🚩 दत्तधाम टोकवाड़ी: गुरु-जन्माचा उत्सव 🕊️ (परली)📍🛕✨🙏 💖🎶🚩😌 📖🎤🧘💯 💡🌼

Started by Atul Kaviraje, December 15, 2025, 07:05:25 PM

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Atul Kaviraje

श्री दत्त जयंती उत्सव-दत्तधाम टोकवाडी,तालुका-परळी वैजनाथ-

नमस्ते! गुरुवार, 4 दिसंबर, 2025 के दिन, 'श्री दत्त जयंती उत्सव-दत्तधाम टोकवाड़ी, तालुका-परली वैजनाथ' टॉपिक पर, मैं भक्ति से भरी, सुंदर, मतलब वाली, सरल, सीधी, सीधी, मज़ेदार और तुकबंदी वाली एक लंबी मराठी कविता पेश कर रहा हूँ, जिसमें 7 श्लोक हैं, हर श्लोक में 4 लाइनें हैं (पाद और पद्य मिलाकर)।

🚩 दत्तधाम टोकवाड़ी: गुरु-जन्माचा उत्सव 🕊� (परली)

पहला श्लोक
बीड ज़िले का हिस्सा, परली तालुका की शान,
दत्तधाम टोकवाड़ी, गुरु का घर।
आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, दत्त जयंती का त्योहार है,
नवरात्रि का त्योहार है, सब भक्तिमय है।
मतलब: बीड ज़िले में परली तालुका की शान टोकवाड़ी में है, जहाँ दत्तगुरु का मंदिर है। आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, यानी दत्त जयंती का उत्सव। यह नौ दिन का उत्सव पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। 📍🛕✨🙏

दूसरा कड़वा
दत्तधाम टोकवाड़ी, भक्तों को सहारा देता है,
गुरु की कृपा से आत्मा का उद्धार होता है।
दिगंबर दिगंबर, नाम अक्षुण्ण रहता है,
इस पवित्र स्थान पर, सभी दुख समाप्त हो जाते हैं।
अर्थ: दत्तधाम टोकवाड़ी भक्तों को सहारा देता है। गुरु की कृपा से आत्मा को मुक्ति मिलती है। हम लगातार 'दिगंबर दिगंबर' नाम रख रहे हैं। इस पवित्र स्थान पर आने से, सभी दुख समाप्त हो जाते हैं। 💖🎶🚩😌

तीसरा कड़वा
नौ दिन का उपवास, आज पूरा हुआ,
गुरुचरित्र का पाठ किया, इसे रोज़ याद किया।
भजन, कीर्तन और प्रवचन, बिना रुके चलते रहें,
दत्तगुरु की भक्ति, यही सच्चा आयतन है।
मतलब: आज नौ दिन का व्रत पूरा हो गया है। हर दिन गुरुचरी पढ़ें और याद करें। भजन, कीर्तन और प्रवचन लगातार जारी हैं। दत्त गुरु की भक्ति ही जीवन का असली हिस्सा है। 📖🎤🧘💯

चौथा कड़वा
मंदिर रोशन है, फूलों की सुंदर माला है,
दत्त महाराज का रूप मनमोहक और विशाल है।
त्रिशूल, कमंडलु, कामधेनु गाय,
इसके दर्शन से जीवन में क्या होता है।
मतलब: मंदिर दीयों से रोशन है और फूलों की सुंदर माला है। दत्त महाराज का रूप बड़ा और आकर्षक है। त्रिशूल, कमंडलु और कामधेनु गाय उन्हें सुशोभित करते हुए दिखाई देते हैं। इसके दर्शन से जीवन को सही दिशा मिलती है। 💡🌼🔱🐮

पांचवां कड़वा
आज की पूर्णिमा, गुरु और शिष्य का मिलन,
भक्त खुश हैं, फूलों के खेत की तरह।
भक्त गुरु की पादुकाओं के दर्शन करते हैं,
उनके चरणों में लीन होकर, आत्म-बलिदान मांगते हैं।
मतलब: आज की पूर्णिमा गुरु और शिष्य के मिलन का दिन है। भक्तों के दिल में बहुत खुशी भर जाती है। भक्त गुरु की पादुकाओं के दर्शन करते हैं। उनके चरणों में झुककर खुद को समर्पित करने की इच्छा जताते हैं। 🌕🤝👣🙌

छठा कड़वा
सेवा और दान, यहां सबसे बड़ा कर्तव्य है,
गरीबों की मदद करना, यह सबसे बड़ा कर्तव्य है।
दत्त की कृपा से लाभ, खुशी का एक नया रास्ता,
यात्रा का आनंद बड़ा है, घाट भरा है।
मतलब: इस त्योहार में सेवा और दान बड़े पैमाने पर किया जाता है। गरीबों की मदद करना हमारा सबसे बड़ा फ़र्ज़ है। दत्त गुरु की कृपा से खुशी का नया रास्ता मिलता है। सफ़र का मज़ा बहुत बड़ा है। 🍚 दान 🎁😊

सातवां कड़वा
दत्त दिगंबर, स्वामी, आप हमारे पिता और माता हैं,
आपकी कृपा के बिना, जीवन में कोई सांस नहीं है।
अगले साल, फिर से दर्शन के लिए आना,
टोकवाड़ी का यह त्योहार, हमारे दिलों में बसा रहे।
मतलब: हे दत्त दिगंबर स्वामी, आप हमारे पिता और माता हैं। आपकी कृपा के बिना, जीवन में कोई सहारा (सांस) नहीं है। चलो अगले साल फिर से दर्शन के लिए आते हैं। टोकवाड़ी का यह त्योहार हमेशा हमारे मन में बसा रहे। होम 🌟 🏡🔚

✨ कविता का सुंदर और सही टाइटल ✨
🚩 दत्तधाम टोकवाड़ी: गुरु-जन्माचा उत्सव 🕊� (परलीचा दत्त-महिमा)

📜 कविता का छोटा मतलब 📜
यह कविता परली वैजनाथ तालुका के दत्तधाम टोकवाड़ी में दत्त जयंती उत्सव के बारे में बताती है। यह उत्सव नौ दिन की नवरात्रि के बाद पूर्णिमा को खत्म होता है। यहाँ, 'दत्त दिगंबर' का नाम-पुकार, गुरुचरित्र का पाठ और भजन-कीर्तन बिना रुके चलते रहते हैं। दत्तगुरु का मनमोहक रूप, पादुकाओं के दर्शन और कामधेनु जैसी कृपा भक्तों को शांति और सहारा देती है। इस उत्सव में सेवा, दान और गुरु की आज्ञा का पालन करने पर ज़ोर दिया जाता है।

🌟 इमोजी समरी (इमोजी समरी) 🌟
📍🛕✨🙏 💖🎶🚩😌 📖🎤🧘💯 💡🌼🔱🐮 🌕🤝👣🙌 🍚 चैरिटी 🎁😊 होम 🌟 🏡🔚

--अतुल परब
--दिनांक-04.12.2025-गुरुवार.
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