⛰️ श्री सिद्धेश्वर यात्रा: मांडवगण का शिव-त्योहार 🚩📍🛕✨🙏 🔱😌💖🏔️ 🚶‍♀️📣🥁

Started by Atul Kaviraje, December 15, 2025, 07:02:04 PM

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Atul Kaviraje

सिद्धेश्वर देवस्थान यात्रा-मांडवगण, तालुका-श्रीगोंदा-

नमस्ते! गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के दिन, 'सिद्धेश्वर देवस्थान यात्रा-मांडवगण, तालुका-श्रीगोंडा' टॉपिक पर, मैं भक्ति से भरी, सुंदर, मतलबी, सरल, सीधी, सीधी, रसीली और तुकबंदी वाली एक लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, जिसमें 7 श्लोक हैं, हर श्लोक में 4 लाइनें (पाद और पाद मिलाकर) हैं।

⛰️ श्री सिद्धेश्वर यात्रा: मांडवगण का शिव-त्योहार 🚩

पहला श्लोक
अहमदनगर जिले में, श्रीगोंडा तालुका का मान,
मांडवगण गाँव में, सिद्धेश्वर का स्थान।
आज पूर्णिमा का दिन है, यात्रा की शुरुआत,
भक्तों के दिलों में भक्ति का यह स्तंभ है।
अर्थ: अहमदनगर जिले के श्रीगोंडा तालुका के मांडवगण में सिद्धेश्वर का मंदिर है। आज पूर्णिमा के कारण यात्रा शुरू हो गई है। भक्तों के दिलों में भक्ति का आधार (स्तंभ) स्थापित हो गया है। 📍🛕✨🙏

दूसरा कड़वा
सिद्धेश्वर का मतलब है, खुद भगवान शिव का रूप,
उनकी कृपा भोले भक्तों पर बहुत ज़्यादा होती है।
जटाधारी शंकर, भस्म से सजे हुए,
उनके दर्शन से मन शांत होता है, सारे दुख दूर हो जाते हैं।
मतलब: श्री सिद्धेश्वर खुद भगवान शिव का रूप हैं। वे भोले भक्तों पर बहुत कृपा करते हैं। जटाधारी शंकर, शरीर पर भस्म से सजे हुए दिखाई देते हैं। उनके दर्शन से मन शांत होता है और सारे दुख दूर हो जाते हैं। 🔱😌💖🏔�

तीसरा कड़वा
भगवान के दर्शन के लिए, लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं,
जय भोले का नारा, लगातार है।
ढोल, ताशा और साना की आवाज़, चारों दिशाओं में गूंजती है,
सिद्धनाथ की कृपा से, मणि की आस पूरी होती है। अर्थ: भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। 'जय भोले' का नारा लगातार जारी है। ढोल, ताशे और शहनाई की आवाज़ हर तरफ़ गूंज रही है। सिद्धनाथ की कृपा से दिल की मुरादें पूरी होती हैं। 🚶�♀️📣🥁🎶

चौथा कड़वा
नंदी बैल सजे हुए हैं, उनके गले में घंटियों की माला है,
भक्त उनकी सेवा करने के लिए उत्सुक हैं।
महाप्रसाद की कतार, यहाँ विराजमान है,
शंकर की कृपा से, हर जगह आनंद फैल जाता है।
अर्थ: नंदी बैल (शिव का वाहन) सजे हुए हैं, उनके गले में घंटियों की माला है। भक्त उनकी सेवा करने के लिए उत्सुक हैं। महाप्रसाद की कतार यहाँ विराजमान है। शंकर की कृपा से, हर जगह आनंद फैल जाता है। 🐂🛎�🍚🎉

पांचवां कड़वा
यह यात्रा पर जाता है, पहलवान भी मुकाबला करते हैं,
पहलवानों की बहादुरी बड़ी होती है, इसी का नाम है।
शारीरिक ताकत और नैतिकता, यही धर्म का ज्ञान है,
भगवान की कृपा से मिलता है, इसी से जीवन मजबूत होता है।
मतलब: इस मेले में कुश्ती के मुकाबले भी होते हैं। पहलवानों की बहादुरी बहुत बड़ी होती है, यहीं उनकी पहचान (नाम) है। शारीरिक ताकत और नैतिकता से काम करना ही सच्चे धर्म का ज्ञान है। भगवान की कृपा से हमें सेहतमंद जीवन मिलता है। 🤼�♂️💪⚖️ सेहत

छठा कड़वा
भक्तों में सेवा की भावना दिखती है,
सबकी मदद करने की भावना हमेशा रहती है।
तीर्थयात्रा में सामाजिक एकता खास तौर पर मिलती है,
भगवान के दर पर कोई परेशानी नहीं।
मतलब: तीर्थयात्रियों में सेवा की भावना दिखती है। सबकी मदद करने की भावना हमेशा मन में रहती है। इस तीर्थयात्रा में सामाजिक एकता खास तौर पर मिलती है। भगवान के दर पर कोई परेशानी नहीं। 🤝❤️ एकता 💯

सातवां कड़वा
सिद्धेश्वर, आपका आशीर्वाद, हमेशा हम पर बना रहे,
आपकी कृपा से, सारे दुख दूर हो जाएं।
अगले साल, फिर से आना,
मांडवगन समारोह, हमारे मन में बना रहे।
मतलब: हे सिद्धेश्वर, आपका आशीर्वाद हमेशा हम पर बना रहे। आपकी कृपा से सारे दुख दूर हो जाएं। चलो अगले साल फिर से दर्शन के लिए आते हैं। मांडवगन का यह त्योहार हमारे दिलों में हमेशा बना रहे। 🎁🌟होम 🏡

✨ कविता का सुंदर और सही टाइटल ✨
⛰️ श्री सिद्धेश्वर यात्रा: मांडवगन का शिव महोत्सव 🚩 (भक्ति और शक्ति का आधार)

📜 कविता का छोटा मतलब 📜
यह कविता श्रीगोंडा तालुका के मांडवगन में श्री सिद्धेश्वर महाराज की तीर्थ यात्रा के बारे में बताती है। सिद्धेश्वर जटाधारी महादेव का रूप हैं और उनकी कृपा से भक्तों के दुख दूर होते हैं। यह यात्रा ढोल, सनाई और 'जय भोले' की धुन के साथ मनाई जाती है। नंदी की पूजा, महाप्रसाद बांटना और कुश्ती प्रतियोगिता इस त्योहार की खास बातें हैं। यह मेला भक्ति, बहादुरी और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जहां भगवान की कृपा से जीवन में खुशहाली आती है।

🌟 इमोजी समरी (इमोजी समरी) 🌟
📍🛕✨🙏 🔱😌💖🏔� 🚶�♀️📣🥁🎶 🐂🛎�🍚🎉 🤼�♂️💪⚖️ हेल्थ 🤝❤️ यूनिटी 💯 🎁🌟होम 🏡

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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