⛰️ दत्त जयंती: बाजीरे क्षेत्र 🚩 (रायगढ़) का गुरु-नाद-📍🛕✨🙏 ⛰️😌🎶💖 📖👣✨🙌

Started by Atul Kaviraje, December 15, 2025, 07:04:46 PM

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Atul Kaviraje

श्री दत्त जयंती उत्सव-क्षेत्र बाजीरे, तालुका-पोलादपूर, जिल्हा-रायगड-

नमस्ते! गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के दिन, 'श्री दत्त जयंती महोत्सव-क्षेत्र बाजीरे, तालुका-पोलादपुर, जिला-रायगढ़' विषय पर, मैं भक्ति से भरी, सुंदर, अर्थपूर्ण, सरल, सादी, सीधी, रसीली और तुकबंदी वाली, 7 छंदों वाली एक लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, हर छंद में 4 लाइनें (पाद और पद्य मिलाकर) इस प्रकार हैं।

⛰️ दत्त जयंती: बाजीरे क्षेत्र 🚩 (रायगढ़) का गुरु-नाद

पहला छंद
रायगढ़ जिले का सम्मान, पोलादपुर तालुका का गौरव,
क्षेत्र बाजीरे में, दत्तगुरु का स्थान।
आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, दत्त जयंती महोत्सव,
नवरात्रि महोत्सव, भक्ति सब।
अर्थ: रायगढ़ जिले और पोलादपुर तालुका का गौरव बाजीरे में है, जहाँ दत्तगुरु का मंदिर है। आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, यानी दत्त जयंती का उत्सव। यह नौ दिन का उत्सव पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। 📍🛕✨🙏

दूसरा खट्टा-मीठा
सह्याद्रि पर्वत की गोद में, यह सुंदर मंदिर,
शांत और निर्मल, गुरु का आशीर्वाद महान है।
आज जयंती उत्सव है, भक्तों की भीड़ उमड़ी है,
दत्त दिगंबर के नाम पर, सारे दुख भुला दिए हैं।
अर्थ: यह सुंदर मंदिर सह्याद्रि पर्वत की गोद में स्थित है। यह जगह शांत और निर्मल है, और गुरु का आशीर्वाद यहाँ महान है। आज जयंती उत्सव है, भक्तों की एक बड़ी भीड़ उमड़ी है, जो 'दत्त दिगंबर' के नाम पर सारे दुख भुला दिए हैं। ⛰️😌🎶💖

तीसरा खट्टा-मीठा
गुरुचरित्र का पाठ, बिना रुके जारी रहा,
नौ दिनों की भक्ति के लिए, पुण्य पर इकट्ठा हुए। पादुकाओं के दर्शन, यही सच्चा खजाना है,
उनकी कृपा से आपको लाभ हो, खुशी का अनुभव नया हो।
मतलब: पवित्र ग्रंथ गुरुचरित्र का पाठ लगातार चल रहा है। नौ दिनों की भक्ति के कारण यहां बहुत पुण्य जमा हुआ है। दत्तगुरु की पादुकाओं के दर्शन ही सच्ची धरोहर (धारण) है। उनकी कृपा से खुशी का नया अनुभव मिलता है। 📖👣✨🙌

चौथा कड़वा
मंदिर में रोशनी, फूलों की सजावट,
नारियल-सुपारी का मेहराब, यह भक्ति का मार्ग।
पालकी की रस्म शुरू हो गई है, यह पूरे गांव में घूम चुकी है,
गुरु की कृपा से मन खुश हो गया है।
मतलब: मंदिर को दीयों से रोशन किया गया है और फूलों से सजाया गया है। नारियल-सुपारी का मेहराब भक्ति का मार्ग दिखाता है। गांव से पालकी की रस्म शुरू हो गई है। गुरु की कृपा से मन बार-बार खुश हो रहा है। 💡🌼🎉🎊

पांचवीं कड़वी बात
गुरु ने हमें ज्ञान, बुद्धि और शक्ति दी,
उन्होंने अज्ञानता की नींद दूर की।
सेवा और कर्म, यही जीवन का सार है,
उनकी शिक्षाओं से आत्मा का उद्धार होता है।
मतलब: दत्तगुरु की कृपा से हमें ज्ञान, बुद्धि और शक्ति मिलती है। उन्होंने अज्ञानता के अंधेरे को दूर किया। सेवा और अच्छे कर्म जीवन का मुख्य सार हैं। उनकी शिक्षाएं आत्मा का उद्धार करती हैं। 🧠💪📜 सच

छठी कड़वी बात
यहां खाना और कपड़े दान करना बहुत बड़ा धर्म है,
गरीबों की मदद करना हमारा कर्तव्य है।
यहां हमेशा समानता की भावना बनी रहती है,
दत्तगुरु की कृपा से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
मतलब: इस त्योहार में खाना और कपड़े दान करना बहुत बड़ा धर्म माना जाता है। गरीबों की मदद करना हमारा कर्तव्य है। यहां हमेशा समानता की भावना बनी रहती है। दत्तगुरु की कृपा से सभी परेशानियां शांत हो जाती हैं। 🍚 दान 🤝💯

सातवां कड़वा
दत्ता दिगंबर, स्वामी, तुम ही मेरा सहारा हो,
तुम्हारी कृपा के बिना, मैं इस दुनिया में नहीं हूँ।
हम अगले साल फिर मिलेंगे,
हम बाजीराव क्षेत्र की जीत, हर जगह दिलाएंगे।
मतलब: हे दत्ता दिगंबर स्वामी, तुम ही मेरा सहारा हो। तुम्हारी कृपा के बिना, इस दुनिया में कोई किनारा नहीं है। चलो अगले साल इस त्योहार में फिर मिलते हैं। चलो बाजीराव क्षेत्र को हर जगह मनाते हैं। ♾️🌟 होम 🏡

✨ कविता का सुंदर और सही टाइटल ✨
⛰️ दत्त जयंती: बाजीराव क्षेत्र का गुरु-नाद 🚩 (सह्याद्रियों में भक्ति)

📜 कविता का छोटा मतलब 📜
यह कविता रायगढ़ जिले के पोलादपुर तालुका के बाजीराव में दत्ता जयंती त्योहार के बारे में बताती है। सह्याद्रि की शांत गोद में बसा यह मंदिर दत्त नवरात्रि और पूर्णिमा के दौरान भक्तिमय हो जाता है। यहां गुरु की जीवनी का लगातार पाठ, पादुकाओं के दर्शन और 'दत्त दिगंबर' के नाम का जाप होता है। पालकी जुलूस और मंदिर की रोशनी खास आकर्षण हैं। गुरु की कृपा से ज्ञान, शक्ति और सेवा मिलती है, और अन्न दान और समानता के मूल्यों पर ज़ोर दिया जाता है।

🌟 इमोजी समरी (इमोजी समरी) 🌟
📍🛕✨🙏 ⛰️😌🎶💖 📖👣✨🙌 💡🌼🎉🎊 🧠💪📜 सत्य 🍚 दान 🤝💯 ♾️🌟 घर 🏡

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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