🌕 मार्गशीर्ष पूर्णिमा: दत्त महात्मा का उत्सव 🕉️🗓️✨🙏🔱 🌙🌌🕯️💖 📖🧘‍♂️💯 दा

Started by Atul Kaviraje, December 14, 2025, 09:20:21 PM

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Atul Kaviraje

मार्गशीर्ष पौर्णिमा-

नमस्ते! 'मार्गशीर्ष पूर्णिमा' के दिन, गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 को, मैं भक्ति से भरी, सुंदर, मतलब वाली, सरल, सीधी, ढीली, रसीली और तुकबंदी वाली एक लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, जिसमें 7 छंद हैं, हर छंद में 4 लाइनें हैं (पाद और पद्य मिलाकर)।

🌕 मार्गशीर्ष पूर्णिमा: दत्त महात्मा का उत्सव 🕉�

पहला छंद
मार्गशीर्ष महीना, आज एक खास पूर्णिमा है,
दत्त जयंती का उत्सव, पूरी खुशी से जियो।
चलो आज दत्त गुरु का ध्यान करते हैं,
त्रिगुणात्कं अवतार, इस लोगों को सुशोभित करो।
मतलब: आज मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा है, जो बहुत खास है। दत्त जयंती का उत्सव आज खुशी लेकर आया है। चलो आज अपने दिल में दत्तात्रेय का ध्यान करते हैं। ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों देवताओं के रूप वाले दत्तात्रेय का अवतार इस दुनिया में देखा जाता है। 🗓�✨🙏🔱

दूसरा कड़वा
चाँद की ठंडी छाया, आसमान,
दत्ता की भक्ति की लौ, दिल को रोशन करती है।
भक्त सुबह से नाम जप रहे हैं,
इस शुभ दिन के कारण, आत्मा का उद्धार होता है।
अर्थ: चाँद की शांत, ठंडी छाया पूरे आसमान में फैली हुई है। दत्तात्रेय की भक्ति की लौ भक्तों के दिलों में जल रही है। भक्त सुबह से नाम जप रहे हैं। इस शुभ दिन के कारण, आत्मा का उद्धार होता है। 🌙🌌🕯�💖

तीसरा कड़वा
आज हर घर में गुरुचरित्र का पाठ होता है,
इसमें दत्तात्रेय की लीलाओं का वर्णन है। ज्ञान, भक्ति, वैराग्य, गुरु की शिक्षा महान है,
शुक जीवन में आता है, मिथ्यात्व दूर होता है।
अर्थ: आज घर-घर में 'गुरुचरित्र' किताब पढ़ी जाती है, जिसमें दत्तात्रेय की अद्भुत लीलाओं का वर्णन है। ज्ञान, भक्ति और वैराग्य गुरु की महान शिक्षाएं हैं, जिन्हें मानने से जीवन में खुशियां आती हैं और सभी दुख दूर हो जाते हैं। 📖🧘�♂️ ज्ञान 😌

चौथा कड़वा
औदुंबर वृक्ष की छाया में दत्तगुरु का स्थान,
उनकी कृपा से मोक्ष और सम्मान मिलता है।
गुरुमौली का आशीर्वाद हमेशा बना रहे,
संस्कार के इस मार्ग पर, वे दिशा दिखाएं।
अर्थ: औदुंबर वृक्ष के नीचे दत्तात्रेय का निवास (स्थान) माना जाता है। उनकी कृपा से मोक्ष और सम्मान मिलता है। गुरु (मौली) का आशीर्वाद हमेशा हम पर बना रहे। वे हमें इस संसार के मार्ग पर सही दिशा दिखाएं। 🌳🙌🗺�🚩

पांचवां कड़वा
त्रिशूल, कमंडलु, झोली, गाय का स्नेह,
यह दत्तगुरु का रूप है, जो बहुत दुर्लभ है।
उनके माथे, उनके बालों पर राख का टीला सजता है,
इसे देखने से हमेशा के लिए धन और शांति मिलती है।
मतलब: त्रिशूल, कमंडलु, जोली और गाय दत्तात्रेय के रूप की खासियतें हैं, जिन्हें देखना बहुत दुर्लभ है। उनके माथे पर राख का टीला और सिर पर जटा सजी होती है। यह नज़ारा हमेशा मन को शांति देता है। त्रिशूल 🐮📿 शांति

छठा कड़वा
पुण्य का यह दिन, संस्कृति को बचाता है,
इस पूर्णिमा पर दान का बहुत महत्व है।
चलो गरीबों को खाना दान करें, इसे दिल से करें,
तब हमें दत्तात्रेय की कृपा का फायदा मिलेगा, और इसे नए सिरे से अनुभव करेंगे।
मतलब: यह पूर्णिमा का दिन हमारी संस्कृति को बचाता है। इस पूर्णिमा पर दान का बहुत महत्व है। आइए गरीबों को खाना दान करें, दिल से करें। इससे हमें दत्तात्रेय की कृपा मिलेगी और एक नया अच्छा अनुभव मिलेगा। 💯 दान 🍚💞

सातवां कड़वा
दत्त दिगंबर, आप मेरे भगवान हैं,
मैं भक्ति का यह बोझ आपके चरणों में रखता हूँ।
आने वाला साल शुभ और शांतिपूर्ण हो,
मार्गशीर्ष पूर्णिमा, त्योहार अंतहीन है।
अर्थ: हे दत्ता दिगंबर स्वामी, आप मेरे सहारे हैं। आपके चरणों में मैं अपनी भक्ति का बोझ अर्पित करता हूँ। आने वाला साल शुभ (शुभ) और शांतिपूर्ण हो। मार्गशीर्ष पूर्णिमा का यह त्योहार (त्योहार) अंतहीन (अटूट) है। ♾️🌟💖🎉

✨ कविता का सुंदर और सही टाइटल ✨
🌕 मार्गशीर्ष पूर्णिमा: दत्त महात्मा का त्योहार 🕉�

📜 कविता का छोटा मतलब 📜
यह कविता मार्गशीर्ष पूर्णिमा (दत्त जयंती) के दिन का महत्व बताती है। इस दिन, दत्तात्रेय (त्रिदेव) की पूजा और ध्यान किया जाता है। भक्त 'गुरुचरित्र' पढ़ते हैं और ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की दत्तगुरु की शिक्षाओं को याद करते हैं। औदुंबरा की छाया में रहने वाले दत्तात्रेय का रूप अलौकिक है। इस शुभ दिन पर दान के महत्व पर ज़ोर देते हुए, दत्तात्रेय ने प्रार्थना की है कि वह सभी को शांति और आशीर्वाद दें।

🌟 इमोजी समरी 🌟
🗓�✨🙏🔱 🌙🌌🕯�💖 📖🧘�♂️ समझदारी 😌 🌳🙌🗺�🚩 त्रिशूल 🐮📿 शांति 💯 दान 🍚💞 ♾️🌟💖🎉

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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