🌊 दत्त जयंती: वेरावली के गुरु-सागर 🌴 (रत्नागिरी)🌴📍🛕✨ 🌊📖🎶🙏 💡🌼🎉💖 ✨😌

Started by Atul Kaviraje, December 15, 2025, 07:04:03 PM

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Atul Kaviraje

श्री दत्त जयंती उत्सव-वेरावली-दुसरा-बुद्रुक, तालुका-लांजा, जिल्हा-रत्नागिरी-

नमस्ते! 'श्री दत्त जयंती उत्सव-वेरावली-दशहरा-बुद्रुक, तालुका-लांजा, जिला-रत्नागिरी' के दिन, 'श्री दत्त जयंती उत्सव-वेरावली-दशहरा-बुद्रुक, तालुका-लांजा, जिला-रत्नागिरी' टॉपिक पर, मैं 7 छंदों की एक भक्तिपूर्ण, सुंदर, अर्थपूर्ण, सरल, सादा, सीधा, रसीला और तुकबंदी वाली, लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, हर छंद 4 लाइनों का (पाद और पद्य सहित) इस प्रकार है।

🌊 दत्त जयंती: वेरावली के गुरु-सागर 🌴 (रत्नागिरी)

पहला छंद
रत्नागिरी जिला, लांजा तालुका का गौरव,
वेरावली-दशहरा-बुद्रुक, दत्त गुरु का स्थान।
आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, दत्त जयंती स्पेशल,
भक्ति के नौ दिन, पूरे हुए।
मतलब: रत्नागिरी जिले के लांजा तालुका की शान वेरावली-दुसरा-बुद्रुक गांव है, जहां दत्त गुरु का मंदिर है। आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा का खास दिन है, यानी दत्त जयंती, नौ दिनों की भक्ति का संकल्प आज पूरा हुआ है। 🌴📍🛕✨

दूसरा खट्टा-मीठा
कोंकण की इस धरती पर, भक्ति का त्योहार बड़ा है,
दत्त महाराज के चरणों में, बहुत सारे लोग लीन हो गए हैं।
गुरुचारी का पाठ, आज बिना रुके हो गया है,
दिगंबर दिगंबर, यह जाप बोलना आसान है।
मतलब: कोंकण के इस खूबसूरत इलाके में भक्ति का एक बड़ा त्योहार मनाया जा रहा है। दत्त महाराज के चरणों में बहुत सारे भक्त लीन (लोटा) हो गए हैं। गुरुचारी का पाठ आज बिना रुके हुआ। 'दिगंबर दिगंबर' का जाप मुंह से आसानी से निकल रहा है। 🌊📖🎶🙏

तीसरा कड़वा-मीठा
मंदिर पर रोशनी, फूलों की सजावट,
नारियल-सुपारी का तोरण, सुंदर रंग।
पालकी गांव से निकली, जयकारों के साथ,
भक्तों के दिल खुशी से भर गए, प्यार से भर गए।
मतलब: मंदिर को दीयों और फूलों से सजाया गया है। नारियल और पान के पत्तों का मेहराब बहुत सुंदर लग रहा है। पालकी गांव से जयकारों के बीच निकली है। भक्तों के दिल प्यार और खुशी से भर गए हैं। 💡🌼🎉💖

चौथा कड़वा-मीठा
दत्त महाराज का रूप बहुत आकर्षक (लालची) है।
उनकी माया की छाया जीवन को दिशा देती है।
उनके जूतों का दिखना ही सच्चा सहारा है,
यह हमें भव सागर से पार ले जाता है, और मोक्ष दिलाता है।
मतलब: दत्त महाराज का रूप बहुत आकर्षक (लालची) है। उनकी माया की छाया जीवन को दिशा (बोध) देती है। उनके जूतों का दिखना ही सच्चा सहारा है। यह हमें इस दुनिया (अस्तित्व के सागर) से पार ले जाता है। ✨😌👣🙌

पांचवां कड़वा-मीठा
दत्त दिगंबर, स्वामी, आप मेरे पिता हैं,
आप ही सभी पापों का नाश करने वाले हैं,
आप ही सभी पापों का नाश करने वाले हैं,
आपकी कृपा से अष्टांगिक मार्ग, नव धन मिलता है,
आपकी शिक्षाओं से मन को शांति मिलती है।

अर्थ: हे दत्त दिगंबर स्वामी, आप हमारे माता-पिता हैं। आप ज्ञान और बुद्धि देकर सभी पापों को दूर करते हैं। आपकी कृपा से अठारह सिद्धियां और नौ प्रकार की संपत्ति (नवनिधि) मिलती हैं। आपकी शिक्षाओं से मन को शांति मिलती है। 🧠💪🕉� शांति

छठा कड़वा
दास भाव, यहां धन की जड़ है,
अन्न दान, वस्त्र दान, अच्छे कर्मों का बीज।
आओ हम सब गरीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करें,
गुरु की कृपा से जीवन की यात्रा सफल होगी।

मतलब: इस त्योहार में सेवा का भाव मन में बसता है। खाना और कपड़े दान करना अच्छे कर्मों का बीज है। आओ हम सब गरीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करें। गुरु की कृपा से जीवन की यात्रा (वारी) सफल होगी। 🤝 दान 🍚💯

सातवां कड़वा
पुण्यतिथि और जयंती के अवसर पर, समारोह बड़ा है,
पथ के शीर्ष पर पूर्णिमा पर, यह क्षण मीठा है।
अगले साल, फिर से दर्शन को आएं,
दत्त महाराज की दौड़, इसे अपने दिल में रखें।

मतलब: दत्त महाराज की जयंती और पुण्यतिथि का यह त्योहार बड़ा है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा का यह क्षण बहुत मीठा है। चलो अगले साल फिर से दर्शन को आएं। चलो दत्त महाराज का नाम अपने दिल में रखें। 🔚🌟 होम 🏡

✨ कविता का सुंदर और सही टाइटल ✨
🌊 दत्त जयंती: वेरावली के गुरु-सागर 🌴 (रत्नागिरी की भक्ति)

📜 कविता का छोटा मतलब 📜
यह कविता रत्नागिरी ज़िले के लांजा तालुका में वेरावली-दूसरा-बुद्रुक में दत्त जयंती उत्सव के बारे में बताती है। कोंकण की धरती पर यह उत्सव नौ दिनों की भक्ति के बाद पूर्णिमा को खत्म होता है। मंदिर में रोशनी होती है, पालकी निकलती है और 'दिगंबर दिगंबर' का लगातार जाप होता है। दत्त महाराज का चमकदार रूप, पादुकाओं के दर्शन और गुरुचरित्र का पाठ भक्तों को ज्ञान, शांति और परेशानियों से मुक्ति देता है। सेवा और अन्नदान के महत्व पर ज़ोर देकर, यह माना जाता है कि गुरु की कृपा से जीवन बचता है।

🌟 इमोजी समरी 🌟
🌴📍🛕✨ 🌊📖🎶🙏 💡🌼🎉💖 ✨😌👣🙌 🧠💪🕉� शांति 🤝 चैरिटी 🍚💯 🔚🌟 घर 🏡

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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