य का सारा बोझ तुम्हारे हाथों में है।

मराठी मतलब:
संत तुकाराम महाराज ने ज्ञान से भरी यह आवाज़ गाई है, भक्ति का रास्ता दिखाते हुए। हे भगवान, तुम धर्म की मूरत हो और पाप और पुण्य के फल के सहारे हो।

2. (श्लोक 2) कड़वा:

यह कर्म का बंधन, बहुत परे है,
जन्म और मृत्यु का चक्कर, यह एंड-टू-एंड नहीं है।
बस मुझे छोड़ दो, हे भगवान,' आपकी बड़ी दया है,
इस मोक्ष के तोहफ़े के लिए, मुझसे मिलने दौड़ो।

मराठी मतलब:
कर्म के इस बंधन को तोड़ना बहुत मुश्किल है। हे तोहफ़ों के देवता (दातार), मुझ पर कृपा करो और मुझे कर्म के इस मुश्किल बंधन से आज़ाद करो।
🔗🔄🕊�💖

3. (श्लोक 3) कड़वा:

ज़िंदगी के इस सफ़र में, कितनी गलतियाँ होती हैं,
आप कृपा के सागर हैं, आप खुशी का धनुष हैं।
आप मेरे बचाने वाले हैं, आप मेरे रखवाले हैं,
ज़िंदगी के दूसरे सागर में, आप ही नाव चलाते हैं।

मराठी मतलब:
ज़िंदगी में कई गलतियाँ होती हैं, लेकिन आप कृपा के सागर हैं। आप मेरे रक्षक और मेरा सहारा हैं। आप ही दुनियावी ज़िंदगी के इस सागर में मेरी नाव चलाते हैं। 🌊🚢 ⚓️✨

4. (Verch 4) कड़वा:

'मैं मानता हूँ, हे भगवान,' भले ही आप मेरे भगवान हों,
भले ही मेरे पाप हों, वह बोझ मेरी सेवा नहीं है।
आपकी शक्ति के आगे, ये सारे बोझ तुच्छ हैं,
ब्रह्मांड का बोझ उठाया जाता है, आपका ज़िक्र ही क्या है?

मराठी अर्थ:
भगवान, अगर आप मुझे मानते हैं, तो मेरे पापों का बोझ आपके लिए महत्वपूर्ण नहीं है। आप पूरे ब्रह्मांड का बोझ उठाते हैं, तो आपके पापों का बोझ आपके लिए कुछ भी नहीं है।
🐘🐜✅🌌

5. (Verch 5) कड़वा:

मैंने आपकी शरण ली है, अब कोई डर नहीं है,
मैं आपका सेवक रहूँगा, यह प्रेम बढ़ता रहे।
भक्ति का यह धागा, हे भगवान, कभी न टूटे,
जीवन में यह सेवा, इसी तरह हो।

मराठी अर्थ:
मैंने आपकी पूरी शरण ले ली है, अब कोई डर नहीं है। मैं आपका सेवक बना रहूँगा। भक्ति की यह डोर कभी न टूटे, और मेरे हाथों से ऐसी सेवा होती रहे।

6. (श्लोक 6) कड़वा:

संत की वाणी का यह सार, अमृत से भी मीठा,
जीवन के कर्मों में एक नया जोश भर देता है।
दूसरी दुनिया से मुक्ति, यही परम सत्य है,
इसके लिए, तुकाराम, अनीश नित्य गाते हैं।

मराठी अर्थ:
संत तुकोबा की वाणी अमृत जितनी मीठी है। यह जीवन के कर्मों को एक नई दिशा देती है। कर्म के बंधन से मुक्ति परम सत्य है, इसीलिए तुकाराम महाराज हमेशा गाते हैं। 🍯📜🎶🎤

7. (श्लोक 7) कड़वा:

'जीविंचा जीवाना', आप ही मेरी जान हैं,
नारायण, आपके चरणों में, मैं अपना सम्मान अर्पित करता हूँ।
अभंग का यह सार, भक्त को सहारा देता है,
आप कहते हैं नारायण, आप मोक्ष करेंगे!

मराठी अर्थ:
भगवान, आप ही मेरी जान हैं। नारायण, मैं अपना सारा सम्मान आपके चरणों में अर्पित करता हूँ। यह अभंग भक्त को सहारा देता है। तुकाराम महाराज कहते हैं, आप ही मोक्ष देने वाले हैं।
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वर्स नंबर (स्टैंज़ा) - इमोजी (हॉरिजॉन्टल अरेंजमेंट)

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--अतुल परब
--दिनांक-08.12.2025-सोमवार.
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