🔱 श्री सिद्धेश्वर यात्रा: सलगरे का शिव महोत्सव 🚩📍🛕✨🙏 🔱💖😊😌 🐂🚩🎶🎤 💧🌿

Started by Atul Kaviraje, December 15, 2025, 07:00:38 PM

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Atul Kaviraje

श्री सिद्धेश्वर यात्रा-सलगारे, तालुका-मिरज-

नमस्ते! गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के दिन, 'श्री सिद्धेश्वर यात्रा-सलगरे, तालुका-मिरज' टॉपिक पर, मैं भक्ति से भरी, सुंदर, मतलब वाली, सरल, सीधी, सीधी, मज़ेदार और तुकबंदी वाली एक लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, जिसमें 7 श्लोक हैं, हर श्लोक में 4 लाइनें (पाद और पद्य मिलाकर) हैं।

🔱 श्री सिद्धेश्वर यात्रा: सलगरे का शिव महोत्सव 🚩

पहला श्लोक
सांगली ज़िले की शान, मिरज तालुका का हिस्सा,
सलगरे गाँव में आज भक्ति शुरू हो गई है।
सिद्धेश्वर महाराज की यात्रा पूरी हो गई है,
भगवान के दर्शन के लिए, बहुत बड़ी भीड़ (लोटी) जमा हो गई है।
मतलब: सांगली ज़िले और मिरज तालुका की शान सलगरे गाँव में है, जहाँ आज भक्ति शुरू हो गई है। श्री सिद्धेश्वर महाराज की भव्य यात्रा पूरी हो गई है। भगवान के दर्शन के लिए बहुत भीड़ (लोटी) जमा हो गई है। 📍🛕✨🙏

दूसरा कड़वा
सिद्धेश्वर का मतलब है, शिव शंकर का असली रूप,
भोले भाव से पूजा करने पर कई परेशानियां दूर हो जाती हैं।
आशीर्वाद देने वाले, ये भगवान दयालु हैं,
उनकी कृपा से मन शांत, प्रेममय और दयालु हो जाता है।
मतलब: श्री सिद्धेश्वर खुद भगवान शिव का रूप हैं। अगर आप भोले मन से उनकी पूजा (भजन) करते हैं, तो कई परेशानियां दूर हो जाती हैं। ये दयालु भगवान भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। उनकी कृपा से मन शांत, प्रेममय और दयालु हो जाता है। 🔱💖😊😌

तीसरा कड़वा
नंदी बैल सजा हुआ है, झंडे और पताकाएं लहरा रही हैं,
तुरही, शहनाई की आवाज, तीर्थ में कितनी गूंजती है। मृदुंग की धुन पर भजन बज रहे हैं,
सभी भक्त भगवान के नाम में लीन थे।
मतलब: नंदी बैल (शिव का वाहन) सजाया गया है, झंडा (झंडा) और पताकाएँ हवा में लहरा रही हैं। जुलूस में तुरही और शहनाई की आवाज़ खूब गूंज रही है। डफ और मृदुंग की थाप पर भजन गाए जा रहे हैं। सभी भक्त भगवान के नाम के स्मरण में डूबे हुए हैं। 🐂🚩🎶🎤

चौथा कड़वा
भगवान की मूर्ति पर आज विशेष अभिषेक किया जा रहा है,
बेलपत्र और फूल ले जाए जा रहे हैं, मनोकामनाएँ पूरी हों।
महाप्रसाद की कतार, आज बैठी बड़ी है,
सभी भक्त रोटी से भरी थाली से तृप्त थे।
मतलब: भगवान की मूर्ति पर आज विशेष अभिषेक किया जा रहा है। बेलपत्र और फूल चढ़ाकर भक्तों की मनोकामना पूरी करनी चाहिए। आज महाप्रसाद की एक बड़ी लाइन लगी है। सभी भक्त खाने की पूरी थाली पाकर संतुष्ट हैं। 💧🌿🍚🙌

पांचवां कड़वा
यात्रा पर, कुश्ती की एक बड़ी परंपरा है,
शारीरिक ताकत बनाए रखें, यही असली जोर है।
वीरता का तेज, यहां हमेशा दिखता है,
भगवान की कृपा से, प्रभु के कदमों में सफलता मिलती है।
मतलब: इस मेले में कुश्ती प्रतियोगिताओं की एक बड़ी परंपरा है। यहां इस बात पर जोर दिया जाता है कि शारीरिक ताकत बनाए रखी जाए। बहादुरी का तेज यहां हमेशा दिखता है। जीवन में सफलता भगवान की कृपा से ही मिलती है। 🤼�♂️💪🏅🌟

छठा कड़वा
सेवा का भाव, यहां हमेशा दिखता है,
गरीबों की मदद करना, सबको समझ में आता है। बराबरी की भावना, यहाँ बसी हुई है,
भगवान के दरवाज़े पर, कौन किससे मुकाबला कर रहा है, ये नहीं।
मतलब: इस यात्रा में हमेशा सेवा का भाव दिखता है। हर कोई गरीबों की मदद करना समझता है। बराबरी की भावना मन में बसी हुई है। भगवान के दरवाज़े पर कोई झगड़ा (मुकाबला) नहीं होता। 🤝❤️⚖️ एकता

सातवाँ कड़वा
सिद्धेश्वर, आपकी कृपा हमेशा हम पर बनी रहे,
जीवन के दुखों को, जल्दी दूर करो।
अगले साल, हम फिर इसी जगह मिलेंगे,
सालगारे त्योहार, मन में बाली।
मतलब: हे सिद्धेश्वर, आपकी कृपा हमेशा हम पर बनी रहे। जीवन के दुखों को, जल्दी दूर करो। चलो अगले साल, हम फिर इसी जगह मिलेंगे। सालगारे का यह त्योहार हमेशा हमारे मन में याद रहे। 🎁✨होम 🏡

✨ कविता का सुंदर और सही टाइटल ✨
🔱 श्री सिद्धेश्वर यात्रा: सालगरे का शिव-उत्सव 🚩 (भक्ति और शक्ति का संगम)

📜 कविता का छोटा मतलब 📜
यह कविता मिरज तालुका के सालगरे के श्री सिद्धेश्वर महाराज की तीर्थ यात्रा के बारे में बताती है। सिद्धेश्वर शिव शंकर का रूप हैं और आशीर्वाद देने वाले दयालु देवता हैं। यह त्योहार नंदी बैल, पताका, सनाई, ढोल और भजनों की आवाज़ के साथ मनाया जाता है। मूर्ति पर अभिषेक, महाप्रसाद बांटना और कुश्ती प्रतियोगिता इस तीर्थ यात्रा की खासियतें हैं। यह तीर्थ यात्रा भक्ति, शक्ति, सेवा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

🌟 इमोजी समरी (इमोजी समरी) 🌟
📍🛕✨🙏 🔱💖😊😌 🐂🚩🎶🎤 💧🌿🍚🙌 🤼�♂️💪🏅🌟 🤝❤️⚖️ यूनिटी 🎁✨होम 🏡

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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