🙏 बाबा एम. अरविकर पुण्यतिथि: माचनूर भक्ति का उत्सव 🕊️📍✨🙏💖 🕉️💡🕊️❤️ 🛕🎶📖

Started by Atul Kaviraje, December 15, 2025, 07:01:22 PM

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Atul Kaviraje

बाबा म.आर्विकर पुण्यतिथी-माचनूर, तालुका-मंगळवेढा-

नमस्ते! गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के दिन, 'बाबा एम. अरविकर पुण्यतिथि - माचनूर, तालुका-मंगलवेढ़ा' टॉपिक पर, मैं 7 छंदों की एक भक्तिपूर्ण, सुंदर, अर्थपूर्ण, सरल, सादा, सीधा, रसीला और तुकबंदी वाली, लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, हर छंद 4 लाइनों का (पाद और पद्य मिलाकर) इस तरह है।

🙏 बाबा एम. अरविकर पुण्यतिथि: माचनूर भक्ति का उत्सव 🕊�

पहला छंद
मंगलवेढ़ा की मिट्टी में, माचनूर गाँव का सम्मान,
आज पुण्यतिथि का दिन है, यादों का कदम।
बाबा एम. अरविकर, महान संत विभूति,
उनके चरणों में प्रण करो, आज महानता गाओ।
मतलब: मंगलवेढ़ा तालुका में माचनूर गाँव का एक खास सम्मान है। आज बाबा एम. अरविकर की पुण्यतिथि है, जो उनकी यादों (मेमोरीज़) का सोपान है। वे एक महान संत थे। आइए आज उनके चरणों में सिर झुकाकर उनकी महानता गाएँ। 📍✨🙏💖

दूसरा कड़वा-मीठा
मानो वे दत्तगुरु के अवतार थे, भक्तों को यह मिला,
ज्ञान, भक्ति और वैराग्य, दुनिया को समर्पित।
उनके दर्शन से दुख का अंधेरा दूर होता है,
जीवन को एक नई प्यारी रोशनी (लाइट) मिलती है।
अर्थ: वे भक्तों को ऐसे मिले जैसे वे दत्तगुरु के अवतार थे। उन्होंने दुनिया को ज्ञान, भक्ति और वैराग्य दिया। उनके दर्शन से दुख का अंधेरा दूर होता है और जीवन को एक नई प्यारी रोशनी (लाइट) मिलती है। 🕉�💡🕊�❤️

तीसरा कड़वा-मीठा
उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर समाधि सजाई गई,
भक्तों की घनी भीड़ भक्ति के रस में नहा उठी। परायण, भजन और कीर्तन गाए जाते हैं,
उनके विचारों की लौ, कभी न खत्म होने वाली लौ।
मतलब: बाबा की समाधि (मंदिर) को उनकी बरसी के मौके पर सजाया गया है। यहां भक्तों की भारी भीड़ जमा हुई है और वे भक्ति में डूबे हुए हैं। परायण, भजन और कीर्तन लगातार चल रहे हैं। उनके विचारों की लौ लगातार जल रही है। 🛕🎶📖🕯�

चौथी कड़वी
गुरुचरित्र की ओवी, मुखी नित्य गावस,
उनकी शिक्षाओं का महत्व, संभालकर रखना चाहिए।
सेवा और त्याग, शिक्षाएं महान हैं,
सादगी से रहते थे, झूठ को त्याग देते थे।
मतलब: 'गुरुचरित्र' की ओवी (कड़ी) हमेशा उनके होठों पर रहती थी। हमें उनकी शिक्षाओं का महत्व संभालकर रखना चाहिए। सेवा और त्याग की उनकी शिक्षा महान थी। उन्होंने सारे झूठ छोड़ दिए और सादा जीवन जिया। 🙏🙌 simple 💯

पांचवां कड़वा
उनके द्वारा कई शुभ काम किए गए,
गरीबों का दुख उन्होंने दूर किया, उसे हवा दी।
बराबरी का एहसास उन्होंने जगाया,
इंसानियत का आदर्श उन्होंने दुनिया में रखा।
मतलब: उनके द्वारा कई अच्छे काम किए गए। उन्होंने गरीबों का दुख दूर किया। उन्होंने मन में बराबरी का एहसास जगाया और दुनिया के सामने इंसानियत का आदर्श रखा। 🤝 दान 🌍❤️

छठा कड़वा
भक्त आज भी उनकी मौजूदगी महसूस करते हैं,
मुसीबत के समय उनकी शक्ति मदद के लिए दौड़ पड़ती है।
उनकी कृपा से रास्ता साफ हो जाता है,
सद्गुरु का नाम लेने से शांति मिलती है।
मतलब: भक्त आज भी उनकी शक्ति का अनुभव करते हैं। मुसीबत के समय उनकी शक्ति मदद के लिए दौड़ पड़ती है। उनकी कृपा से जीवन के सभी रास्ते आसान हो जाते हैं। सद्गुरु का नाम लेने से शांति मिलती है। 🌟 शक्ति 😌 पथ

सातवाँ कड़वा
आइए बाबा के चरणों में सिर झुकाएँ,
उनकी पुण्यतिथि के इस दिन,
आइए उनका आशीर्वाद लें।
आइए आपकी महानता का गुणगान करें, आपके नाम के रंग में रंग जाएँ,
आइए अपना अगला जीवन भक्ति के मार्ग पर जिएँ।
अर्थ: आइए बाबा के चरणों में सिर झुकाएँ। उनकी पुण्यतिथि के इस दिन,
आइए उनका आशीर्वाद लें। आइए उनकी महिमा का गुणगान करें और उनके नाम की याद से भर जाएँ। आइए अपना अगला जीवन भक्ति के मार्ग पर जिएँ। 🙇�♂️🎁💫🔚

✨ कविता का सुंदर और सही टाइटल ✨
🙏 बाबा एम. अरविकर पुण्य तिथि: माचनूर भक्ति का उत्सव 🕊�

📜 कविता का छोटा मतलब 📜
यह कविता मंगलवेढ़ा तालुका के माचनूर के सद्गुरु बाबा एम. अरविकर की पुण्य तिथि की महानता बताती है। उन्हें दत्त गुरु का अवतार माना जाता है, जिन्होंने ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की शिक्षा दी। पुण्य तिथि के मौके पर, भक्त समाधि स्थल पर इकट्ठा होते हैं और पारायण, भजन और कीर्तन करते हैं। उन्होंने सेवा, त्याग और समानता के मूल्यों को फैलाया। उनकी कृपा आज भी भक्तों को मुश्किलों से निकलने का रास्ता दिखाती है। इस दिन, उनके चरणों में सिर झुकाकर, भक्ति के रास्ते पर अगला जीवन जीने का संकल्प लिया जाता है।

🌟 इमोजी समरी (इमोजी समरी) 🌟
📍✨🙏💖 🕉�💡🕊�❤️ 🛕🎶📖🕯� 🙏🙌 सिंपल 💯 🤝 चैरिटी 🌍❤️ 🌟 पावर 😌 पाथ 🙇�♂️🎁💫🔚

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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