🌻 दत्त जयंती उत्सव: शेनगांव की गुरु-महिमा 🚩📍🛕✨🙏 📖🎤🎶💖 🚶‍♀️🥁🎉😊 ✨😌👣

Started by Atul Kaviraje, December 15, 2025, 07:03:24 PM

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Atul Kaviraje

श्री दत्त जयंती उत्सव-शेणगाव,तालुका-भुदरगड-

नमस्ते! गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के दिन, 'श्री दत्त जयंती उत्सव-शेनगांव, तालुका-भूदरगड' टॉपिक पर, मैं भक्ति से भरी, सुंदर, मतलब वाली, सरल, सीधी, ढीली, रसीली और तुकबंदी वाली एक लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, 7 कड़वा, हर कड़वा 4 लाइनों का (पाद और पद्य मिलाकर) इस तरह है।

🌻 दत्त जयंती उत्सव: शेनगांव की गुरु-महिमा 🚩

पहला कड़वा
कोल्हापुर जिले में, भूदरगड तालुका का सम्मान,
शेनगांव शहर में, दत्त गुरु का स्थान।
आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, दत्त जयंती स्पेशल,
दत्त महाराज का त्योहार, आनंद में रहो।
मतलब: कोल्हापुर जिले के भूदरगड तालुका को शेनगांव जगह की वजह से खास सम्मान मिलता है, जहाँ दत्त गुरु का मंदिर है। आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, यानी दत्त जयंती का खास दिन, दत्त महाराज का त्योहार यहां खुशी से मनाया जा रहा है। 📍🛕✨🙏

दूसरा कड़वा
नवरात्रि के नौ दिन, भक्ति में डूबे रहे,
गुरुचरित्र का पाठ किया, दिन भर नामों का जाप किया।
दिगंबर दिगंबर, मुंह में अंतहीन जयकारे,
उनकी कृपा से, सभी दुख और दोष दूर हो गए।
अर्थ: दत्त नवरात्रि के नौ दिन भक्ति में डूबे रहे। गुरुचरित्र का पाठ किया और दिन भर नामों का जाप किया। मुंह में 'दिगंबर दिगंबर' के अंतहीन जयकारे थे। उनकी कृपा से, सभी दुख और दोष दूर हो गए। 📖🎤🎶💖

तीसरा कड़वा
पूरे गांव में जुलूस, पालकी की रस्में,
भक्तों की भीड़ के साथ, सभी रास्ते खुले थे। झांझ, डफली और मृदुंग, लय में बज रहे हैं,
गुरु के आने से इस गांव में खुशी है।
मतलब: गांव में दत्त गुरु की पालकी का जुलूस (उत्सव) शुरू हो गया है। भक्तों की भीड़ के कारण सड़क पर कोई और नहीं है। झांझ, डफली और मृदुंग लय में बज रहे हैं। गुरु (दत्तात्रेय) के आने से इस गांव में खुशी फैल गई है। 🚶�♀️🥁🎉😊

चौथा कड़वा
दत्त महाराज की मूर्ति, सुंदर श्रृंगार है,
शांत, प्रेममय और दयालु, मन जल्दी ही लालची हो जाता है।
पादुकाओं के दर्शन, आज भक्तों के लिए खास हैं,
उनके चरणों में लीन हो जाऊं, मन में यही इच्छा है।
मतलब: मंदिर में दत्त महाराज की मूर्ति बहुत सुंदर दिखती है। उनका शांत, प्रेममय और दयालु रूप देखकर मन तुरंत उनकी ओर आकर्षित हो जाता है। आज भक्तों को खास तौर पर पादुकाओं के दर्शन हो रहे हैं। मन में यही इच्छा है। ✨😌👣🙌

पांचवां कड़वा
भक्ति, ज्ञान और वैराग्य, यही गुरु का सार है,
उनके विचार जीवन का उद्धार करते हैं।
अच्छे कर्म और नैतिकता, रक्षा की शिक्षा,
इंसानियत का धर्म, मैं रखूंगा और याद रखूंगा।
मतलब: भक्ति, ज्ञान और वैराग्य गुरु की शिक्षाओं का मुख्य सार है। उनके विचारों पर चलने से जीवन बच जाता है। उन्होंने हमें अच्छे कर्म करना और नैतिक व्यवहार करना सिखाया। आइए हम हमेशा इंसानियत के धर्म को अपने दिल में रखें। 💡📜💖 सच

छठा कड़वा
आज पूर्णाहुति का दिन है, अन्न दान महान है,
गरीबों की मदद करना महान कर्तव्य है।
आइए हम सब सेवा की भावना से काम करें,
गुरु की कृपा से हमें खुशियों की हवाएं मिलेंगी। अर्थ: आज दत्त नवरात्रि की पूर्णाहुति का दिन है और बहुत ज़्यादा मात्रा में अन्नदान किया जाता है। गरीबों की मदद करना हमारा बहुत बड़ा फ़र्ज़ है। आइए हम अपने सभी काम सेवा की भावना से करें। गुरु की कृपा से हमें खुशी मिलेगी। 🍚 दान 🤝💯

सातवां कड़वा
दत्त दिगंबर, स्वामी, आप मेरे दोस्त हैं,
मैं आपके चरणों में प्रणाम करता हूँ, मुझे अब और दुख नहीं होगा।
अगले साल, हम इस त्योहार पर फिर मिलेंगे,
आपकी कृपा एक खज़ाना है, जीवन को कला दो।
अर्थ: हे दत्त दिगंबर स्वामी, आप मेरे दोस्त हैं। मैं आपके चरणों में प्रणाम करता हूँ, जिनकी वजह से दुख अब छोटा (कील) हो गया है। आइए हम अगले साल इस त्योहार पर फिर मिलेंगे। आपकी कृपा की विरासत जीवन को सही दिशा देती है। दोस्त 🌟 घर 🏡

✨ कविता का सुंदर और सही टाइटल ✨
🌻 दत्त जयंती उत्सव: शेंगाव की गुरु-महिमा 🚩 (भक्ति और ज्ञान का खजाना)

📜 कविता का छोटा मतलब 📜
यह कविता भूदरगढ़ तालुका के शेंगाव में दत्त जयंती उत्सव के बारे में बताती है। नौ दिन के दत्त नवरात्रि के बाद, पूर्णिमा पर उत्सव खत्म होता है। इस समय, 'गुरुचरित्र' पढ़ा जाता है, 'दिगंबर' मंत्र का जाप किया जाता है और पालकी जुलूस निकाला जाता है। दत्त महाराज का दयालु रूप और उनके जूतों के दर्शन भक्तों को शांति देते हैं। इस उत्सव के ज़रिए भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और सेवा की शिक्षा दी जाती है। खाना दान करने और अच्छे काम करने से गुरु की कृपा मिलती है, जिससे जीवन में खुशी और सही दिशा मिलती है।

🌟 इमोजी समरी 🌟
📍🛕✨🙏 📖🎤🎶💖 🚶�♀️🥁🎉😊 ✨😌👣🙌 💡📜💖 सच्चाई 🍚 दान 🤝💯 दोस्त 🌟 घर 🏡

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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