🧘 कनीफनाथ वर्धापन दिन: भक्ति का मोशी-सोहला 🚩📍✨🎊🙏 🧘‍♂️🌟📜 ज्ञान 🛕🔔💧💖

Started by Atul Kaviraje, December 15, 2025, 06:58:48 PM

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Atul Kaviraje

कानिफनाथ मूर्ती वर्धापन दिन-गिलबिलेनगर, पिंपरी-चिंचवड मोशी, तालुका-हवेली, जिल्हा-पुणे-

नमस्ते! गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के दिन, 'कनीफनाथ मूर्ति वर्धापन दिन - गिलबिलेनगर, मोशी, पुणे' टॉपिक पर, मैं भक्ति से भरी, सुंदर, मतलब वाली, सरल, सीधी, ढीली, रसीली और तुकबंदी वाली, 7 लाइन वाली, हर लाइन में 4 लाइनें (पाद और पद्य मिलाकर) इस तरह से पेश कर रहा हूँ।

🧘 कनीफनाथ वर्धापन दिन: भक्ति का मोशी-सोहला 🚩

पहला लाइन
मोशी, पुणे में, पिंपरी-चिंचवड़ की शान,
गिलबिलेनगर आज, सारे रास्ते रोशन हैं।
कनीफनाथ महाराज की, आज की बरसी,
भक्ति का समारोह बड़ा है, खुशी से भरा है।
मतलब: पुणे जिले के मोशी, पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में आज बहुत रौनक है। गिलबिलेनगर आज पूरी तरह से रोशन है। क्योंकि आज कनिफनाथ महाराज की मूर्ति की सालगिरह है, इसलिए भक्ति का एक बड़ा त्योहार खुशी के साथ मनाया जा रहा है। 📍✨🎊🙏

दूसरा कड़वा
नवनाथों में कनिफनाथ की ख्याति,
योग शक्ति का तेज, उनके रूप पर।
उन्होंने गुरु परंपरा का सम्मान बनाए रखा,
उनकी कृपा से ही आध्यात्मिक ज्ञान मिलता है।
मतलब: नवनाथों में कनिफनाथ महाराज की बड़ी पहचान (ख्याति) है। उनके रूप में योग शक्ति का तेज है। उन्होंने गुरु परंपरा का सम्मान बनाए रखा। उनकी कृपा से ही आध्यात्मिक ज्ञान मिलता है। 🧘�♂️🌟📜 ज्ञान

तीसरा कड़वा
मंदिर का चरम, आसमान को सजाता है,
जयकारों से भरा, आज यह जगह।
मूर्ति पर खास दूधाभिषेक किया गया,
भक्तों का दिल भर आया, दर्शन से मन भर गया। मतलब: मंदिर की परछाई आसमान में सजी हुई दिख रही है। आज पूरे इलाके में 'खुशियां' छा गई हैं। मूर्ति पर खास तरीके से दूध का अभिषेक किया गया। भक्तों की दर्शन की इच्छा पूरी हुई। 🛕🔔💧💖

चौथा कड़वा
सालगिरह, यह त्योहार बड़ा है,
गांव-गांव से आते हैं, भक्तों को लेकर।
नारियल और फूल चढ़ाकर किया सम्मान,
गुरु के आशीर्वाद से जीवन में खुशहाली आती है।
मतलब: यह सालगिरह का त्योहार बड़ा है। दर्शन के लिए गांवों से भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। उन्होंने नारियल और फूल चढ़ाकर भगवान का सम्मान किया। गुरु के आशीर्वाद से जीवन अच्छा है। 👥🥥🌼🙌

पांचवां कड़वा
भजन, कीर्तन और प्रवचन, बिना रुके चलते रहें,
दत्तगुरु की भक्ति, यह नाथ की बगावत।
नाम का लगातार जाप, यही उनकी पूजा है,
उनके बताए रास्ते से बोझ हल्का हो जाता है।
मतलब: इस मंदिर में भजन, कीर्तन और प्रवचन बिना रुके चलते रहते हैं। दत्तगुरु की भक्ति इस नाथ का मुख्य सिद्धांत (विद्रोह) था। नाम का लगातार जाप ही उनकी सच्ची पूजा है। उनका रास्ता हमारे जीवन के बोझ को हल्का कर देता है। 🎶🎤🧘🕉�

छठी कड़वाहट
यहां सामाजिक एकता का संदेश मिलता है,
सभी जाति और धर्म, बंधन बनते हैं।
इंसानियत का धर्म, यही सच्चा न्याय है,
गुरु के सिद्धांत से जीवन का क्या होता है।
मतलब: इस समारोह से सामाजिक एकता का संदेश मिलता है। सभी जाति और धर्म के लोग प्यार के रिश्ते में एक साथ आते हैं। इंसानियत का धर्म ही सच्चा न्याय है। गुरु के सिद्धांत (गुरु की शक्ति) के आधार पर ही जीवन सफल होता है। 🤝 एकता 💖⚖️

सातवाँ कड़वा
कनीफनाथ, आपकी कृपा अटूट रहे,
आपके बिना, जीवन में, कोई और विभाजन नहीं है।
अगले साल, फिर से दर्शन के लिए आना,
मैं यह प्रसाद लूँगा, हम समारोह में मिलेंगे।
अर्थ: हे कनीफनाथ महाराज, आपकी कृपा हमेशा मुझ पर बनी रहे। आपके अलावा जीवन में कुछ और महत्वपूर्ण नहीं है। अगले साल, फिर से दर्शन के लिए आना। हम इस प्रसाद के साथ इस समारोह में मिलेंगे। आशीर्वाद 🌟 घर 🏡

✨ कविता का सुंदर और उपयुक्त शीर्षक ✨
🧘 कनीफनाथ वर्षगांठ: भक्ति के मोशी-सोहाला 🚩 (नवनाथों की विरासत)

📜 कविता का संक्षिप्त अर्थ 📜
यह कविता पुणे जिले के मोशी (गिलबिलेनगर) में कनीफनाथ महाराज की मूर्ति की वर्षगांठ के बारे में बताती है। कनीफनाथ नवनाथों में से एक है और योग शक्ति और गुरु परंपरा का प्रतीक है। इस समारोह में दूध अभिषेक किया जाता है और भक्तों की भारी भीड़ जमा होती है। लगातार भजन, कीर्तन और प्रवचन के ज़रिए भक्ति और नाम स्मरण का महत्व समझाया जाता है। यह मेला सामाजिक एकता और मानवता के धर्म को बनाए रखने की जगह है, जहाँ गुरु की कृपा से जीवन में खुशहाली आती है।

🌟 इमोजी समरी 🌟
📍✨🎊🙏 🧘�♂️🌟📜 ज्ञान 🛕🔔💧💖 👥🥥🌼🙌 🎶🎤🧘🕉� 🤝 एकता 💖⚖️ आशीर्वाद 🌟 घर 🏡

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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