📜 कविता: सांखली जात्रा: गोवा का भक्ति रंग 🌴🕉️🎶🤝💖 🥁🚩🎉❤️ 🙏✨🤲😊 🗣️🎼🏛

Started by Atul Kaviraje, December 14, 2025, 09:18:00 PM

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Atul Kaviraje

सांखळी जत्रा-गोवा-

नमस्ते! गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के दिन, 'सांखली जात्रा - गोवा' टॉपिक पर, मैं भक्ति से भरी एक लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, सुंदर, मतलब वाली, सरल, सादी, सीधी, ढीली, रसीली और तुकबंदी वाली, 7 छंद, हर छंद में 4 लाइनें (पाद और पद्य मिलाकर)।

📜  कविता: सांखली जात्रा: गोवा का भक्ति रंग 🌴

छंद 1

गोवा की धरती, जहाँ सांखली का स्थान है,
मेले की शुरुआत, भक्ति का बड़ा सम्मान।
विट्ठल का मंदिर, शांत और सुंदर खड़ा है,
पूरा प्रांगण भक्तों की भीड़ से भर गया था।
मतलब: सांखली गोवा राज्य में वह जगह है, जहाँ आज मेला शुरू हो गया है। भक्ति में इस मेले का बहुत महत्व है। विट्ठल का मंदिर शांत और सुंदर खड़ा है और मंदिर परिसर भक्तों की भीड़ से भरा हुआ है। 🏖�🌅🛕 भीड़

कड़वे 2

यहाँ दत्त जयंती मनाई जाती है,
विट्ठल रुक्मिणी, आओ हम अलख जगाएँ।
महाराष्ट्र और गोवा, ये प्यार एक हो,
भक्ति का यही सूत्र है, सबसे प्यार रखें।
मतलब: यहाँ दत्त जयंती का बड़ा त्योहार मनाया जा रहा है। आओ विट्ठल-रुक्मिणी के जयकारे लगाएँ। ये मेला महाराष्ट्र और गोवा दो राज्यों के बीच प्यार का बंधन जोड़ता है। भक्ति का ये सूत्र सबको साथ लाता है।
🕉�🎶🤝💖

कड़वे 3

पालकी निकल पड़ी है, ढोल-नगाड़ों की आवाज़ के साथ,
झंडे-पताके लहरा रहे हैं, भक्ति की राह पर।
अबीर गुलाल उड़ेला गया है, सारे भक्त रंग-बिरंगे हो गए हैं,
भगवान के दर्शन के लिए, सब आसक्त हो गए हैं। अर्थ: ढोल-नगाड़ों की आवाज़ के साथ भगवान की पालकी निकल पड़ी है। भक्ति पथ पर झंडे-पताके लहरा रहे हैं। सभी भक्तों के अबीर-गुलाल उड़ाने से माहौल रंगीन हो गया है। सभी भक्त भगवान के दर्शन के लिए उत्सुक हैं।
🥁🚩🎉❤️

कड़वे 4

सब लोग ध्यान से, भगवान की सेवा कर रहे हैं,
कोई पीछे नहीं है, बस विट्ठल चाहिए।
प्रसाद बांटना, यह बहुत बड़ा पुण्य का काम है,
यात्रा के इन पलों से मन पूरी तरह संतुष्ट हो जाता है।
अर्थ: सभी भक्त ध्यान से (एकाग्र होकर) भगवान की सेवा करते हैं। उन्हें किसी और चीज़ की चिंता नहीं है, बस विट्ठल चाहिए। प्रसाद बांटना बहुत बड़ा पुण्य का काम है। यात्रा के इन पलों से मन पूरी तरह संतुष्ट हो जाता है। 🙏✨🤲😊

कड़वे 5

गोमंतकिया कल्चर, यहाँ खास तौर पर दिखता है,
मराठी भाषा और भजन, यही असली फोकस है।
हमें अपनी परंपराओं को ठीक से बचाना चाहिए,
आने वाली पीढ़ी तक उन्हें पहुँचाना चाहिए, यही कल्चर की ईंट है।
मतलब: गोवा (गोमंतकिया) कल्चर यहाँ खास तरीके से दिखता है। यहाँ मराठी भाषा और भजनों पर ज़्यादा फोकस है। हमें अपनी परंपराओं को अच्छे से बचाना चाहिए और कल्चर की यह नींव (ईंट) आने वाली पीढ़ी को देनी चाहिए।
🗣�🎼🏛�🇮🇳

कड़वे 6

मेले में बाज़ार, खेल और रोशनी लगती है,
छोटे से लेकर बूढ़े तक, खुशी दिखती है।
भक्ति के साथ-साथ मनोरंजन का भी फल मिलता है,
चेन फेस्टिवल याद है।
मतलब: मेले में बाज़ार, खेल और रोशनी लगती है। छोटे से लेकर बूढ़े तक, सभी को इससे खुशी मिलती है। भक्ति के साथ-साथ मनोरंजन का आनंद भी मिलता है। हमें यह चैन उत्सव हमेशा याद रखना चाहिए।
🎡🎠💡🍬

कड़वे 7

विठोबा रखुमाई, हमें कृपा का वरदान दो,
भक्तों पर आपकी कृपा हमेशा बनी रहे।
चैन तीर्थ यात्रा का लाभ अपार हो,
अगले साल फिर आकर बोझ उठाओ।
अर्थ: हे विठोबा-रखुमाई, हमें अपनी कृपा की छाया दो। आपकी कृपा हमेशा आपके भक्तों पर बनी रहे। आपको सांखली यात्रा से बहुत लाभ हो और आप अगले साल फिर आकर आपके दर्शन करें। 💖 आशीर्वाद 🕊�🎊

इमोजी सारांश

🏖�🌅🛕 भीड़ 🕉�🎶🤝💖 🥁🚩🎉❤️ 🙏✨🤲😊 🗣�🎼🏛�🇮🇳 🎡🎠💡🍬 💖 आशीर्वाद 🕊�🎊

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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