"मोहनिद्रे से जागृति: श्री कृष्ण का अंतिम प्रवचन"📜🕉️💖🏆✅🚶‍♂️🌌✨⚔️🛡️🚩😥💪🧘

Started by Atul Kaviraje, December 14, 2025, 11:49:11 AM

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Atul Kaviraje

॥ ज्ञानेश्वरी भावार्थदीपिका ॥
॥ अथ प्रथमोऽध्यायः – अध्याय पहिला ॥

॥ अर्जुनविषादयोगः ॥

म्हणौनि अझुनी अर्जुना । झणें चित्त देसी या हीना ।वेगीं धीर करूनियां मना । सावधु होई ॥ १७ ॥
म्हणून अर्जुना अजून तरी या अनुचित गोष्टीकडे तू लक्ष देऊ नकोस. तू लवकर आपल्या मनाला खंबीर करून सावध हो. ॥२-१७॥

🎨 टाइटल: "मोहनिद्रे से जागृति: श्री कृष्ण का अंतिम प्रवचन"

कड़वा 1
चैप्टर 2, सांख्य योग को जानो,
अर्जुन, मोहनिद्रे से, मैं तुम्हें अभी जगाऊंगा;
हे परी अजूनी, तुम्हें जागना नहीं चाहिए, सारा ज्ञान सुनने के बाद,
इसलिए कृष्ण की शिक्षा, अपने मन को स्थिर करो।

मतलब:
यह सांख्य योग (आत्म-ज्ञान) का दूसरा चैप्टर है। अर्जुन, तुम्हें अब भ्रम की नींद से जाग जाना चाहिए।
लेकिन सारा ज्ञान सुनने के बाद भी, तुम नहीं जागते,
इसलिए कृष्ण की शिक्षा, अपने मन को स्थिर करो।

इमोजी: 📚🙏💡😔

कड़वा 2
"तो अर्जुन, मैं तुम्हें बताऊंगा अर्जुन", समय कीमती है,
भ्रम में डूबना पागलपन है, तुम ज्ञान कैसे नहीं देख सकते;
इस पल के बारे में सोचो, तुम्हारा फ़र्ज़ है इसका सामना करना,
देर मत करो, आकर मत सोचो।

मतलब:

"इसलिए, अर्जुन," यह समय कीमती है।
भ्रम में डूबे रहना मूर्खता है, तुम आत्म-ज्ञान को कैसे नहीं देख सकते?
इस पल के बारे में सोचो, क्योंकि तुम्हारा फ़र्ज़ तुम्हारे सामने खड़ा है।
देर करके बेवजह सोचकर समय बर्बाद मत करो।

इमोजी: ⏱️🧠⚔️🚫

कड़वा 3

"झने चित्त देसी या हीना", इस भ्रम की मिठास,
शरीर के रिश्तों पर, अज्ञानता का मेल है;
आत्मा को छोड़कर, तुम शरीर से जुड़े हो,
सोना छोड़कर, तुम मिट्टी को सोच रहे हो, तुम इसे तुच्छ समझ रहे हो।

मतलब:
"इस घटिया (तुच्छ) चीज़ में अपना मन मत लगाओ।"
यह भ्रम की मिठास अज्ञानता का मेल है।
आत्मा को छोड़कर शरीर के रिश्तों में उलझे हो।
सोना छोड़कर मिट्टी की सोच रहे हो।

इमोजी: 💔🔗✨👑

कड़वे 4
"जल्दी से अपने मन को मजबूत करो", सच्चाई की ताकत लो,
तुम्हारा मन डगमगा गया है, इसे मजबूत करो माँ;
लालच के तूफान से, समझदारी का दीया जलाओ,
विवेक और हिम्मत की नींव मजबूत रखो।

मतलब:
"जल्दी से अपने मन को मजबूत करो।"
सच्चाई की ताकत लो। तुम्हारा मन डगमगा गया है, इसे मजबूत करो।
लालच के तूफान से बाहर आने के लिए, समझदारी का दीया जलाओ।
विवेक और हिम्मत की नींव मजबूत रखो।

इमोजी: 💪🧘�♂️💡🧭

कड़वे 5
क्षत्रिय का धर्म दुख में डूबना नहीं है,
हिम्मत के साथ खड़े रहना है, इसी में तुम्हें अपना इंसाफ दिखेगा;
सत्य और धर्म के लिए, युद्ध के लिए तैयार हो जाओ,
सब्र छोड़कर, अपने मन को दुख से थकाओ मत।

मतलब:
क्षत्रिय का धर्म दुख में डूबे रहना नहीं है।
तुम्हारा इंसाफ बहादुरी से खड़े होने में है।
सत्य और धर्म के लिए लड़ने को तैयार रहो।
दुख छोड़कर अपने मन को दुखी मत करो।

इमोजी: ⚔️🛡�🚩😥

कड़वे 6
"सावधान रहो!" अलर्ट रहो, अपने कर्तव्य की दिशा जानो,
तन-मन की नींद से, आत्म-ज्ञान की उम्मीद रखो;
ज्ञान पाने के बाद कभी खाली मत बैठो,
तुम कर्म-योग करके इस दुनिया से आज़ाद हो जाओ।

मतलब:
"सावधान रहो!" अलर्ट रहो और अपने फ़र्ज़ की दिशा जानो।
तन-मन की नींद से बाहर आने के लिए, खुद को जानने की उम्मीद रखो।
ज्ञान पाने के बाद कभी खाली मत बैठो।
कर्म-योग से काम करो और इस दुनिया से आज़ाद हो जाओ।

इमोजी: ✅🚶�♂️🌌✨

कड़वा 7
तो ज्ञानेश्वरी कहती हैं, यह सलाह अनमोल है,
मोह छोड़ो और काम करो, यही ज़िंदगी की कीमत है;
श्री कृष्ण और मौली, तुम्हारा ही परम कल्याण है,
धैर्य रखो और सावधान रहो, और ज़िंदगी का इंतज़ाम करो।

मतलब:
इसलिए ज्ञानेश्वरी कहती हैं, यह सलाह अनमोल है।
मोह छोड़ो और काम करो, यही ज़िंदगी की असली कीमत है।
श्री कृष्ण और संत ज्ञानेश्वरी की कृपा से तुम्हारा परम कल्याण होगा।
धैर्य रखें और सावधान रहें और जीवन का असली मकसद हासिल करें।

इमोजी: 📜🕉�💖🏆

✨ पूरे आर्टिकल और कविता का सारांश (इमोजी समरी) ✨
📜 – ज्ञानेश्वरी
🏹 – अर्जुन
👑 – श्री कृष्ण
💡 – आत्म-ज्ञान
🚫 – आसक्ति का त्याग
💪 – धैर्य
🧠 – विवेक
⚔️ – कर्तव्य
✅ – सावधानी
💖 – अमोल्ड सलाह = कर्म योग

--अतुल परब
--दिनांक-12.12.2025-शुक्रवार.
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