दत्त जयंती टाइटल: आज मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा है 🌕🌕✨🕉️🧘 --- ❤️🔱📿🎶 --

Started by Atul Kaviraje, December 14, 2025, 09:15:12 PM

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Atul Kaviraje

श्री दत्त जयंती-श्री दत्तात्रेय जयंती पौर्णिमा-

🙏 दत्त जयंती: गुरुतत्व दर्शन 🙏 श्री दत्त जयंती (गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025) के मौके पर, भक्ति से भरे, मतलब वाले और तुकबंदी वाले सात पद नीचे दिए गए हैं। श्री दत्त जयंती: गुरुतत्व दर्शन पद 1

📜  कविता: दत्त जयंती

टाइटल: आज मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा है 🌕

गीत 1

आज मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा है, 🌕
दत्त जयंती का जश्न खास है! ✨
त्रिदेव अवतार, धरती पर आए, 🕉�
उनका नाम लेने से, शांति की खुशबू मिलेगी। 🧘
मतलब: मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा के दिन, भगवान दत्तात्रेय, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों के अंश हैं, धरती पर अवतरित हुए थे। उनका नाम लेने से मन को शांति मिलती है।

श्लोक 2

अनुसया के पुत्र, अत्रि के प्रिय, ❤️
जो जटा धारण करते हैं, योगी के रूप में। 🔱
गले में रुद्राक्ष, हाथों में कमंडलु, 📿
दिगंबर दिगंबर, नाम उपयुक्त है। 🎶
अर्थ: दत्त महर्षि अत्रि और माता अनुसूया के पुत्र हैं। उनकी मूर्ति जटा, रुद्राक्ष, कमंडलु और योग्य जैसी दिखती है। उनका जाप 'दिगंबर दिगंबर' उनके रूप के लिए उपयुक्त है।

कड़वे 3

उनके साथ चार कुत्ते हैं, वेदों के प्रतीक, 🐶🐶🐶🐶
उनकी पीठ पर गाय है, धरती माँ की सेवा। 🐄
औदुंबर का पेड़, उनकी पसंदीदा जगह, 🌳
उनके भक्तों पर, उनकी कृपा का फल। 🎁
मतलब: उनके साथ चार कुत्ते चारों वेदों के प्रतीक माने जाते हैं और उनकी पीठ पर गाय धरती की प्रतीक मानी जाती है। वे औदुंबर के पेड़ के नीचे रहते हैं और अपने भक्तों को कृपा का प्रसाद देते हैं।

कड़वा 4

चौबीस गुरुओं का ज्ञान, लिया, 🦉
धरती, हवा, आग, पानी, चांद का ज्ञान। 🌊
सृष्टि के हर कण से, जीवन का सार सीखा, 🌿
गुरु के बिना ज्ञान नहीं होता, यही आत्मज्ञान दिया। 📜
मतलब: दत्तात्रेय ने धरती, हवा, आग, पानी और चांद जैसे 24 गुरुओं से ज्ञान पाया। सृष्टि की हर चीज़ से, उन्होंने जीवन का रहस्य समझा और यह संदेश दिया कि 'गुरु के बिना ज्ञान नहीं मिलता'।

कड़वा 5

ब्रह्मा-विष्णु-शिव का एक रूप, 👁�
शांति, वैराग्य, शिक्षा महान है। 🕊�
भ्रम छोड़ो, भक्ति में रहो, 🙏
इस तरह, आत्मा का कल्याण पाओ। ✨
मतलब: वे ब्रह्मा, विष्णु और शिव का मिला-जुला रूप हैं। उनकी शिक्षा है धैर्य, शांति और वैराग्य। अगर तुम भ्रम और भक्ति को छोड़ दोगे, तो तुम्हें आत्मा का कल्याण मिलेगा।

कड़वे 6

दत्त नाम की ध्वनि, हर जगह सुनाई देती है, 📢
अक्कलकोट स्वामी, नरसोबाची वाडी। 🏰
गंगापुर, माहुर, दत्त स्थान हैं, 🗺�
तीर्थ स्थलों की तीर्थ यात्रा, भक्तों के लिए आनंद। 🚶�♀️
मतलब: दत्त महाराज के नाम के जयकारे हर जगह सुनाई देते हैं। अक्कलकोट, नरसोबाची वाडी, गणगापुर और माहुर उनके मुख्य तीर्थ स्थल हैं, जहाँ भक्तों का जाने का मन करता है।

कड़वे 7

गुरुचरित्र पढ़ना और सुनाना बहुत अच्छा है, 📖
दत्त की कृपा से दुख दूर हो जाएंगे। 😌
जीवन में खुशियों की लहरें आएं, 😊
आज दत्त के नाम का राग गाएं। 🎤
अर्थ: श्री गुरुचरित्र पुस्तक पढ़ने और सुनाने से दत्त महाराज की कृपा से सभी दुख दूर हो जाते हैं। इस शुभ दिन पर दत्त महाराज का नाम याद करें और जीवन में खुशियों के पल लाएं।

इमोजी समरी

🌕✨🕉�🧘 --- ❤️🔱📿🎶 --- 🐶🐶🐶🐶🐄🌳🎁 --- 🦉🌊🌿📜 --- 👁�🕊�🙏✨ --- 📢🏰🗺�🚶�♀️ --- 📖😌😊🎤

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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