'अंदर के बच्चे की पुकार'-💖🥺🤝🥳🧘‍♀️❓❤️😊🙏🗣️💖✨

Started by Atul Kaviraje, December 11, 2025, 04:19:24 PM

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Atul Kaviraje

मॉडर्न पेरेंटिंग-राजीव तांबे
पेरेंट्स को अपने अंदर के बच्चे से जुड़ना होगा

बच्चों के राइटर राजीव तांबे का 'मॉडर्न पेरेंटिंग' और 'पेरेंट्स अपने अंदर के बच्चे से जुड़ रहे हैं' के ज़रूरी कॉन्सेप्ट पर आधारित एक डिटेल्ड, एनालिटिकल आर्टिकल

💖 अपने बच्चे से बातचीत: मॉडर्न पेरेंटिंग का असली मंत्र

🌸 कविता 🌸

✍️ टाइटल: 'अंदर के बच्चे की पुकार'

राजीव तांबे के विचारों पर आधारित एक कविता

कड़वा – 1: अंदर से पुकार

लाइन-1: पेरेंट बनने के बाद, ज़िम्मेदारी बढ़ गई है
लाइन-2: अंदर एक बच्चा, अभी भी शांत, अकेला और भारी
लाइन-3: उसकी फीलिंग्स, उसका गुस्सा, कभी सुनो
लाइन-4: अपने बच्चे के साथ, एक बार फिर सीखो

मतलब: पेरेंट बनने के बाद ज़िम्मेदारी बढ़ जाती है, लेकिन आपके अंदर एक शांत और अकेला बच्चा है। कभी उसकी फीलिंग्स और गुस्से को सुनो। अपने बच्चे से फिर से जुड़ना सीखो।
इमोजी समरी: 💖🥺👂🤝

कड़वा – 2: पुराने नियम तोड़ो

लाइन-1: 'मैंने कैसा बिहेव किया', यह बच्चों को मत दो
लाइन-2: डर और गुस्से का चक्कर अभी बंद करो
लाइन-3: अगर गलतियाँ भी हो जाएँ, तो कोई बात नहीं, अब डरो मत
लाइन-4: पुरानी पीढ़ी के नियम यहाँ मत थोपो

मतलब: बच्चों को यह एक्सपीरियंस मत दो कि बचपन में तुमने कैसा बिहेव किया। डर और गुस्से का चक्कर बंद करो। गलतियाँ हों तो डरो मत। पुरानी पीढ़ी के सख्त नियम बच्चों पर मत थोपो।
इमोजी समरी: ❌🔨🚫😟

कड़वा – 3: खुशी ढूंढो

लाइन-1: बच्चों के साथ खेलते समय, तुम भी छोटे हो जाते हो
लाइन-2: टेंशन, काम का स्ट्रेस, इसे एक छोटा सा गिफ्ट दो
लाइन-3: बेफिक्र होकर मुस्कुराओ, हर दिन 'मज़े' करो
लाइन-4: आज में जियो, उन्हें (पहचान) चुनने दो

मतलब: बच्चों के साथ खेलते समय, तुम भी छोटे हो जाते हो। स्ट्रेस और काम का बोझ एक तरफ रखो। बेफिक्र होकर मुस्कुराओ और हर दिन मज़े करो। उनसे आज में जीने की पहचान लो।
इमोजी समरी: 🤸�♂️🥳😄🧘�♀️

कड़वा – 4: खुद को स्वीकार करें

लाइन-1: 'मैं परफेक्ट नहीं हूँ', पहले इसे स्वीकार करें
लाइन-2: पहले अपनी गलतियों के लिए खुद को माफ़ करें
लाइन-3: खुद से प्यार करें, बिना किसी शर्त के, खुशी के साथ
लाइन-4: अपने बच्चों से प्यार करें, उसी आसान संतुष्टि के साथ

मतलब: पहले 'मैं परफेक्ट नहीं हूँ' को स्वीकार करें। अपनी गलतियों के लिए खुद को माफ़ करें। खुद से बिना किसी शर्त के प्यार करें। अपने बच्चों से भी उसी संतुष्टि के साथ प्यार करें।
इमोजी समरी: 🙏🔄❤️😊

कड़वा – 5: जिज्ञासा की लौ

लाइन-1: 'क्यों और कैसे', अपने मन में फिर से पूछें
लाइन-2: अपने बच्चों के साथ, उनकी अपनी आवाज़ में नई चीज़ें सीखें
लाइन-3: जिज्ञासा बनाए रखें, यही सीखने का असली तरीका है
लाइन-4: बिना डरे 'मुझे नहीं पता' कहना शुरू करें

मतलब: 'क्यों और कैसे' फिर से पूछें। अपने बच्चों के साथ ऐसी नई चीज़ें सीखें जिनमें उनकी दिलचस्पी हो। जिज्ञासा बनाए रखें, क्योंकि यही सीखने का असली तरीका है। अपने बच्चों के सामने 'मुझे नहीं पता' कहना शुरू करें।
इमोजी समरी: ❓💡📚🤝

कड़वा – 6: बिना बंधन वाला रिश्ता

लाइन-1: कंट्रोल की गुलामी को अभी छोड़ दें
लाइन-2: प्यार से उनके फैसलों को पूरी छूट दें
लाइन-3: उन्हें 'मेरे सपने' जैसी रस्सियों से न बांधें
लाइन-4: 'मैं तुम्हारे साथ हूं', यही सच्ची गवाही है

मतलब: कंट्रोल की गुलामी को अभी छोड़ दें। उनके फैसलों को प्यार से अपनाएं और उन्हें आज़ादी दें। उन्हें 'मेरे सपने' से न बांधें। उन्हें यह भरोसा दें कि 'मैं तुम्हारे साथ हूं'। इमोजी समरी: 🕊�❌🎯🫂

कड़वा – 7: माफ़ी और बातचीत

लाइन-1: जब आप कोई गलती करें, तो 'सॉरी' कहें, अपने दिल में कोई नाराज़गी न रखें
लाइन-2: अपने बच्चों की सेल्फ़-एस्टीम को हमेशा के लिए ट्रीट दें
लाइन-3: खुश माता-पिता, खुश बच्चे, यही तालमेल है
लाइन-4: हर दिन अपने अंदर के बच्चे से बात करें

मतलब: जब आप कोई गलती करें, तो 'सॉरी' कहें, अपने दिल में कोई नाराज़गी न रखें। हमेशा अपने बच्चों की सेल्फ़-एस्टीम का सम्मान करें। खुश माता-पिता और खुश बच्चे सबसे अच्छी बातचीत हैं। हर दिन अपने अंदर के बच्चे से बात करें। इमोजी समरी: 🙏🗣�💖✨

समरी इमोजी:

💖🥺🤝🥳🧘�♀️❓❤️😊

--अतुल परब
--दिनांक-10.12.2025-बुधवार.
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