🚩 नृसिंहवाड़ी: श्री दत्त जयंती समारोह 🌊✨🙏 👑💖🎶🚩 🐮💧📖 बुद्धि 👣 त्रिशूल

Started by Atul Kaviraje, December 15, 2025, 07:02:42 PM

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Atul Kaviraje

श्री दत्त जयंती उत्सव-नृसिंहवाडी,तालुका-शिरोळ-

नमस्ते! गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के दिन, 'श्री दत्त जयंती उत्सव-नृसिंहवाड़ी, तालुका-शिरोल' टॉपिक पर, मैं 7 छंदों की एक भक्तिपूर्ण, सुंदर, अर्थपूर्ण, सरल, सादा, सीधा, सहज, रसीला और तुकबंदी वाली, लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, हर छंद 4 लाइनों का (पाद और पद्य सहित) इस प्रकार है।

🚩 नृसिंहवाड़ी: श्री दत्त जयंती समारोह 🌊

कृष्ण-पंचगंगे का पहला छंद
जहाँ संगम होता है,
शिरोल तालुका में, नृसिंहवाड़ी का निवास।
आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, दत्त जयंती स्पेशल,
दत्तगुरु के जन्म का, प्रकाश का अनुभव करें।
अर्थ: शिरोल तालुका में नृसिंहवाड़ी एक पवित्र स्थान है जहाँ कृष्णा और पंचगंगा नदियाँ मिलती हैं। आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा का खास दिन है, यानी दत्त जयंती, इस दिन आइए हम दत्त गुरु के जन्म की खुशी और रोशनी का अनुभव करें। 🌊 संगम ✨🙏

दूसरा कड़वा
दत्त गुरु की राजधानी, यह पवित्र भूमि महान है,
दत्त जयंती समारोह, नौ दिनों तक ज़ोर-शोर से जारी है।
आज समापन का क्षण है, भक्ति के इस मूल,
दिगंबर दिगंबर, नामे दूर होइ भधा।
मतलब: नृसिंहवाड़ी को दत्त गुरु की राजधानी माना जाता है। दत्त जयंती समारोह नौ दिनों तक बड़े उत्साह के साथ जारी है। आज समापन का क्षण है, भक्ति के इस मूल। 'दिगंबर दिगंबर' नाम का जाप करने से सभी परेशानियां (रुकावटें) दूर हो जाती हैं। 👑💖🎶🚩

तीसरा कड़वा
दत्त महाराज का रूप, कामधेनु गाय जैसा,
वे अपने भक्तों की इच्छाएँ पूरी करते हैं, उनकी कृपा का क्या कहना।
भक्त सुबह से नदियों में नहाते हैं,
गुरुचरित्र पढ़ते हैं, यही जीवन का ज्ञान है।
मतलब: दत्त महाराज का रूप कामधेनु गाय जैसा है, जो भक्तों की इच्छाएँ पूरी करती है। उनकी कृपा का महत्व बहुत है। भक्त सुबह से नदियों में नहाते हैं। गुरुचरित्र पढ़ते हैं, यही जीवन का सच्चा ज्ञान है। 🐮💧📖 ज्ञान

चौथा कड़वा
पादुकाओं के दर्शन, आज खास थे,
उनके चरणों में समर्पित होकर, अपनी इच्छाएँ पूरी करनी चाहिए।
झोली, त्रिशूल और डमरू, उनका रूप सुशोभित है,
माया के स्पर्श से, मन तुरंत शांत हो जाता है।
मतलब: दत्त गुरु की पादुकाओं के आज खास तरीके से दर्शन होते हैं। उनके चरणों में समर्पित होकर अपनी इच्छाएँ पूरी करनी चाहिए। झोली, त्रिशूल और डमरू उनके रूप को सुशोभित करते हैं। उनकी माया के स्पर्श से मन तुरंत शांत हो जाता है। 👣 त्रिशूल 😌🙌

पाँचवाँ कड़वा
दत्त दिगंबर, स्वामी, आप मेरे पिता और माता हैं,
आपकी कृपा के बिना, इस दुनिया में कोई माप नहीं है।
ज्ञान, बुद्धि और बल, आप हमें देते हैं,
अच्छे कर्मों की मिठास, हमारे मन पर लागू करें।
अर्थ: हे दत्त दिगंबर स्वामी, आप हमारे माता-पिता हैं। आपकी कृपा के अलावा, इस दुनिया में कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। आप हमें ज्ञान, बुद्धि और बल देते हैं। अच्छे कर्मों की मिठास (प्रेम) हमारे मन पर लागू करें। 🧠💪💖😇

छठा कड़वा
त्योहार मनाया जाता है, अन्न दान का हिस्सा,
सेवा का भाव, यही मूल है।
गरीबों की मदद करना, यही सच्चा धर्म है,
गुरु की आज्ञा का पालन करना, यही हमारा कर्म है।
मतलब: इस त्योहार में अन्न दान बांटा जाता है। सेवा का भाव ही इस काम का मूल है। गरीबों की मदद करना ही सच्चा धर्म है। गुरु की आज्ञा का पालन करना हमारा असली कर्तव्य है। 🍚 दान 🤝💯

सातवां कड़वा
पुण्य क्षेत्र नृसिंहवाड़ी, आप हमेशा शांत रहें,
दत्तगुरु की भक्ति अमर रहे।
अगले साल, दर्शन के लिए आएं,
आपकी कृपा बनी रहे, इस त्योहार को हम बचाकर रखें।
मतलब: यह पवित्र स्थान नृसिंहवाड़ी हमेशा शांत रहे। दत्तगुरु की भक्ति अखंड (अनंत) रहे। अगले साल फिर से दर्शन के लिए आएं। इस त्योहार के ज़रिए आपकी कृपा की इस विरासत (बचाकर रखें) को हम बचाकर रखें। ♾️🌟🏡🔚

✨ कविता का सुंदर और सही टाइटल ✨
🚩 नृसिंहवाड़ी: श्री दत्त जयंती सेलिब्रेशन 🌊 (गुरुचरित्र की राजधानी)

📜 कविता का छोटा मतलब 📜
यह कविता शिरोल तालुका के नृसिंहवाड़ी में दत्त जयंती फेस्टिवल के बारे में बताती है, जो कृष्ण-पंचगंगा के संगम पर है। यह नौ दिन का फेस्टिवल आज पूर्णिमा पर खत्म होता है। नृसिंहवाड़ी दत्त महाराज की 'राजधानी' है, जहाँ भक्त नदियों में नहाते हैं और 'गुरुचरित्र' पढ़ते हैं। दत्त गुरु का कामधेनु जैसा दयालु रूप भक्तों को बचाता है। भक्तों से मिलना, खाना देना और सेवा करना इस फेस्टिवल के मुख्य हिस्से हैं। यह फेस्टिवल ज्ञान, भक्ति और सेवा का महत्व सिखाता है।

🌟 इमोजी समरी 🌟
🌊 संगम ✨🙏 👑💖🎶🚩 🐮💧📖 बुद्धि 👣 त्रिशूल 😌🙌 🧠💪💖😇 🍚 दान 🤝💯 ♾️🌟🏡🔚

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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