स्वामी विवेकानंद की शेर की पुकार 🦁🚀-2-🦁 🎯 💪 ⚔️ 💡 🚀👁️ 🌪️ 🛡️

Started by Atul Kaviraje, December 15, 2025, 08:38:23 PM

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Atul Kaviraje

स्वामी विवेकानंद के कोट्स-
कोट 17
पूरी बात का नतीजा यह है--मुझे हिम्मत वाले, साहसी, एडवेंचर पसंद लोग चाहिए जो मेरी मदद करें। नहीं तो मैं अकेले काम करूंगा। मुझे एक मिशन पूरा करना है। मैं इसे अकेले ही पूरा करूंगा। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन आता है या कौन जाता है।

आर्टिकल: स्वामी विवेकानंद की शेरों की पुकार 🦁🚀

6. ⏳ 'कौन आता है या कौन जाता है' इससे कोई फर्क नहीं पड़ता

6.1. डिटैचमेंट:
'मुझे परवाह नहीं' यह बात इमोशनल डिटैचमेंट दिखाती है।
उनका कमिटमेंट लोगों के लिए नहीं बल्कि लक्ष्य के लिए था।
6.2. दृढ़ता:
वह उन लोगों से निराश नहीं होना चाहते थे जो कुछ देर का जोश दिखाते थे और काम छोड़ देते थे।
6.3. समय का महत्व:
काम पूरा करने का समय कम होता है, इसलिए वह उन लोगों पर समय बर्बाद नहीं करना चाहते थे जो मदद करने के लिए तैयार नहीं थे। इमोजी: 🕰� 🧊 🧘

7. 🌊 ज़िंदगी में रिस्क लेने की अहमियत

7.1. सेफ़ रास्ता छोड़ना:
बड़ी कामयाबी पाने के लिए, सेफ़ और आसान रास्ता छोड़कर अनिश्चितता से भरा रास्ता अपनाना ज़रूरी है।

7.2. तरक्की का एक ज़रिया:
रिस्क लेना ही तरक्की और खुद को बेहतर बनाने का एकमात्र ज़रिया है। स्वामीजी अपने साथियों में भी यही नज़रिया चाहते थे।

7.3. कुछ न करने को नकारना:
स्वामीजी को कुछ न करने या मौजूदा हालात को पूरी तरह से नकारना था। वह एक डायनामिक और काम करने वाली टीम चाहते थे।

इमोजी: 🚢 🌊 🚀

8. 🧘 लीडरशिप की फ़िलॉसफ़ी

8.1. प्रेरणा देने वाली लीडरशिप:
यह कोट उनकी लीडरशिप क्वालिटीज़ को दिखाता है - वह साफ़ बोलने वाले, डिमांडिंग और बहुत मोटिवेट करने वाले थे।

8.2. उदाहरण से लीडरशिप:
स्वामीजी खुद बोल्ड, एडवेंचरस और गोल-ओरिएंटेड थे, इसलिए वे दूसरों से भी यही उम्मीद करते थे।
8.3. आखिरी लक्ष्य पर फोकस:
उन्होंने दिखाया कि लीडरशिप के लिए आखिरी लक्ष्य पर फोकस करना और लगातार उसकी ओर बढ़ना कितना ज़रूरी है।
इमोजी: 👑 🗣� 🧭

9. 🌐 ग्लोबल नज़रिया

9.1. युवाओं में विश्वास:
स्वामीजी को भारतीय युवाओं की क्षमता और ताकत पर बहुत विश्वास था, इसीलिए वे उनसे ऐसे गुणों की उम्मीद करते थे।
9.2. बदलाव का आह्वान:
यह कोट सिर्फ़ पर्सनल नहीं है, बल्कि सोशल और नेशनल बदलाव का आह्वान है।
9.3. एक नए युग की शुरुआत:
उन्हें ऐसे साथियों की ज़रूरत थी जो पुराने विचारों को पीछे छोड़कर एक नया, रोमांचक और प्रोग्रेसिव युग बना सकें। इमोजी: 🌏 🧑�🤝�🧑 🌅

10. 🌟 आज की ज़िंदगी में काम का

10.1. एंटरप्रेन्योरशिप के लिए ज़रूरी:
ये खूबियां आज भी उतनी ही ज़रूरी हैं जितनी बिज़नेस, स्टार्टअप और नई इंडस्ट्री में सफलता के लिए।

10.2. पर्सनल डेवलपमेंट:
पर्सनल ज़िंदगी में बड़ी तरक्की पाने के लिए रिस्क लेना और हिम्मत दिखाना ज़रूरी है।

10.3. चैलेंज स्वीकार करना:
स्वामीजी का यह विचार आज भी उन लोगों के लिए प्रेरणा का सोर्स है जो ज़िंदगी के चैलेंज स्वीकार करते हैं और उन्हें मौके मानते हैं।

इमोजी: 🏢 🌱 🏆

आर्टिकल समरी इमोजी: 🦁 🎯 💪 ⚔️ 💡 🚀

--संकलन
--अतुल परब
--दिनांक-13.12.2025-शनिवार.
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