📜 कविता: गणपति पंचायन जात्रा 🕉️ (वास्को - समदावाड़ा)-✨🎊🛕🙏 🐘💖🔱☀️ 🚶‍♀️🎶

Started by Atul Kaviraje, December 14, 2025, 09:18:49 PM

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Atul Kaviraje

गणपती पंचायतन अल्टू-समदावाडI वास्को जत्रा-गोवा-

नमस्ते! गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के दिन, 'गणपति पंचायन अल्टो-समदावाड़ा वास्को जात्रा-गोवा' टॉपिक पर, मैं भक्ति से भरी एक लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, सुंदर, मतलब वाली, सरल, सीधी, सीधी, मज़ेदार और तुकबंदी वाली, 7 श्लोक, हर श्लोक में 4 लाइनें (पाद और पद्य मिलाकर)।

📜  कविता: गणपति पंचायन जात्रा 🕉� (वास्को - समदावाड़ा)

श्लोक 1

वास्को शहर में आज उत्साह का माहौल है,
समदावाड़ा सजा है, भक्ति की चिंगारी लेकर।
गणपति पंचायन में, देवताओं का मेला,
मेला बड़ा था, भक्त भक्ति से आए थे।
मतलब: आज वास्को शहर में उत्साह का माहौल है। समदावाड़ा इलाका भक्ति से भर गया है। गणपति पंचायन (पांच देवताओं का समूह) के देवताओं का मेला यहां लगा है, और भक्त बड़े मेले के लिए भक्ति भाव से आए हैं।
✨🎊🛕🙏

कड़वे 2

गजानन का रूप, उसे वहां देखने से आंखें भर आती हैं,
भोले-भाले भक्तों की सारी मुश्किलें (रुकावटें) दूर हो जाती हैं।
शिव-शक्ति, सूर्य और विष्णु, अपने ध्यान के साथ,
एक ही जगह पर मिल जाते हैं, यही पांच देवताओं का ज्ञान है।
मतलब: गणपति (गजानन) का रूप देखने से आंखें संतुष्टि से भर जाती हैं। भोले-भाले भक्तों की सारी मुश्किलें (रुकावटें) दूर हो जाती हैं। शिव, शक्ति (देवी), सूर्य और विष्णु, गणपति के साथ एक ही जगह पर ध्यान करते हैं, जिससे इन पांच देवताओं का ज्ञान मिल जाता है। 🐘💖🔱☀️

कड़वे 3

देवताओं के दर्शन के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं,
मुखि नामस्मरण, कोई भ्रम नहीं।
दिंड्या, भजन, कीर्तन, यह भक्ति समारोह,
भगवान सचमुच गोवा की मिट्टी में अवतरित हुए हैं।
मतलब: देवताओं के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं। नाम के मौखिक उच्चारण के कारण उन्हें कोई जल्दी नहीं है। दिंड्या, भजन और कीर्तन के कारण यह पूरा समारोह भक्तिमय हो गया है। गोवा की धरती पर भगवान के साक्षात अवतार का अनुभव होता है।
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कड़वे 4

दक्षिण गोवा का सम्मान, समदवाड़ा का गौरव,
मेला संस्कृति की जान है।
यहां परंपरा को बचाए रखने की गारंटी है,
भक्ति और एकता का संदेश बहता है।
मतलब: यह मेला साउथ गोवा की शान और समदवाड़ा की शान है। मेला यहां के कल्चर की जान है। यहां ट्रेडिशन को बचाने की गारंटी दी जाती है और भक्ति और एकता का मैसेज हर जगह फैलता है।
🏛�🤝📢🇮🇳

कड़वे 5

मंदिर का दरवाज़ा नारियल के तोरणों से सजा था,
फूलों की माला, सड़े हुए चंदन का ढेर।
प्रसाद की खुशबू, दरवाल हर जगह थे,
भगवान को चढ़ावा था, मन को शांति मिली।
मतलब: मंदिर का दरवाज़ा नारियल के पत्तों के तोरणों से सजाया गया है। फूलों की माला और चंदन और परफ्यूम की खुशबू हर जगह फैल रही है। प्रसाद की खुशबू हर तरफ फैल रही है। भगवान को प्रसाद चढ़ाने के बाद मन को शांति मिलती है। 🥥🌼🕯�😌

कड़वे 6

बाज़ार के स्टॉल सजे हैं, छोटी-बड़ी दुकानें,
मेले में सब कुछ मिलता है, खेल, खाने-पीने के गाने।
बच्चों की हंसी, बड़ों का आशीर्वाद,
हर जगह फैली है, यह मीठी खुशी।

मतलब: मेला छोटी-बड़ी दुकानों (बाज़ार के स्टॉल) से सजा है। हर जगह खिलौने और खाने-पीने की चीज़ें मिलती हैं। बच्चों की हंसी और बड़ों का आशीर्वाद, इससे खुशी का मीठा पैगाम हर जगह फैल गया है।

🛍�🍭😊🥳

कड़वे 7

भगवान गणेश के दर्शन, जीवन को कला देते हैं,
ज्ञान, बुद्धि और शक्ति, ये इसकी कुंजियाँ हैं।
अगले साल, फिर आने की उम्मीद है,
चलो पाँच देवताओं की तारीफ़ की यह कहानी गाते हैं।

मतलब: गणपति के दर्शन जीवन को एक नई दिशा देते हैं। ज्ञान, बुद्धि और शक्ति उनकी मुख्य कलाएँ हैं। मेरी इच्छा है कि अगले साल फिर से इस मेले में आऊं। चलो, पांच देवताओं की तारीफ़ करते हुए भक्ति की यह कहानी गाते हैं।
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कविता का टाइटल

🐘 गणपति पंचायतन जात्रा: गोवा में पंचायतन फेस्टिवल 🕉�

शॉर्ट मीनिंग

यह कविता गोवा के वास्को के समदावाड़ा में होने वाले 'गणपति पंचायतन जात्रा' के बारे में बताती है। इस मेले में पांच मुख्य देवताओं गणपति, शिव, शक्ति, सूर्य और विष्णु की एक साथ पूजा की जाती है। भक्तों की भारी भीड़, भजन, कीर्तन और दिनद्या से माहौल भक्तिमय हो गया है। यह मेला सिर्फ़ धार्मिक ही नहीं, बल्कि गोवा की संस्कृति और एकता का भी प्रतीक है। भगवान के दर्शन से मन को शांति मिलती है और जीवन में ज्ञान और बुद्धि का प्रकाश आता है।

इमोजी समरी

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--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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