🔱 दत्त नवरात्रि समारोप: गुरुकृपेची पूर्णाहुति का समापन 🌕🗓️🙏✨💖 🌟📖🎤😊 🔥 भ

Started by Atul Kaviraje, December 14, 2025, 09:21:54 PM

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Atul Kaviraje

दत्त नवरात्री समारोप-

नमस्ते! 'दत्त नवरात्रि समारोप' के दिन, गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के लिए, मैं भक्ति से भरी, सुंदर, अर्थपूर्ण, सरल, सादी, सीधी, ढीली, रसीली और तुकबंदी वाली एक लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, जिसमें 7 दोहे हैं, हर दोहा 4 लाइनों का (पाद और पद्य मिलाकर) इस तरह है।

🔱 दत्त नवरात्रि समारोप: गुरुकृपेची पूर्णाहुति का समापन 🌕

पहला दोहा
आज दत्त नवरात्रि का आखिरी दिन है,
नवरात्रि का समारोह, भक्ति का माहौल।
आज पूर्णिमा होने के कारण, इस भक्ति की पूर्णता,
दत्त गुरु के चरणों में, समाहित हो पाई है।
अर्थ: आज दत्त नवरात्रि का आखिरी दिन है, जिसके कारण भक्ति का माहौल खत्म हो रहा है। चूँकि आज पूर्णिमा है, इसलिए यह भक्ति पूर्णता को प्राप्त कर चुकी है। आइए हम सब दत्त गुरु के चरणों में समाहित हो जाएँ। 🗓�🙏✨💖

दूसरा कड़वा
सात ऋषियों की साक्षी से, मैंने नौ दिन तक व्रत रखा,
विश्वास से गुरुचरित्र के अध्याय पढ़े।
दिगंबर दिगंबर, मुखी नाम है,
जीवन पाया है, यही सुख का धाम है।
अर्थ: सात ऋषियों की साक्षी से, मैंने नौ दिन तक व्रत और पूजा की। मैंने विश्वास से गुरुचरित्र के अध्याय पढ़े। मेरे होठों पर सिर्फ़ 'दिगंबर दिगंबर' नाम था। इसी भक्ति के कारण, जीवन को सुख का धाम मिला है। 🌟📖🎤😊

तीसरा कड़वा
आज, मैंने होम-हवन और पूर्णाहुति का सम्मान किया,
मैंने नौ दिन तक गुरु की महिमा का ध्यान किया।
मैंने त्रिगुण रूप को यह सेवा अर्पित की,
गुरुदेव हमें हमेशा अपनी कृपा में रखें। मतलब: आज होम-हवन (यज्ञ) और पूर्णाहुति का एक ज़रूरी अनुष्ठान है। नौ दिनों तक मैंने गुरु (दत्तात्रेय) की महिमा का ध्यान किया। यह सेवा ब्रह्मा, विष्णु, महेश के तीनों रूपों को अर्पित की गई है। गुरुदेव हमेशा हम पर अपनी कृपा बनाए रखें। 🔥 अर्पण 🔱🙌

चौथा कड़वा
नौ दिनों का पुण्य, आज बहुत अच्छा फल मिला है,
दत्तगुरु की कृपा से झूठ दूर हुआ है।
पॉजिटिव एनर्जी, शरीर को मिली है,
गुरु तत्व के सहारे, बहाव को रास्ता मिला है।
मतलब: नौ दिनों का जमा किया हुआ पुण्य आज बहुत अच्छा फल मिला है। दत्तगुरु की कृपा से सभी बुरी चीजें (झूठ/मुश्किलें) दूर हो गई हैं। शरीर को पॉजिटिव एनर्जी मिली है और गुरु तत्व (गुरु शक्ति) के सहारे, जीवन के बहाव को सही दिशा मिली है। 💯 एनर्जी 💡🗺�

पांचवीं कड़वी
आओ गुरु की आज्ञा लेकर प्रसाद बांटें,
सबको खुश रखें, और खुशियां बांटें।
जीवन में गुरु के बिना कोई दूसरा सहारा नहीं,
उनकी कृपा से ही जीवन बचेगा।
मतलब: आओ गुरु की आज्ञा लेकर प्रसाद बांटें। आओ हम सबको खुश रखें और खुशियां बांटें। जीवन में गुरु के अलावा कोई दूसरा सहारा नहीं। उनकी कृपा से ही जीवन बचेगा। 🤲🎁🤝💖

छठी कड़वी-मीठी
समापन समारोह के समय, मेरे मन में बस एक ही भावना है,
काश यह समारोह जल्द ही फिर से अनुभव हो।
गुरुमौली की छाया हम पर बनी रहे,
जीवन का अंधेरा जल्दी दूर हो।
मतलब: समापन समारोह के इस पल में, मेरे मन में बस एक ही इच्छा है, कि यह समारोह जल्द ही फिर से अनुभव हो। गुरुमौली (दत्त गुरु) की छाया हम पर हमेशा बनी रहे, जिससे जीवन का सारा अंधेरा जल्दी दूर हो जाए। 🕊� छाया 🌑🌞

सातवां खट्टा-मीठा
दत्त जयंती का दिन, और पूर्णिमा खास है,
भक्तों का दिल भर गया है, भक्ति की इच्छा पूरी हो गई है।
दत्त दिगंबर, स्वामी तुचा मेरे पिता हैं,
अगले साल फिर, मैं आपके चरणों में नहाऊंगा।
मतलब: यह दिन खास है क्योंकि दत्त जयंती और पूर्णिमा का दिन एक साथ है। भक्तों के दिलों में भक्ति की इच्छा पूरी हो गई है। हे दत्त दिगंबर स्वामी, आप हमारे माता-पिता (मायाबाप) हैं। चलो हम अगले साल फिर आपके दर्शन के लिए दौड़े चले आते हैं। 🌕🔱🚩🔚

✨ कविता का सुंदर और सही टाइटल ✨
🔱 दत्त नवरात्रि समारोप: गुरुकृपेची पूर्णाहुति का समापन 🌕

📜 कविता का छोटा मतलब 📜
यह कविता दत्त नवरात्रि के समापन और दत्त जयंती के महत्व को बताती है। सप्तर्षि की मौजूदगी में नौ दिनों तक गुरुचरित्र का पाठ करने और 'दिगंबर दिगंबर' का जाप करने के बाद, आज पूर्णिमा पर यह भक्ति पूरी हो रही है। होम-हवन और दान का महत्व बताते हुए बताया गया है कि दत्तगुरु की कृपा से पॉजिटिव एनर्जी और सही रास्ता मिला है। गुरुमौली के आशीर्वाद से जीवन का अंधेरा दूर होता है और अगले साल फिर से इस समारोह में शामिल होने की इच्छा जताई जाती है।

🌟 इमोजी समरी (इमोजी समरी) 🌟
🗓�🙏✨💖 🌟📖🎤😊 🔥 भेंट 🔱🙌 💯 ऊर्जा 💡🗺� 🤲🎁🤝💖 🕊� छाया 🌑🌞 🌕🔱🚩🔚

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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